श्रेष्ठगीत 2
छोटे बच्चे और प्री स्कूल (3 से 5 वर्ष) के लिए व्याख्या और बाइबल कहानी
व्याख्या
एक बगीचा था। वहाँ फूल खिले थे। एक फूल था, मुलायम और सफ़ेद। वह अपने आपको सोसन फूल कहता था। आसपास कांटे थे, तीखे कांटे। पर वह फूल कांटों के बीच भी सुंदर था।
पास में एक पेड़ था। सेब का पेड़। उसकी छाया ठंडी थी। फूल उस छाया में बैठ गया। बहुत खुश होकर बैठ गया। उसने सेब खाया। कितना मीठा था वह सेब!
फिर एक आवाज़ आई। दूर से, पहाड़ों के पीछे से। कोई आ रहा था। कूदते हुए, पहाड़ों को फांदते हुए। वह दौड़ रहा था, जैसे हिरन दौड़ता है। तेज़, फुर्तीला, खुश।
वह आकर खिड़की के पास खड़ा हो गया। झरोखे में से झाँका। और फिर बोला, धीरे से, प्यार से: "उठकर चली आ।"
इसका क्या अर्थ है?
सुनो, उसने क्या कहा। "देख, सर्दी जाती रही। बारिश भी हो चुकी। अब फूल खिल गए हैं। चिड़ियाँ गा रही हैं। अंजीर पक रहे हैं। दाखलताओं से अच्छी खुशबू आ रही है।" सब कुछ नया था। सब कुछ ताज़ा था। सर्दी खत्म हो गई थी, अब बहार आई थी।
वह फूल से कहता रहा: "तेरा मुख मुझे दिखा। तेरी आवाज़ मुझे सुनने दे। तेरी आवाज़ कितनी मीठी है।" उसे उस फूल से बहुत प्यार था। बहुत, बहुत प्यार।
एक ही कहानी की कड़ी
परमेश्वर भी ऐसे ही बुलाते हैं। वे कहते हैं, आओ, बाहर निकल आओ, सर्दी बीत गई है। प्रभु यीशु भी अपनी भेड़ों से प्यार करते हैं। वे अपनी भेड़-बकरियाँ फूलों के बीच चराते हैं। वे अपनी भेड़ों को नाम से जानते हैं। और जब वे पुकारते हैं, तो भेड़ें उनकी आवाज़ पहचान लेती हैं।
जैसे उस बगीचे में प्रेमी बुलाता था, वैसे ही प्रभु यीशु हमें बुलाते हैं। वे कहते हैं, मेरे पास आओ। मैं तुम्हें प्यार करता हूँ।
तुम्हारे लिए
क्या तुमने कभी किसी को तुम्हें प्यार से बुलाते सुना है? जैसे मम्मी सुबह बुलाती है, "उठो, जागो, बाहर देखो कितनी धूप है।" वैसे ही प्रभु यीशु भी तुम्हें बुलाते हैं। वे कहते हैं, मेरे पास आओ। तुम उनकी आवाज़ सुन सकते हो। तुम उनके पास दौड़कर जा सकते हो, जैसे वह हिरन पहाड़ों पर दौड़ता था।
आपस में बात करें
तुम्हें कौन सा फूल सबसे अच्छा लगता है?
जब प्रभु यीशु तुम्हें बुलाते हैं, "मेरे पास आओ," तब तुम क्या करोगे?
आओ प्रार्थना करें
प्रभु यीशु, आप मुझे बहुत प्यार करते हैं। आप फूलों को रंग देते हैं। आप चिड़ियों को गाना सिखाते हैं। मुझे भी अपने पास बुलाइए। मैं आपके पास आना चाहता हूँ। आमीन।
श्रेष्ठगीत 2 के बारे में प्रश्न
पहली बार इसके बारे में पढ़ने वाले हर किसी के लिए छोटे उत्तर।
श्रेष्ठगीत 2 किस विषय में है?
श्रेष्ठगीत 2 क्या कहता है?
श्रेष्ठगीत 2 हमें परमेश्वर के बारे में क्या सिखाता है?
नन्हे बच्चे श्रेष्ठगीत 2 से क्या सीख सकते हैं?
श्रेष्ठगीत 2 एक महत्वपूर्ण बाइबल कहानी क्यों है?
दूसरों ने क्या पाया
देखो, वह हमारी दीवार के पीछे खड़ा है, वह खिड़कियों से ताक रहा है, वह झरोखों में से झाँक रहा है।"
दीवार है, फिर भी वह चला नहीं गया। वह वहीं खड़ा है, झाँक रहा है, तुम्हें देख रहा है।
तुमने जो दीवारें उठाई हैं, शर्म की, चुप्पी की, निराशा की, वे उसे दूर नहीं कर पाईं। वह प्रतीक्षा में है, कि तुम कब एक झरोखा खोलो।
हे मेरी कबूतरी, चट्टान की दरारों में और टीलों की आड़ में तेरा मुख मुझे दिखा, तेरा बोल मुझे सुनाई दे; क्योंकि तेरा बोल मीठा, और तेरा मुख शोभायमान है।"
प्रेमी अपनी प्रिया को छिपने की जगह से बाहर बुला रहा है। वह डरी हुई कबूतरी की तरह चट्टान में दुबकी है, शायद शर्म से, शायद असुरक्षा से।
क्या तू भी परमेश्वर से कुछ छिपा रही है? वह तुझे डाँटने नहीं, तेरा मुख देखने बुला रहा है। तेरी काँपती आवाज़ भी उसे मीठी लगती है।
थोड़े बड़े बच्चों के लिए कुछ ढूँढ रहे हैं?
हमारे पास प्राथमिक आयु (6 से 12 वर्ष) और किशोरों (13 वर्ष और उससे बड़े) के लिए अलग संस्करण भी हैं।
बच्चों की बाइबल टूल में खोलें