3 से 6 वर्ष के बच्चे के लिए

प्रेरितों के काम 16

नन्हे और पूर्व-विद्यालय बच्चे (आयु 3-6) के लिए व्याख्या और बाइबल कहानी

बाइबल

व्याख्या

रात हो गई थी। बहुत अँधेरी रात। जेल के अंदर पौलुस और सीलास बैठे थे। उनके पैरों में लकड़ी बंधी थी। बहुत दर्द हो रहा था। उन्हें बेंत से मारा गया था।

पर पौलुस और सीलास क्या कर रहे थे? वे गा रहे थे। हाँ, गा रहे थे। परमेश्वर के भजन गा रहे थे। बाकी कैदी सुन रहे थे। यह कितना अजीब था। दुख में भी गाना

फिर अचानक, धरती हिलने लगी। धड़ाम! एक बड़ा भूकंप आया। जेल की दीवारें हिलीं। सारे दरवाजे खुल गए। सबकी जंजीरें खुल गईं।

पहरेदार जाग उठा। उसने देखा दरवाजे खुले हैं। वह बहुत डर गया। उसने सोचा, सब कैदी भाग गए। वह अपनी तलवार निकालने लगा।

तभी पौलुस जोर से चिल्लाया, "अपने आपको कुछ हानि न पहुँचा! हम सब यहीं हैं।"

पहरेदार दीया लेकर अंदर आया। वह काँप रहा था। वह पौलुस और सीलास के आगे गिर पड़ा। उसने पूछा, "मैं क्या करूँ?"

पौलुस ने कहा, "प्रभु यीशु मसीह पर विश्वास कर।"

इसका क्या मतलब है?

पहरेदार उस रात बदल गया। उसने पौलुस और सीलास के घाव धोए। उसने उन्हें अपने घर ले गया। उन्हें खाना खिलाया। उसका पूरा घराना खुश हुआ, क्योंकि उन्होंने परमेश्वर पर विश्वास किया।

सोचो, पहरेदार पहले उनका दुश्मन था। उसने उन्हें जेल में बंद किया था। पर परमेश्वर ने सब कुछ बदल दिया। दुख की रात, खुशी की रात बन गई।

समान सूत्र

पौलुस और सीलास दुख में भी गाते रहे। क्यों? क्योंकि वे जानते थे, प्रभु यीशु उनके साथ हैं। यीशु ने भी दुख सहा था। पर वे मरे नहीं रहे। वे फिर से जी उठे। इसलिए पौलुस दुख में भी गा सकता था। यीशु हमेशा साथ रहते हैं, चाहे रात कितनी भी अँधेरी क्यों न हो।

तुम्हारे लिए

कभी तुम भी डरते हो? अँधेरे में, या जब चोट लगती है? पौलुस ने उस रात गाना गाया। तुम भी परमेश्वर से बात कर सकते हो, जब तुम्हें डर लगे। वे तुम्हें सुनते हैं, चाहे रात हो या दिन।

बातचीत के लिए:

पौलुस और सीलास जेल में गाना क्यों गा रहे थे?

पहरेदार इतना डर क्यों गया था?

साथ में प्रार्थना

हे प्रभु यीशु, धन्यवाद, कि आप हमेशा हमारे साथ हैं। जब हम डरें, तो हमें याद दिलाइए, कि आप हमें कभी नहीं छोड़ते। आमीन।

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प्रेरितों के काम 16 के बारे में प्रश्न

पहली बार इसके बारे में पढ़ने वाले हर किसी के लिए छोटे उत्तर।

प्रेरितों के काम 16 किस विषय में है?
रात हो गई थी। बहुत अँधेरी रात। जेल के अंदर पौलुस और सीलास बैठे थे। उनके पैरों में लकड़ी बंधी थी। बहुत दर्द हो रहा था। उन्हें बेंत से मारा गया था।
प्रेरितों के काम 16 क्या कहता है?
फिर अचानक, धरती हिलने लगी। धड़ाम! एक बड़ा भूकंप आया। जेल की दीवारें हिलीं। सारे दरवाजे खुल गए। सबकी जंजीरें खुल गईं।
प्रेरितों के काम 16 हमें परमेश्वर के बारे में क्या सिखाता है?
तभी पौलुस जोर से चिल्लाया, "अपने आपको कुछ हानि न पहुँचा! हम सब यहीं हैं।"
नन्हे बच्चे प्रेरितों के काम 16 से क्या सीख सकते हैं?
पहरेदार उस रात बदल गया। उसने पौलुस और सीलास के घाव धोए। उसने उन्हें अपने घर ले गया। उन्हें खाना खिलाया। उसका पूरा घराना खुश हुआ, क्योंकि उन्होंने परमेश्वर पर विश्वास किया।
प्रेरितों के काम 16 एक महत्वपूर्ण बाइबल कहानी क्यों है?
पौलुस और सीलास दुख में भी गाते रहे। क्यों? क्योंकि वे जानते थे, प्रभु यीशु उनके साथ हैं। यीशु ने भी दुख सहा था। पर वे मरे नहीं रहे। वे फिर से जी उठे। इसलिए पौलुस दुख में भी गा सकता था। यीशु हमेशा साथ रहते हैं, चाहे रात कितनी भी अँधेरी क्यों न हो।

दूसरों ने क्या पाया

अंतर्दृष्टि संपादकीय पर पद 28

दरवाज़े खुले थे, बेड़ियाँ खुल चुकी थीं, पर पौलुस भागा नहीं। अंधेरे में उसने दारोगा की आत्महत्या की तैयारी को भाँप लिया और चिल्लाया, "अपने आपको कुछ हानि न पहुँचा, क्योंकि हम सब यहीं हैं।" उसने अपनी आज़ादी से ज़्यादा उस आदमी की जान को कीमती समझा जिसने उसे पीटकर बंदी बनाया था। तेरी आज़ादी किसके काम आ रही है?

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For parents and teachers: विशेष रूप से 3 से 6 वर्ष के बच्चों को ज़ोर से पढ़कर सुनाने के लिए लिखा गया। इसे अपने बच्चे के साथ बातचीत की शुरुआत के रूप में उपयोग करें, एकमात्र स्रोत के रूप में नहीं। This explanation is generated automatically by language models. While we strive for theological soundness, the software can make mistakes.

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