3 से 6 वर्ष के बच्चे के लिए

योना 3

नन्हे और पूर्व-विद्यालय बच्चे (आयु 3-6) के लिए व्याख्या और बाइबल कहानी

बाइबल

व्याख्या

नीनवे एक बहुत बड़ा नगर था। इतना बड़ा, कि उसमें चलते-चलते तीन दिन लग जाते थे। परमेश्वर ने योना से कहा, “उठ, नीनवे जा। जो मैं कहूँगा, वही सुना दे।”

योना गया। वह नगर में घुसा। धूल भरी गलियाँ। लोगों की भीड़। योना चिल्लाकर बोला, “चालीस दिन में यह नगर उलट जाएगा!”

लोगों ने सुना। सुनते ही रुक गए। वे डर गए। बहुत डर गए।

फिर एक अजीब बात हुई। उन्होंने योना की बात मान ली। उन्होंने खाना छोड़ दिया। बड़े लोग, छोटे बच्चे, सब ने खुरदुरे टाट के कपड़े पहन लिए। वे कपड़े नर्म नहीं थे। वे चुभते थे। पर लोगों ने फिर भी पहने।

इसका क्या अर्थ है?

राजा तक यह बात पहुँची। राजा अपने सिंहासन पर बैठा था। सोने जैसा चमकता सिंहासन। पर राजा उठ खड़ा हुआ। उसने अपना सुंदर, मुलायम राजकीय वस्त्र उतार दिया। उसने खुरदुरा टाट पहन लिया। फिर वह राख में जा बैठा। ठंडी, धूसर राख में।

राजा ने कहा, “कोई कुछ न खाए। न मनुष्य, न भेड़-बकरी, न गाय-बैल। सब परमेश्वर को पुकारें। सब अपने बुरे काम छोड़ दें।”

सोचो, जानवर भी भूखे रहे! गायें रँभाईं, भेड़ें मिमियाईं, पर किसी ने घास नहीं खाई। पूरा नगर चुप हो गया, और फिर पुकारने लगा। ऊँची आवाज़ में। परमेश्वर की ओर।

राजा ने कहा, “शायद परमेश्वर दया करें। शायद हम बच जाएँ।”

समान सूत्र

परमेश्वर ने देखा। उन्होंने देखा कि नीनवे के लोग सच में बदल गए हैं। और परमेश्वर ने अपना मन बदल दिया। नगर को नाश नहीं किया।

परमेश्वर ऐसे ही हैं। वे दंड देना नहीं चाहते। वे लोगों को बचाना चाहते हैं। बहुत बाद में, परमेश्वर ने अपने बेटे यीशु को भेजा। यीशु भी यही कहते थे, “अपने बुरे काम छोड़ दो, परमेश्वर के पास आओ।” यीशु ने खुद अपनी जान दे दी, ताकि हम बच जाएँ। बिल्कुल जैसे नीनवे के लोग बच गए।

तुम्हारे लिए

कभी तुमने कुछ गलत किया? फिर कहा हो, “सॉरी, परमेश्वर”? नीनवे के लोगों ने भी यही किया। उन्होंने अपने बुरे काम छोड़ दिए। और परमेश्वर ने सुना।

तुम भी परमेश्वर से बात कर सकते हो। बहुत छोटी आवाज़ में भी। परमेश्वर सुनते हैं। वे हमेशा सुनते हैं।

बात करें

राजा ने अपना सुंदर कपड़ा क्यों उतार दिया?

तुम्हें क्या लगता है, परमेश्वर नीनवे के लोगों से खुश हुए होंगे?

साथ में प्रार्थना

प्रिय परमेश्वर, कभी-कभी मुझसे गलती हो जाती है। जैसे नीनवे के लोगों ने किया, वैसे मैं भी कहता हूँ, सॉरी। धन्यवाद, कि आप मुझे सुनते हैं। धन्यवाद, कि आप मुझसे प्यार करते हैं। आमीन।

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योना 3 के बारे में प्रश्न

पहली बार इसके बारे में पढ़ने वाले हर किसी के लिए छोटे उत्तर।

योना 3 किस विषय में है?
नीनवे एक बहुत बड़ा नगर था। इतना बड़ा, कि उसमें चलते-चलते तीन दिन लग जाते थे। परमेश्वर ने योना से कहा, “उठ, नीनवे जा। जो मैं कहूँगा, वही सुना दे।”
योना 3 क्या कहता है?
फिर एक अजीब बात हुई। उन्होंने योना की बात मान ली। उन्होंने खाना छोड़ दिया। बड़े लोग, छोटे बच्चे, सब ने खुरदुरे टाट के कपड़े पहन लिए। वे कपड़े नर्म नहीं थे। वे चुभते थे। पर लोगों ने फिर भी पहने।
योना 3 हमें परमेश्वर के बारे में क्या सिखाता है?
राजा ने कहा, “कोई कुछ न खाए। न मनुष्य, न भेड़-बकरी, न गाय-बैल। सब परमेश्वर को पुकारें। सब अपने बुरे काम छोड़ दें।”
नन्हे बच्चे योना 3 से क्या सीख सकते हैं?
परमेश्वर ने देखा। उन्होंने देखा कि नीनवे के लोग सच में बदल गए हैं। और परमेश्वर ने अपना मन बदल दिया। नगर को नाश नहीं किया।
योना 3 एक महत्वपूर्ण बाइबल कहानी क्यों है?
कभी तुमने कुछ गलत किया? फिर कहा हो, “सॉरी, परमेश्वर”? नीनवे के लोगों ने भी यही किया। उन्होंने अपने बुरे काम छोड़ दिए। और परमेश्वर ने सुना।

दूसरों ने क्या पाया

अंतर्दृष्टि संपादकीय पर पद 6

नीनवे का राजा उस दिन योना को महल में नहीं बुलवाता। वह खुद उठता है: "वह अपने सिंहासन पर से उठकर, अपने राजकीय वस्त्र उतारकर टाट ओढ़कर राख पर बैठ गया।" सिंहासन छोड़ा, वस्त्र उतारे, राख पर बैठा। सच्चा पश्चाताप हमेशा कुछ उतारने को कहता है। तुम्हारे पास वह कौन सा वस्त्र है जिसे उतारने से तुम अब तक डरते रहे हो?

अंतर्दृष्टि संपादकीय पर पद 10

जब परमेश्वर ने उनके कामों को देखा, कि वे अपनी बुरी चाल से फिर गए हैं," तब उसने वह विपत्ति न डाली। ध्यान दे, परमेश्वर ने उनके सुन्दर शब्द नहीं देखे, उनकी बदली हुई चाल देखी। और नीनवे तो इस्राएल का सबसे क्रूर दुश्मन था। जिस व्यक्ति को तू सुधरने के लायक नहीं समझता, परमेश्वर उसकी एक कदम की वापसी पर भी नज़र रखे हुए है।

अंतर्दृष्टि संपादकीय पर पद 8

नीनवे के राजा का आदेश देखिए, "मनुष्य और पशु टाट ओढ़ें, और वे परमेश्वर की दोहाई ज़ोर से देते रहें; और अपनी अपनी बुरी चाल और उपद्रव से फिरें।" पछतावा सिर्फ आँसुओं तक नहीं रुका, हाथ भी बदल गए।

कई बार हम प्रार्थना में रोते हैं, पर वही पुरानी आदत, वही कड़वाहट पकड़े रहते हैं। नीनवे के लोग हमें सिखाते हैं, सच्चा फिरना ज़ोर की दोहाई और छूटे हुए रास्ते, दोनों माँगता है।

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For parents and teachers: विशेष रूप से 3 से 6 वर्ष के बच्चों को ज़ोर से पढ़कर सुनाने के लिए लिखा गया। इसे अपने बच्चे के साथ बातचीत की शुरुआत के रूप में उपयोग करें, एकमात्र स्रोत के रूप में नहीं। This explanation is generated automatically by language models. While we strive for theological soundness, the software can make mistakes.

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