3 से 6 वर्ष के बच्चे के लिए

विलापगीत 3

नन्हे और पूर्व-विद्यालय बच्चे (आयु 3-6) के लिए व्याख्या और बाइबल कहानी

बाइबल

The Explanation

यिर्मयाह नाम का एक आदमी था। वह बहुत दुःखी था। बहुत, बहुत दुःखी।

चारों तरफ अंधेरा था। यिर्मयाह रोया। उसने कहा, "मुझे लगता है परमेश्वर मुझसे दूर हैं।"

वह चिल्लाया। ज़ोर से चिल्लाया। पर किसी ने उसे सुना नहीं, ऐसा उसे लगा।

उसकी आँखों से आँसू बहते रहे। बहुत सारे आँसू। जैसे नदी बहती है।

उसका दिल भारी था। बहुत भारी। जैसे कोई बड़ा पत्थर सीने पर रखा हो।

इसका क्या अर्थ है?

यिर्मयाह उदास था, पर वह चुप नहीं बैठा। उसने सोचा, सोचा, फिर एक बात याद आई।

उसने कहा, "पर मुझे एक बात याद है। इसलिए मुझे आशा है!"

फिर उसने क्या याद किया, पता है? उसने याद किया कि परमेश्वर की दया कभी खत्म नहीं होती।

हर सुबह, सूरज उगता है। हर सुबह, नई रोशनी आती है। और हर सुबह, परमेश्वर की करुणा भी नई होती है।

यिर्मयाह ने कहा, "यहोवा मेरा भाग है। इसलिए मैं उनमें आशा रखूँगा।"

एक ही कड़ी

यिर्मयाह ने गहरे गड्ढे से प्रार्थना की। उसने कहा, "हे यहोवा, गहरे गड्ढे में से मैंने आपसे प्रार्थना की।"

और परमेश्वर ने सुना! परमेश्वर ने कहा, "मत डर!"

परमेश्वर हमेशा सुनते हैं, जब कोई गहरे गड्ढे से पुकारता है। बहुत बाद में, यीशु मसीह भी दुःख में गए। वे भी रोए। पर परमेश्वर ने यीशु को भी नहीं छोड़ा। परमेश्वर हमें कभी नहीं छोड़ते।

तुम्हारे लिए

कभी तुम भी उदास होते हो न? रात में डर लगता है, या कोई तुम्हें दुःखी करता है?

तब तुम भी यिर्मयाह जैसे करना। परमेश्वर से बात करना। ज़ोर से बोलना, "परमेश्वर, मुझे मदद चाहिए!"

और फिर सुबह उठकर देखना। सूरज फिर उगेगा। परमेश्वर की दया फिर नई होगी। हर दिन। तुम्हारे लिए भी।

बात करें

तुम कब सबसे ज़्यादा उदास होते हो?

परमेश्वर हर सुबह क्या नया देते हैं?

प्रार्थना

हे परमेश्वर, कभी-कभी मैं उदास होता हूँ। पर आप मुझे सुनते हैं। हर सुबह आप नई दया देते हैं। धन्यवाद, परमेश्वर। आमीन।

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विलापगीत 3 के बारे में प्रश्न

पहली बार इसके बारे में पढ़ने वाले हर किसी के लिए छोटे उत्तर।

विलापगीत 3 किस विषय में है?
यिर्मयाह नाम का एक आदमी था। वह बहुत दुःखी था। बहुत, बहुत दुःखी।
विलापगीत 3 क्या कहता है?
उसका दिल भारी था। बहुत भारी। जैसे कोई बड़ा पत्थर सीने पर रखा हो।
विलापगीत 3 हमें परमेश्वर के बारे में क्या सिखाता है?
हर सुबह, सूरज उगता है। हर सुबह, नई रोशनी आती है। और हर सुबह, परमेश्वर की करुणा भी नई होती है।
नन्हे बच्चे विलापगीत 3 से क्या सीख सकते हैं?
परमेश्वर हमेशा सुनते हैं, जब कोई गहरे गड्ढे से पुकारता है। बहुत बाद में, यीशु मसीह भी दुःख में गए। वे भी रोए। पर परमेश्वर ने यीशु को भी नहीं छोड़ा। परमेश्वर हमें कभी नहीं छोड़ते।
विलापगीत 3 एक महत्वपूर्ण बाइबल कहानी क्यों है?
और फिर सुबह उठकर देखना। सूरज फिर उगेगा। परमेश्वर की दया फिर नई होगी। हर दिन। तुम्हारे लिए भी।

दूसरों ने क्या पाया

अंतर्दृष्टि संपादकीय पर पद 55

हे यहोवा, मैंने गहिरे गड्ढे में से तेरा नाम लिया।" ध्यान दे, वह गड्ढे से निकलने के बाद नहीं पुकारता। पानी सिर के ऊपर से बह चुका था, वह कह चुका था कि सब खत्म हो गया, और वहीं से उसके होंठों पर परमेश्वर का नाम आया। तेरी प्रार्थना को सुनने के लिए परमेश्वर यह शर्त नहीं रखता कि पहले तू ऊपर आ जा। जहाँ तू आज है, उसी गहराई से नाम ले।

अंतर्दृष्टि संपादकीय पर पद 43

तूने अपने को क्रोध से ढाँप लिया और हमारा पीछा किया; तूने बिना तरस खाए हमें घात किया है।" यही लिखने वाला कुछ ही पंक्तियाँ पहले कह चुका था कि उसकी करुणा हर सुबह नई होती है। दोनों बातें एक ही मुँह से निकलीं। तेरी प्रार्थना में भी दोनों रह सकती हैं। परमेश्वर को अपनी शिकायत सुनाने से मत डर, वह तेरे सच से नहीं भागता।

अंतर्दृष्टि संपादकीय पर पद 26

यरूशलेम जल चुका था, मन्दिर राख था, और उसी मलबे के बीच बैठकर यिर्मयाह लिखता है, "यहोवा से उद्धार पाने की आस रखकर चुपचाप रहना भला है।" चुप रहना हार मानना नहीं है। यह वह भरोसा है जो चिल्लाना बंद करके सुनना शुरू करता है। तेरी वह प्रार्थना जिसका उत्तर अब तक नहीं आया, क्या तू उसे परमेश्वर के हाथ में शान्ति से छोड़ पाएगा?

अंतर्दृष्टि संपादकीय पर पद 61

हे यहोवा, तूने उनका ताना और मेरे विरुद्ध की सब कल्पनाएँ सुनी हैं।" यिर्मयाह अपने विरोधियों की फुसफुसाहटें खुद नहीं गिनता, वह जानता है कि परमेश्वर पहले ही सब सुन चुका है। जो बातें तेरी पीठ पीछे कही गईं, जिनका तुझे पता भी नहीं, वे उसके कानों तक पहुँच चुकी हैं। तुझे अपनी सफाई देने की जल्दी क्यों? जिसने सुना है, वही न्याय भी करेगा।

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For parents and teachers: विशेष रूप से 3 से 6 वर्ष के बच्चों को ज़ोर से पढ़कर सुनाने के लिए लिखा गया। इसे अपने बच्चे के साथ बातचीत की शुरुआत के रूप में उपयोग करें, एकमात्र स्रोत के रूप में नहीं। This explanation is generated automatically by language models. While we strive for theological soundness, the software can make mistakes.

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