3 से 6 वर्ष के बच्चे के लिए

2 कुरिन्थियों 10

नन्हे और पूर्व-विद्यालय बच्चे (आयु 3-6) के लिए व्याख्या और बाइबल कहानी

बाइबल

व्याख्या

पौलुस नाम का एक आदमी था। वह यीशु के बारे में बताता था। पौलुस बहुत नम्र था। जब वह लोगों के पास होता, तो धीरे से बोलता। पर पौलुस के पास कुछ खास था। उसके पास हथियार थे।

ये हथियार तलवार नहीं थे। ये पत्थर भी नहीं थे। ये परमेश्वर के हथियार थे। बहुत मजबूत हथियार।

सोचो, एक ऊँची, मोटी दीवार है। बहुत बड़ी दीवार। कोई उसे तोड़ नहीं सकता। पर परमेश्वर के हथियार वह दीवार भी गिरा सकते हैं। पौलुस ने कहा, "हमारी लड़ाई के हथियार परमेश्वर के द्वारा सामर्थी हैं।"

इसका मतलब क्या है?

पौलुस की लड़ाई तलवार से नहीं थी। उसकी लड़ाई गलत विचारों से थी। जब कोई सोचता, "परमेश्वर की कोई ज़रूरत नहीं," तो वह एक ऊँची दीवार जैसा था। पौलुस उस दीवार को गिराना चाहता था। धीरे से, प्यार से, पर मज़बूती से।

कुछ लोगों ने पौलुस के बारे में बुरी बातें कही। उन्होंने कहा, "देखो, वह तो कमज़ोर दिखता है।" पौलुस दुखी हुआ। पर वह अपनी ताकत नहीं दिखाना चाहता था। वह चाहता था लोग यीशु को पहचानें।

समान सूत्र

पौलुस ने कहा, "जो घमण्ड करे, वह प्रभु पर घमण्ड करे।" यानी, अपनी बड़ाई मत करो। प्रभु की बड़ाई करो।

पौलुस अपने बल पर भरोसा नहीं करता था। वह प्रभु पर भरोसा करता था। जैसे एक छोटा बच्चा अपने पापा का हाथ पकड़ता है, वैसे ही पौलुस प्रभु का हाथ पकड़े रहता था। प्रभु ही उसे ताकत देते थे। प्रभु ही उसे मज़बूत हथियार देते थे।

तुम्हारे लिए

कभी-कभी तुम्हारे मन में भी कोई बुरा विचार आता है। जैसे, "मैं यह काम नहीं कर सकता," या "कोई मुझसे प्यार नहीं करता।" यह भी एक छोटी दीवार जैसा है।

तुम भी परमेश्वर से मदद माँग सकते हो। परमेश्वर तुम्हारी दीवार गिरा सकते हैं। वे तुम्हें बता सकते हैं, "मैं तुमसे प्यार करता हूँ।" यह सुनना कितना अच्छा लगता है, है ना?

आपस में बात करो

तुम्हारे मन में कभी कोई डरावना विचार आता है? कैसा?

क्या तुम परमेश्वर से कह सकते हो, "मुझे मज़बूत बनाओ"?

साथ में प्रार्थना

प्यारे परमेश्वर, आप बहुत मज़बूत हैं। जब मेरे मन में बुरे विचार आएँ, आप मुझे मदद करना। मुझे आप पर भरोसा करना सिखाना। आपको धन्यवाद। आमीन।

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2 कुरिन्थियों 10 के बारे में प्रश्न

पहली बार इसके बारे में पढ़ने वाले हर किसी के लिए छोटे उत्तर।

2 कुरिन्थियों 10 किस विषय में है?
पौलुस नाम का एक आदमी था। वह यीशु के बारे में बताता था। पौलुस बहुत नम्र था। जब वह लोगों के पास होता, तो धीरे से बोलता। पर पौलुस के पास कुछ खास था। उसके पास हथियार थे।
2 कुरिन्थियों 10 क्या कहता है?
सोचो, एक ऊँची, मोटी दीवार है। बहुत बड़ी दीवार। कोई उसे तोड़ नहीं सकता। पर परमेश्वर के हथियार वह दीवार भी गिरा सकते हैं। पौलुस ने कहा, "हमारी लड़ाई के हथियार परमेश्वर के द्वारा सामर्थी हैं।"
2 कुरिन्थियों 10 हमें परमेश्वर के बारे में क्या सिखाता है?
कुछ लोगों ने पौलुस के बारे में बुरी बातें कही। उन्होंने कहा, "देखो, वह तो कमज़ोर दिखता है।" पौलुस दुखी हुआ। पर वह अपनी ताकत नहीं दिखाना चाहता था। वह चाहता था लोग यीशु को पहचानें।
नन्हे बच्चे 2 कुरिन्थियों 10 से क्या सीख सकते हैं?
पौलुस अपने बल पर भरोसा नहीं करता था। वह प्रभु पर भरोसा करता था। जैसे एक छोटा बच्चा अपने पापा का हाथ पकड़ता है, वैसे ही पौलुस प्रभु का हाथ पकड़े रहता था। प्रभु ही उसे ताकत देते थे। प्रभु ही उसे मज़बूत हथियार देते थे।
2 कुरिन्थियों 10 एक महत्वपूर्ण बाइबल कहानी क्यों है?
तुम भी परमेश्वर से मदद माँग सकते हो। परमेश्वर तुम्हारी दीवार गिरा सकते हैं। वे तुम्हें बता सकते हैं, "मैं तुमसे प्यार करता हूँ।" यह सुनना कितना अच्छा लगता है, है ना?

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For parents and teachers: विशेष रूप से 3 से 6 वर्ष के बच्चों को ज़ोर से पढ़कर सुनाने के लिए लिखा गया। इसे अपने बच्चे के साथ बातचीत की शुरुआत के रूप में उपयोग करें, एकमात्र स्रोत के रूप में नहीं। This explanation is generated automatically by language models. While we strive for theological soundness, the software can make mistakes.

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