3 से 6 वर्ष के बच्चे के लिए

नहूम 3

नन्हे और पूर्व-विद्यालय बच्चे (आयु 3-6) के लिए व्याख्या और बाइबल कहानी

बाइबल

व्याख्या

बहुत दूर, एक बड़ा शहर था। उसका नाम था नीनवे। यह शहर दिन-रात शोर करता था। कोई भी वहाँ चैन से नहीं सोता था। कोड़ों की फटकार सुनाई देती थी। पहियों की घड़घड़ाहट गूँजती थी। घोड़े कूदते-फाँदते दौड़ते थे। रथ धूल उड़ाते हुए चलते थे। धूल हवा में उड़ती थी।

सवार तेज़ी से आगे बढ़ते थे। उनकी तलवारें बिजली जैसी चमकती थीं। उनके भाले भी चमकते थे। नीनवे में बहुत चीज़ें चोरी हुई थीं। सोना, चाँदी, कपड़े, सब चोरी के थे। लोग एक-दूसरे को धोखा देते थे। गलियों में रोना सुनाई देता था।

नीनवे में बहुत सारे व्यापारी थे। वे आकाश के तारों जैसे अनगिनत थे। पर वे भी टिड्डियों जैसे उड़ जाएँगे।

परमेश्वर ने यह सब देखा। परमेश्वर की आँखों से कुछ नहीं छिपा। परमेश्वर ने कहा, "देख, मैं तेरे विरुद्ध हूँ।" परमेश्वर ने कहा, नीनवे अब गिर जाएगी। कोई भी उसे बचाने नहीं आएगा।

इसका क्या अर्थ है?

परमेश्वर सो नहीं रहे थे। वे कुछ भी नहीं भूले थे। जब कोई किसी को दुःख देता है, परमेश्वर उसे देखते हैं। परमेश्वर बुराई से प्रेम नहीं करते।

नीनवे के सैनिक बहुत ज़्यादा थे। वे टिड्डियों के झुंड जैसे थे। पर सुबह हुई, सूरज चमका। और सारे सैनिक उड़ गए। कोई नहीं जानता था वे कहाँ गए।

नीनवे के राजा के पास चरवाहे थे। पर वे चरवाहे जाग नहीं रहे थे। वे सो रहे थे, गहरी नींद में। इसलिए उनकी भेड़ें भटक गईं। वे पहाड़ों पर तितर-बितर हो गईं। कोई उन्हें इकट्ठा करने नहीं आया।

जब नीनवे गिर गई, कोई नहीं रोया। किसी ने नीनवे के लिए दुःख नहीं माना। यह बहुत उदास बात है।

मुख्य सूत्र

नीनवे के चरवाहे सो गए थे। वे अपनी भेड़ों को भूल गए। पर परमेश्वर कभी नहीं सोते। परमेश्वर हमेशा अपने लोगों को देखते हैं।

बहुत साल बाद, परमेश्वर ने यीशु को भेजा। यीशु एक अच्छा चरवाहा है। वह कभी थकता नहीं। वह कभी सोता नहीं। वह अपनी भेड़ों को हमेशा ढूँढता है। वह किसी को अकेला नहीं छोड़ता है। जब भेड़ें डर जाती हैं, यीशु उनके पास आता है। वह उन्हें अपनी बाहों में उठाता है।

तुम्हारे लिए

तुम परमेश्वर के प्यारे बच्चे हो। जब कोई तुम्हें दुःख दे, परमेश्वर देखते हैं। परमेश्वर तुमसे बहुत प्रेम करते हैं। तुम भी किसी को दुःख मत देना। तुम किसी का सामान मत छीनना। तुम किसी की मदद कर सकते हो। जब तुम्हारा दोस्त गिर जाए, तुम उसकी मदद करना। तुम भी नीनवे जैसे मत बनना।

चलो बात करें

तुम्हें क्या लगता है, जब नीनवे के लोग बुरा काम करते थे, परमेश्वर को कैसा लगा होगा? क्या तुम्हें अच्छा लगता है यह जानकर कि यीशु कभी नहीं सोता और हमेशा तुम्हारी रखवाली करता है?

साथ में प्रार्थना

प्रिय परमेश्वर, आप कभी नहीं सोते। आप हमेशा हमें देखते हैं। हमें अच्छा बनना सिखाइए। हमें यीशु जैसा प्रेम करना सिखाइए। आमीन।

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नहूम 3 के बारे में प्रश्न

पहली बार इसके बारे में पढ़ने वाले हर किसी के लिए छोटे उत्तर।

नहूम 3 किस विषय में है?
बहुत दूर, एक बड़ा शहर था। उसका नाम था नीनवे। यह शहर दिन-रात शोर करता था। कोई भी वहाँ चैन से नहीं सोता था। कोड़ों की फटकार सुनाई देती थी। पहियों की घड़घड़ाहट गूँजती थी। घोड़े कूदते-फाँदते दौड़ते थे। रथ धूल उड़ाते हुए चलते थे। धूल हवा में उड़ती थी।
नहूम 3 क्या कहता है?
परमेश्वर ने यह सब देखा। परमेश्वर की आँखों से कुछ नहीं छिपा। परमेश्वर ने कहा, "देख, मैं तेरे विरुद्ध हूँ।" परमेश्वर ने कहा, नीनवे अब गिर जाएगी। कोई भी उसे बचाने नहीं आएगा।
नहूम 3 हमें परमेश्वर के बारे में क्या सिखाता है?
नीनवे के राजा के पास चरवाहे थे। पर वे चरवाहे जाग नहीं रहे थे। वे सो रहे थे, गहरी नींद में। इसलिए उनकी भेड़ें भटक गईं। वे पहाड़ों पर तितर-बितर हो गईं। कोई उन्हें इकट्ठा करने नहीं आया।
नन्हे बच्चे नहूम 3 से क्या सीख सकते हैं?
बहुत साल बाद, परमेश्वर ने यीशु को भेजा। यीशु एक अच्छा चरवाहा है। वह कभी थकता नहीं। वह कभी सोता नहीं। वह अपनी भेड़ों को हमेशा ढूँढता है। वह किसी को अकेला नहीं छोड़ता है। जब भेड़ें डर जाती हैं, यीशु उनके पास आता है। वह उन्हें अपनी बाहों में उठाता है।
नहूम 3 एक महत्वपूर्ण बाइबल कहानी क्यों है?
प्रिय परमेश्वर, आप कभी नहीं सोते। आप हमेशा हमें देखते हैं। हमें अच्छा बनना सिखाइए। हमें यीशु जैसा प्रेम करना सिखाइए। आमीन।

दूसरों ने क्या पाया

अंतर्दृष्टि संपादकीय पर पद 5

नीनवे अपनी शान और सुंदरता के पीछे अपनी क्रूरता छिपाए बैठी थी। पर परमेश्वर कहता है, "मैं तेरे विरुद्ध हूँ... मैं जाति-जाति को तेरा तन और राज्य-राज्य को तेरी लज्जा दिखाऊँगा।" जो ढका है, वह एक दिन खुलेगा। सोच, क्या तू भी कोई मुखौटा पहने है? आज खुद ही उसके सामने खुल जाना बेहतर है, क्योंकि वहाँ लज्जा नहीं, क्षमा मिलती है।

अंतर्दृष्टि संपादकीय पर पद 15

नीनवे को परमेश्वर का ताना सुनिए, "टिड्डियों के समान अपनी गिनती बढ़ा।" बढ़ते जाओ, गिनते जाओ, फिर भी आग और तलवार सामने खड़ी है। संख्या कभी सुरक्षा नहीं बनी। आज भी हम गिनते हैं, बचत, संपर्क, उपलब्धियाँ। पर जिस दिन सब चट हो जाएगा, तेरे पास क्या बचेगा? वही, जो गिना नहीं जाता, केवल थामा जाता है।

अंतर्दृष्टि संपादकीय पर पद 18

तेरे चरवाहे सो गए हैं, हे अश्शूर के राजा, तेरे रईस लेटे हुए हैं; तेरी प्रजा पहाड़ों पर तितर-बितर हो गई है, और कोई उन्हें इकट्ठा करनेवाला नहीं।" नीनवे की दीवारें नहीं, उसके सोए हुए चरवाहे उसका अंत बने। जिन्हें जगाने के लिए ठहराया गया था, वे ही ऊँघ गए, और भेड़ें बिखर गईं। तुझे किसकी देखभाल सौंपी गई है? कहीं तू भी उसे भूलकर सो न गया हो।

अंतर्दृष्टि संपादकीय पर पद 9

थेब्स के पास सहायकों की लंबी सूची थी। "कूश और मिस्र उसका बल थे, और वह अनन्त था; पूत और लूबी तेरे सहायक थे।" फिर भी वह गिरी। जो अनन्त लगता था, वह टिक न सका।

तू भी मन ही मन गिनता है, कौन कौन साथ है, कितना बचा है, कहाँ से मदद आएगी। एक बार उस सूची को फिर पढ़, और देख कि उसमें परमेश्वर का नाम कहाँ लिखा है।

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For parents and teachers: विशेष रूप से 3 से 6 वर्ष के बच्चों को ज़ोर से पढ़कर सुनाने के लिए लिखा गया। इसे अपने बच्चे के साथ बातचीत की शुरुआत के रूप में उपयोग करें, एकमात्र स्रोत के रूप में नहीं। This explanation is generated automatically by language models. While we strive for theological soundness, the software can make mistakes.

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