2 इतिहास 14
नन्हे और पूर्व-विद्यालय बच्चे (आयु 3-6) के लिए व्याख्या और बाइबल कहानी
व्याख्या
एक राजा था। उसका नाम आसा था।
आसा अभी जवान था। पर वह राजा बन गया।
आसा परमेश्वर यहोवा से बहुत प्यार करता था।
देश में पुरानी मूरतें थीं। बुरी वेदियाँ थीं।
आसा ने उन्हें तोड़ दिया। एक भी नहीं बचाई।
उसने लोगों से कहा, "आओ, हम यहोवा को खोजें।"
और सुनो, क्या हुआ। देश में शांति आई।
बहुत चैन था। कोई लड़ाई नहीं।
आसा ने नए नगर बनाए। ऊँची दीवारें बनाई।
मजबूत फाटक बनाए, भारी बेड़ों वाले।
उसके पास सैनिक थे, बहुत सारे सैनिक।
ढाल लिए हुए, बरछी लिए हुए। तीन लाख यहूदी। दो लाख अस्सी हज़ार बिन्यामीनी।
सब शूरवीर थे।
इसका अर्थ क्या है?
पर एक दिन, कुछ हुआ।
दूर से धूल उठती दिखी। बहुत बड़ी धूल।
एक सेना आ रही थी। बहुत बड़ी सेना।
उसका सरदार था जेरह, कूशी देश से।
उसके पास दस लाख सैनिक थे। सोचो, कितने!
और तीन सौ रथ भी, घोड़ों के साथ।
आसा की सेना छोटी लगी। बहुत छोटी।
आसा डर सकता था। पर उसने कुछ और किया।
उसने ऊँचे स्वर में पुकारा, "हे यहोवा!"
"आप कमज़ोर की भी मदद करते हैं, जैसे ताकतवर की।"
"हमारी मदद करें, क्योंकि हमारा भरोसा आप पर है।"
तब क्या हुआ? सुनो ध्यान से।
यहोवा ने कूशियों को मारा। उनके सामने।
और वे भागे! बहुत तेज़ भागे।
आसा और उसके लोग उनके पीछे दौड़े, दूर तक।
जीत हो गई। बड़ी जीत।
भेड़ें मिलीं, बकरियाँ मिलीं, ऊँट मिले।
वे सब यरूशलेम को लौट आए, खुशी से।
समान सूत्र
आसा की सेना छोटी थी, दुश्मन की बहुत बड़ी।
पर आसा नहीं भूला, जीत हाथों से नहीं आती।
जीत यहोवा से आती है।
यीशु भी हमें यही सिखाते हैं।
हम छोटे हैं, कमज़ोर हैं।
पर परमेश्वर बड़े हैं। वे हमेशा सुनते हैं।
जब हम उन्हें पुकारते हैं, वे पास आते हैं।
आपके लिए
तुम भी कभी डरते हो?
अंधेरे कमरे से? या तेज़ आवाज़ से?
आसा जैसे बोल सकते हो, "यहोवा, मेरी मदद करें।"
बस इतना ही कहना है।
वे सुनते हैं, हर बार, तुम्हें भी।
बातचीत करें
जब बड़ी सेना आई, आसा ने क्या किया?
तुम कब परमेश्वर से मदद मांगते हो?
साथ में प्रार्थना
प्रिय परमेश्वर,
आपने आसा की मदद की।
मेरी भी मदद करें।
जब मैं डरूं, आप याद दिलाएं, आप मेरे पास हैं।
आमेन।
2 इतिहास 14 के बारे में प्रश्न
पहली बार इसके बारे में पढ़ने वाले हर किसी के लिए छोटे उत्तर।
2 इतिहास 14 किस विषय में है?
दूसरों ने क्या पाया
आसा ने पहले वेदियाँ और मूरतें तोड़ीं, फिर यहूदा से कहा कि "अपने पूर्वजों के परमेश्वर यहोवा की खोज करें, और व्यवस्था और आज्ञा को मानें।" खाली जगह बनाना काफी नहीं था, उसे भरना भी था। तूने जो आदत छोड़ी, जो रिश्ता तोड़ा, उसकी जगह अब क्या आया? खालीपन ज्यादा देर खाली नहीं रहता।
थोड़े बड़े बच्चों के लिए कुछ ढूँढ रहे हैं?
हमारे पास प्राथमिक आयु (7-12) और किशोरों (12 और उससे ऊपर) के लिए भी विशेष संस्करण हैं।
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