3 से 5 वर्ष के बच्चे के लिए

उत्पत्ति 6

छोटे बच्चे और प्री स्कूल (3 से 5 वर्ष) के लिए व्याख्या और बाइबल कहानी

बाइबल

समझाना

बहुत समय पहले, बहुत सारे लोग पृथ्वी पर रहते थे। बहुत सारे। पर एक बात बहुत उदास कर देने वाली थी। लोगों के मन में बुरे विचार ही आते थे। सुबह भी, शाम भी। हर दिन।

परमेश्वर ने पृथ्वी की ओर देखा। उन्होंने सब कुछ देखा। और वे बहुत दुखी हुए। बहुत दुखी। उनका मन भारी हो गया।

पर एक आदमी था, जो अलग था। उसका नाम था नूह। नूह परमेश्वर के साथ चलता था। जैसे एक बच्चा अपने पिता का हाथ पकड़कर चलता है। नूह अच्छा था। नूह भला था।

परमेश्वर ने नूह से बात की। धीरे से, पर साफ साफ। परमेश्वर ने कहा, "नूह, मैं एक बड़ी नाव बनवाना चाहता हूँ।"

इसका मतलब क्या है

सोचो, कितनी बड़ी नाव! लकड़ी की, मजबूत लकड़ी की। अंदर कोठरियाँ, बाहर राल लगी हुई, चमकती हुई। परमेश्वर ने नूह को हर बात बताई। कितनी लम्बी, कितनी चौड़ी, कितनी ऊँची। एक खिड़की भी, और एक दरवाज़ा भी।

परमेश्वर ने कहा, "पानी आएगा। बहुत सारा पानी। पर तुम नाव में सुरक्षित रहोगे।"

नूह को डर नहीं लगा। क्यों? क्योंकि परमेश्वर ने उससे वादा किया था। परमेश्वर ने कहा, "मैं तेरे साथ एक वाचा बाँधता हूँ।" यानी, "मैं तुझे नहीं भूलूँगा।"

नूह को अपने बेटों को भी साथ लाना था। अपनी पत्नी को भी। और जानवरों को भी! हर तरह के दो दो, एक नर और एक मादा। पक्षी, पशु, छोटे छोटे रेंगने वाले जीव भी। सब नाव में आएँगे।

और खाना भी इकट्ठा करना था। बहुत सारा खाना, नाव में रखने के लिए।

एक ही कहानी की लड़ी

परमेश्वर ने नूह से जो वादा किया, वह बहुत बड़ा वादा था। परमेश्वर हमेशा अपने वादे निभाते हैं। बहुत बाद में, परमेश्वर ने एक और वादा किया। उन्होंने अपने बेटे यीशु मसीह को भेजा, ताकि हर कोई सुरक्षित रह सके। जैसे नाव नूह को सुरक्षित रखने वाली थी, वैसे ही यीशु हमें अपने पास सुरक्षित रखते हैं।

तुम्हारे लिए

नूह ने क्या किया? वचन में लिखा है, "परमेश्वर की इस आज्ञा के अनुसार नूह ने किया।" उसने वैसे ही किया, जैसे परमेश्वर ने कहा था। कोई बहाना नहीं। कोई देर नहीं।

जब परमेश्वर तुमसे कुछ कहते हैं, तुम भी वैसा ही कर सकते हो। धीरे धीरे, जैसे नूह ने किया।

बातचीत के लिए

नूह ने नाव क्यों बनाई? परमेश्वर ने नूह को क्या वादा किया?

साथ में प्रार्थना

प्रिय परमेश्वर, आपने नूह से बात की। आप मुझसे भी बात करते हैं। मुझे भी नूह जैसा बनाइए, जो आपकी सुनता है। आमीन।

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उत्पत्ति 6 के बारे में प्रश्न

पहली बार इसके बारे में पढ़ने वाले हर किसी के लिए छोटे उत्तर।

उत्पत्ति 6 किस विषय में है?
बहुत समय पहले, बहुत सारे लोग पृथ्वी पर रहते थे। बहुत सारे। पर एक बात बहुत उदास कर देने वाली थी। लोगों के मन में बुरे विचार ही आते थे। सुबह भी, शाम भी। हर दिन।
उत्पत्ति 6 क्या कहता है?
परमेश्वर ने नूह से बात की। धीरे से, पर साफ साफ। परमेश्वर ने कहा, "नूह, मैं एक बड़ी नाव बनवाना चाहता हूँ।"
उत्पत्ति 6 हमें परमेश्वर के बारे में क्या सिखाता है?
नूह को डर नहीं लगा। क्यों? क्योंकि परमेश्वर ने उससे वादा किया था। परमेश्वर ने कहा, "मैं तेरे साथ एक वाचा बाँधता हूँ।" यानी, "मैं तुझे नहीं भूलूँगा।"
नन्हे बच्चे उत्पत्ति 6 से क्या सीख सकते हैं?
परमेश्वर ने नूह से जो वादा किया, वह बहुत बड़ा वादा था। परमेश्वर हमेशा अपने वादे निभाते हैं। बहुत बाद में, परमेश्वर ने एक और वादा किया। उन्होंने अपने बेटे यीशु मसीह को भेजा, ताकि हर कोई सुरक्षित रह सके। जैसे नाव नूह को सुरक्षित रखने वाली थी, वैसे ही यीशु हमें अपने पास सुरक्षित रखते हैं।
उत्पत्ति 6 एक महत्वपूर्ण बाइबल कहानी क्यों है?
नूह ने नाव क्यों बनाई? परमेश्वर ने नूह को क्या वादा किया?

दूसरों ने क्या पाया

अंतर्दृष्टि संपादकीय पर पद 2

तब परमेश्वर के पुत्रों ने मनुष्य की पुत्रियों को देखा, कि वे सुन्दर हैं, और उन्होंने जिस-जिसको चाहा उससे विवाह कर लिया।" देखा, भाया, ले लिया। ठीक वही क्रम जो हव्वा के साथ बगीचे में हुआ था। पाप हमेशा शोर नहीं मचाता, कई बार वह सिर्फ आँख से शुरू होता है और मन में "मैं चाहता हूँ" तक पहुँच जाता है। तेरे किसी फैसले में परमेश्वर से पूछा गया, या सिर्फ अच्छा लगा इसलिए ले लिया?

अंतर्दृष्टि संपादकीय पर पद 18

पूरी पृथ्वी पर विनाश की बात कहने के बाद परमेश्वर कहता है, "परन्तु तेरे साथ मैं वाचा बाँधता हूँ।" बाइबल में पहली बार "वाचा" शब्द यहीं आता है, और वह जलप्रलय के बीच में आता है। जहाँ सब कुछ डूब रहा था, वहीं परमेश्वर ने अपना वचन थमा दिया। तेरी ज़िंदगी का जो हिस्सा आज डूबता दिख रहा है, वहीं वह "परन्तु" कहने को तैयार है।

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