3 से 5 वर्ष के बच्चे के लिए

मत्ती 28

छोटे बच्चे और प्री स्कूल (3 से 5 वर्ष) के लिए व्याख्या और बाइबल कहानी

बाइबल

व्याख्या

बहुत सुबह थी। अभी अंधेरा था। हवा ठंडी थी।

मरियम और दूसरी मरियम चल रही थीं। वे कब्र के पास जा रही थीं। उनका मन बहुत दुखी था।

अचानक धरती हिली। बहुत तेज़ हिली।

एक स्वर्गदूत आया। वह आकाश से उतरा। उसका चेहरा बिजली जैसा चमकता था। उसके कपड़े बर्फ जैसे सफ़ेद थे।

पहरेदार उसे देखकर काँप गए। वे डर गए। बहुत डर गए।

स्वर्गदूत ने पत्थर को हटाया। फिर वह उस पर बैठ गया।

उसने मरियम से कहा, "मत डरो।" उसने कहा, "यीशु यहाँ नहीं हैं। वे जी उठे हैं।"

इसका अर्थ क्या है?

सोचो, यीशु मर गए थे। कब्र में रखे गए थे। पत्थर से बंद कब्र में।

पर अब कब्र खाली थी। यीशु फिर से जीवित थे।

स्वर्गदूत ने कहा, "जाओ, जल्दी जाओ। चेलों को बताओ। यीशु गलील में उनसे मिलेंगे।"

मरियम दौड़ीं। उनका मन डरा हुआ भी था, और खुश भी। बहुत खुश।

और तब, रास्ते में, यीशु स्वयं उन्हें मिले। उन्होंने कहा, "सुखी रहो।"

मरियम ने उनके पाँव पकड़े। वे यीशु को देखकर बहुत खुश हुईं।

यीशु ने कहा, "मत डरो। मेरे भाइयों से कहो, गलील जाएँ। वहाँ मुझसे मिलेंगे।"

समान सूत्र

यीशु ने पहले कहा था, वे फिर जी उठेंगे। और देखो, ठीक वैसा ही हुआ।

परमेश्वर ने जो वचन दिया, वह सच निकला।

बाद में यीशु पहाड़ पर गए। ग्यारह चेले वहाँ थे। यीशु ने कहा, "स्वर्ग और पृथ्वी का सारा अधिकार मुझे दिया गया है।"

उन्होंने कहा, "जाओ, सब लोगों को मेरा चेला बनाओ। और देखो, मैं सदा तुम्हारे साथ हूँ।"

यीशु ने वादा किया। वे हमेशा साथ रहेंगे। हमेशा।

तुम्हारे लिए

क्या तुम भी कभी डरते हो? अंधेरे में, या अकेले में?

स्वर्गदूत ने कहा, "मत डरो।" यीशु ने भी कहा, "मत डरो।"

यीशु आज भी जीवित हैं। वे तुम्हारे साथ भी हैं। जब तुम सोते हो, जब तुम खेलते हो, हर समय।

तुम भी यीशु के पास जा सकते हो। उनसे बात कर सकते हो। जैसे मरियम ने की।

बात करें

क्या तुम्हें कभी डर लगता है? यीशु ने क्या कहा, जब लोग डरे हुए थे?

यीशु ने वादा किया, वे हमेशा साथ रहेंगे। यह सुनकर तुम्हें कैसा लगता है?

संगति में प्रार्थना

प्रिय यीशु, आप जी उठे हैं। आप जीवित हैं। मुझे डर लगे, तो याद दिलाना, आप साथ हैं। हमेशा साथ हैं। आमीन।

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मत्ती 28 के बारे में प्रश्न

पहली बार इसके बारे में पढ़ने वाले हर किसी के लिए छोटे उत्तर।

मत्ती 28 किस विषय में है?
मरियम और दूसरी मरियम चल रही थीं। वे कब्र के पास जा रही थीं। उनका मन बहुत दुखी था।
मत्ती 28 क्या कहता है?
सोचो, यीशु मर गए थे। कब्र में रखे गए थे। पत्थर से बंद कब्र में।
मत्ती 28 हमें परमेश्वर के बारे में क्या सिखाता है?
यीशु ने कहा, "मत डरो। मेरे भाइयों से कहो, गलील जाएँ। वहाँ मुझसे मिलेंगे।"
नन्हे बच्चे मत्ती 28 से क्या सीख सकते हैं?
उन्होंने कहा, "जाओ, सब लोगों को मेरा चेला बनाओ। और देखो, मैं सदा तुम्हारे साथ हूँ।"
मत्ती 28 एक महत्वपूर्ण बाइबल कहानी क्यों है?
क्या तुम्हें कभी डर लगता है? यीशु ने क्या कहा, जब लोग डरे हुए थे?

दूसरों ने क्या पाया

अंतर्दृष्टि संपादकीय पर पद 12

तब उन्होंने पुरनियों के साथ इकट्ठे होकर सम्मति की, और सिपाहियों को बहुत रुपये देकर कहा।" सोचिए, पुनरुत्थान की पहली खबर जिन्हें मिली, उन्होंने उसे दबाने के लिए पैसा गिना। सच्चाई उनके सामने खड़ी थी, पर उन्हें अपनी इज़्ज़त ज़्यादा प्यारी लगी। आज भी सच कभी-कभी महँगा पड़ता है। आप क्या चुनते हैं, जब सच आपकी सुविधा तोड़ देता है?

अंतर्दृष्टि संपादकीय पर पद 19

पद 17 कहता है, "उन्होंने उसे देखकर दण्डवत् किया, पर कुछ ने सन्देह किया।" और उन्हीं सन्देह करने वालों से यीशु कहता है, "इसलिए तुम जाओ, सब जातियों के लोगों को चेला बनाओ।" वह पहले तुम्हारा विश्वास पक्का होने का इन्तज़ार नहीं करता। अधूरे मन वाले हाथों में ही उसने अपना सबसे बड़ा काम सौंप दिया। तुम्हारे डगमगाते कदम भी उसकी सेवा में चल सकते हैं।

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