3 से 5 वर्ष के बच्चे के लिए

लैव्यव्यवस्था 13

छोटे बच्चे और प्री स्कूल (3 से 5 वर्ष) के लिए व्याख्या और बाइबल कहानी

बाइबल

समझाइए

एक बार एक आदमी था। उसकी चमड़ी पर एक दाग निकला। सफेद सा दाग, थोड़ा सूजा हुआ।

आदमी डर गया। उसने अपनी चमड़ी को छुआ। वह सोचने लगा, "यह क्या है?"

वह हारून याजक के पास गया। याजक एक खास आदमी था। परमेश्वर ने उसे यह काम दिया था। वह लोगों की चमड़ी देखता था। बहुत ध्यान से देखता था।

याजक ने दाग को देखा। फिर सोचा। फिर फिर से देखा। कभी वह कहता, "सात दिन रुको।" फिर सात दिन बाद फिर से देखता। कभी दाग फैल जाता। कभी दाग वहीं रुक जाता।

इसका क्या मतलब है?

जब दाग ठीक होता था, याजक कहता था, "तुम शुद्ध हो।" तब वह आदमी खुश होता था। वह अपने कपड़े धोता था। वह घर जा सकता था।

पर जब दाग फैलता था, याजक कहता था, "तुम अशुद्ध हो।" तब वह आदमी उदास होता था। उसे अकेले रहना पड़ता था। डेरे के बाहर। अपने परिवार से दूर।

सोचो, कितना मुश्किल था यह। अपने घर से दूर रहना। अपने बच्चों को गले न लगा पाना।

ताना-बाना

परमेश्वर चाहते थे कि उनके लोग साफ रहें। अंदर से भी, बाहर से भी। यह दाग दिखाता था, कुछ टूटा हुआ है। दुनिया में सब कुछ ठीक नहीं है।

पर परमेश्वर ने याजक को भेजा। याजक प्यार से देखता था। वह झूठ नहीं बोलता था। वह सच कहता था, चाहे अच्छा हो चाहे बुरा।

बहुत साल बाद, यीशु आए। यीशु ने भी बीमार लोगों को छुआ। कोढ़ी लोगों को भी। वे डरे नहीं। उन्होंने हाथ बढ़ाया और छुआ। और वे लोग ठीक हो गए। यीशु सबसे बड़े याजक हैं। वे हमें अंदर से साफ कर सकते हैं।

तुम्हारे लिए

क्या तुम्हारे शरीर पर कभी कोई घाव हुआ है? दर्द हुआ था न? तब तुम्हारी माँ ने उसे देखा। उसने प्यार से उसकी देखभाल की।

परमेश्वर भी हमें देखते हैं। प्यार से। वे जानते हैं जब हमारे अंदर कुछ टूटा हुआ है। वे हमें छोड़ते नहीं। वे हमें ठीक करना चाहते हैं।

बात करो: तुम्हें कब किसी ने प्यार से देखभाल की थी?

बात करो: क्या तुम सोचते हो यीशु अभी भी लोगों को ठीक कर सकते हैं?

साथ में प्रार्थना

प्रिय परमेश्वर,

धन्यवाद कि आप हमें देखते हैं। धन्यवाद कि आप हमसे प्यार करते हैं। जब हम अंदर से टूटे हों, हमें ठीक कीजिए। यीशु के नाम में, आमीन।

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लैव्यव्यवस्था 13 के बारे में प्रश्न

पहली बार इसके बारे में पढ़ने वाले हर किसी के लिए छोटे उत्तर।

लैव्यव्यवस्था 13 किस विषय में है?
एक बार एक आदमी था। उसकी चमड़ी पर एक दाग निकला। सफेद सा दाग, थोड़ा सूजा हुआ।
लैव्यव्यवस्था 13 क्या कहता है?
जब दाग ठीक होता था, याजक कहता था, "तुम शुद्ध हो।" तब वह आदमी खुश होता था। वह अपने कपड़े धोता था। वह घर जा सकता था।
लैव्यव्यवस्था 13 हमें परमेश्वर के बारे में क्या सिखाता है?
परमेश्वर चाहते थे कि उनके लोग साफ रहें। अंदर से भी, बाहर से भी। यह दाग दिखाता था, कुछ टूटा हुआ है। दुनिया में सब कुछ ठीक नहीं है।
नन्हे बच्चे लैव्यव्यवस्था 13 से क्या सीख सकते हैं?
क्या तुम्हारे शरीर पर कभी कोई घाव हुआ है? दर्द हुआ था न? तब तुम्हारी माँ ने उसे देखा। उसने प्यार से उसकी देखभाल की।
लैव्यव्यवस्था 13 एक महत्वपूर्ण बाइबल कहानी क्यों है?
धन्यवाद कि आप हमें देखते हैं। धन्यवाद कि आप हमसे प्यार करते हैं। जब हम अंदर से टूटे हों, हमें ठीक कीजिए। यीशु के नाम में, आमीन।

दूसरों ने क्या पाया

अंतर्दृष्टि संपादकीय पर पद 24

जलने का घाव भर जाता है, पर याजक फिर भी उस दाग को ध्यान से देखता था: "जब किसी के चर्म में जलने से घाव हो"। ऊपर से चमड़ी जुड़ चुकी होती है, फिर भी जाँच होती है, कहीं भीतर कुछ फैल तो नहीं रहा।

तेरे जीवन के पुराने जले हुए निशान भी ऐसे ही हैं। लोग कहते हैं, बात पुरानी हो गई। पर परमेश्वर उस दाग के नीचे झाँकता है। कड़वाहट वहीं छिपकर तो नहीं बढ़ रही? उसे दिखा दे, वही चंगा करता है।

अंतर्दृष्टि संपादकीय पर पद 49

कपड़े पर लगा हरा या लाल दाग, याजक के पास ले जाया जाता था। एक साधारण सी चीज़, पर परमेश्वर उसे भी अनदेखा नहीं करते थे। सोचिए, आपके जीवन में भी कोई छोटा सा दाग है जिसे आप नज़रअंदाज़ कर रहे हैं? परमेश्वर चाहते हैं कि आप उसे भी उनके सामने लाएँ। कुछ भी उनके लिए बहुत छोटा नहीं है।

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