3 से 6 वर्ष के बच्चे के लिए

व्यवस्थाविवरण 8

नन्हे और पूर्व-विद्यालय बच्चे (आयु 3-6) के लिए व्याख्या और बाइबल कहानी

बाइबल

व्यवस्थाविवरण अध्याय 8

समझाइए

बहुत साल पहले की बात है। परमेश्वर के लोग रेगिस्तान में चल रहे थे। बहुत गरम रेत थी। चारों तरफ सिर्फ पत्थर और धूल थी।

वे चालीस साल चले। इतने लंबे समय तक। पर उनके कपड़े नहीं फटे। उनके पाँव नहीं सूजे। कितना अच्छा था ना?

एक दिन उन्हें भूख लगी। बहुत भूख। तब क्या हुआ? आसमान से छोटी छोटी चीज़ें गिरने लगीं। सफेद, मीठी, नई चीज़। उसका नाम था मन्ना। उन्होंने कभी ऐसा खाना नहीं देखा था। परमेश्वर ने उन्हें खिलाया।

इसका मतलब क्या है?

परमेश्वर जानते थे कि उनके लोग भूखे हैं। वे यह दिखाना चाहते थे, रोटी ही सब कुछ नहीं है। परमेश्वर का वचन भी ज़रूरी है, जैसे रोटी ज़रूरी है।

फिर परमेश्वर ने कहा, आगे एक अच्छा देश है। उस देश में नदियाँ बहती हैं। पहाड़ों से पानी निकलता है। अंगूर हैं, अंजीर हैं, मधु है। वहाँ कभी भूख नहीं लगेगी।

पर परमेश्वर ने कुछ और भी कहा। उन्होंने कहा, जब तुम्हारा पेट भर जाए, जब तुम्हारे घर सुंदर बन जाएँ, जब तुम्हारी भेड़ें और गाय बहुत हो जाएँ, तब भूल मत जाना। भूल मत जाना कि यह सब परमेश्वर ने दिया है।

एक ही कहानी की कड़ी

परमेश्वर अपने बच्चों से प्यार करते थे, जैसे एक पिता अपने बेटे को प्यार करता है। वे कहते हैं, जैसे कोई पिता अपने बेटे को सिखाता है, वैसे ही मैं तुम्हें सिखाता हूँ।

बहुत बाद में, यीशु भी रेगिस्तान में गए। वे भी भूखे थे। किसी ने उनसे कहा, सिर्फ रोटी खा लो। पर यीशु ने कहा, मनुष्य केवल रोटी से नहीं जीवित रहता। यही शब्द यीशु ने बोले, जो मन्ना की कहानी में भी थे। यीशु को परमेश्वर का वचन सबसे प्यारा था।

तुम्हारे लिए

क्या तुम्हें पता है, आज सुबह तुम्हें कौन खाना खिलाया? माँ ने बनाया, पर खाना परमेश्वर ने दिया। जैसे मन्ना आसमान से गिरा, वैसे ही हर रोटी परमेश्वर से आती है।

जब तुम्हारा पेट भरा हो, और तुम खुश होकर खेल रहे हो, तब भी परमेश्वर को याद रखना। वे ही हैं जो हर दिन तुम्हें प्यार करते हैं।

बात करें

जब तुम्हें बहुत भूख लगती है, तब कौन तुम्हें खाना देता है?

परमेश्वर ने रेगिस्तान में अपने लोगों को क्या खिलाया?

साथ में प्रार्थना

प्रिय परमेश्वर, आप हमें रोज़ खाना देते हैं। धन्यवाद, पिता। हमें आपको कभी न भूलने दें। आमीन।

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व्यवस्थाविवरण 8 के बारे में प्रश्न

पहली बार इसके बारे में पढ़ने वाले हर किसी के लिए छोटे उत्तर।

व्यवस्थाविवरण 8 किस विषय में है?
बहुत साल पहले की बात है। परमेश्वर के लोग रेगिस्तान में चल रहे थे। बहुत गरम रेत थी। चारों तरफ सिर्फ पत्थर और धूल थी।
व्यवस्थाविवरण 8 क्या कहता है?
एक दिन उन्हें भूख लगी। बहुत भूख। तब क्या हुआ? आसमान से छोटी छोटी चीज़ें गिरने लगीं। सफेद, मीठी, नई चीज़। उसका नाम था मन्ना। उन्होंने कभी ऐसा खाना नहीं देखा था। परमेश्वर ने उन्हें खिलाया।
व्यवस्थाविवरण 8 हमें परमेश्वर के बारे में क्या सिखाता है?
फिर परमेश्वर ने कहा, आगे एक अच्छा देश है। उस देश में नदियाँ बहती हैं। पहाड़ों से पानी निकलता है। अंगूर हैं, अंजीर हैं, मधु है। वहाँ कभी भूख नहीं लगेगी।
नन्हे बच्चे व्यवस्थाविवरण 8 से क्या सीख सकते हैं?
परमेश्वर अपने बच्चों से प्यार करते थे, जैसे एक पिता अपने बेटे को प्यार करता है। वे कहते हैं, जैसे कोई पिता अपने बेटे को सिखाता है, वैसे ही मैं तुम्हें सिखाता हूँ।
व्यवस्थाविवरण 8 एक महत्वपूर्ण बाइबल कहानी क्यों है?
क्या तुम्हें पता है, आज सुबह तुम्हें कौन खाना खिलाया? माँ ने बनाया, पर खाना परमेश्वर ने दिया। जैसे मन्ना आसमान से गिरा, वैसे ही हर रोटी परमेश्वर से आती है।

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For parents and teachers: विशेष रूप से 3 से 6 वर्ष के बच्चों को ज़ोर से पढ़कर सुनाने के लिए लिखा गया। इसे अपने बच्चे के साथ बातचीत की शुरुआत के रूप में उपयोग करें, एकमात्र स्रोत के रूप में नहीं। This explanation is generated automatically by language models. While we strive for theological soundness, the software can make mistakes.

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