13 वर्ष और उससे बड़े किशोर के लिए

भजन संहिता 20

किशोर (13 वर्ष और उससे बड़े) के लिए व्याख्या और बाइबल कहानी

बाइबल

The Explanation

भजन 20 एक युद्ध से पहले की प्रार्थना है। कल्पना करें, इस्राएल का राजा युद्ध के मैदान में जाने से पहले यरूशलेम के मन्दिर में खड़ा है, और पूरी प्रजा उसके लिए यह गीत गा रही है। यह कोई निजी भजन नहीं है जो राजा अपने लिए गाता है, यह प्रजा का गीत है जो अपने राजा के लिए गाया जा रहा है। वे कहते हैं, "संकट के दिन यहोवा तेरी सुन ले! याकूब के परमेश्वर का नाम तुझे ऊँचे स्थान पर नियुक्त करे!" वे चाहते हैं कि परमेश्वर पवित्रस्थान से, सिय्योन से, राजा की सहायता करें। वे याद दिलाते हैं कि राजा ने भेंट और होमबलि चढ़ाए हैं, यानी उसने अपने विश्वास को क्रियान्वित किया है, यह केवल शब्दों की बात नहीं थी।

फिर पद 5 में कुछ बदलता है। प्रजा गाती है, "तब हम तेरे उद्धार के कारण ऊँचे स्वर से हर्षित होकर गाएँगे।" यह आशा की बात है, अभी तक पूरी नहीं हुई, पर इतनी निश्चित है कि वे पहले से जयगान शुरू कर देते हैं। पद 6 में एक आवाज़ अकेली बोलती प्रतीत होती है, शायद राजा स्वयं, या कोई पुरोहित, जो कहता है, "अब मैं जान गया कि यहोवा अपने अभिषिक्त को बचाएगा।" यह विश्वास का घोषणा-वाक्य है।

और फिर आता है भजन का केंद्र बिंदु, पद 7 और 8। "किसी को रथों पर, और किसी को घोड़ों पर भरोसा है, परन्तु हम तो अपने परमेश्वर यहोवा ही का नाम लेंगे। वे तो झुक गए और गिर पड़े, परन्तु हम उठे और सीधे खड़े हैं।" रथ और घोड़े उस समय की सबसे उन्नत सैन्य तकनीक थे, मिस्र और अश्शूर जैसे महाशक्तियों के पास यह था। इस्राएल के पास यह सब कभी नहीं था जितना उनके दुश्मनों के पास था। इसलिए यह कहना बहुत साहस की बात थी: हमारा भरोसा हथियारों पर नहीं, नाम पर है।

भजन एक प्रार्थना से समाप्त होता है, न कि किसी घोषणा से कि लड़ाई जीत ली गई है: "हे यहोवा, राजा को छुड़ा; जब हम तुझे पुकारें तब हमारी सहायता कर।"

What Does This Mean?

ध्यान दें कि यह भजन किसी जीत के बाद नहीं लिखा गया, बल्कि युद्ध से पहले। परिणाम अभी पता नहीं है। यही बात इसे असली बनाती है। यह भजन किसी ऐसी जगह से नहीं बोल रहा जहाँ सब कुछ सुरक्षित और तय हो चुका है, बल्कि उस अनिश्चित जगह से जहाँ तुम और मैं अक्सर खड़े होते हैं, परीक्षा से पहले, किसी कठिन फ़ैसले से पहले, किसी रिश्ते के टूटने की कगार पर, या किसी निदान की रिपोर्ट का इंतज़ार करते हुए।

इस भजन की ताकत यह नहीं है कि यह दुख से इनकार करता है, बल्कि यह कि यह ईमानदारी से कहता है, हमें नहीं पता आगे क्या होगा, पर हम जानते हैं किसको पुकारना है। "रथ और घोड़े" आज के शब्दों में तुम्हारी डिग्री, तुम्हारा बैंक बैलेंस, तुम्हारा सोशल मीडिया फॉलोइंग, तुम्हारी शारीरिक दिखावट हो सकते हैं। ये सब चीज़ें असली हैं, इनसे इनकार नहीं किया जा रहा, पर भजन कहता है कि इन पर भरोसा रखने वाले अंततः झुक जाते हैं और गिर पड़ते हैं। भरोसे की जगह कहीं और है।

The Common Thread

यह भजन "अभिषिक्त" की बात करता है, यानी वह राजा जिसे परमेश्वर ने चुना और तेल से अभिषेक किया है। हिब्रू में इस शब्द का अर्थ है "मसीहा।" इस्राएल का हर राजा इस वादे की एक छोटी झलक था, कि परमेश्वर एक दिन एक अंतिम राजा भेजेंगे जिसे वे पूरी तरह बचाएंगे।

यीशु मसीह वही अभिषिक्त राजा हैं। पर दिलचस्प बात यह है कि यीशु के जीवन में एक रात ऐसी आई जब उन्होंने ठीक वही प्रार्थना की जो यह भजन सिखाता है, गतसमनी के बाग़ में, अपने सबसे बड़े "संकट के दिन" से पहले, उन्होंने पिता से पुकारा। और सूली पर, जब सब कुछ झुक गया और गिर पड़ा सा लगा, तब वास्तव में परमेश्वर ने उन्हें मृत्यु से उठाया, वास्तव में "सीधे खड़े" किया, पुनरुत्थान में। यह भजन जिस आशा की बात करता है, जो इस्राएल के राजाओं के लिए अधूरी रही, वह यीशु में पूरी हुई। और उन्हीं के द्वारा अब हमारे पास भी एक मध्यस्थ है जो हमारे लिए संकट के दिन परमेश्वर से बात करता है।

For You

तुम शायद किसी युद्ध के मैदान में नहीं जा रहे, पर तुम्हारे अपने "संकट के दिन" हैं, बोर्ड परीक्षा, कोई रिश्ता जो टूट रहा है, वह रात जब अकेलापन सबसे भारी लगता है, वह दबाव कि तुम्हें हर जगह परफेक्ट दिखना है। इस भजन से सीखो कि अपने भरोसे की जगह को ईमानदारी से परखना, तुम सच में किस पर टिके हो। अपने नंबरों पर? अपनी छवि पर? किसी इंसान के अनुमोदन पर? यह भजन तुम्हें शर्मिंदा नहीं करता कि तुम इन चीज़ों पर निर्भर हो, बल्कि तुम्हें एक बेहतर जगह दिखाता है जहाँ टिका जा सके।

और यह भी सीखो कि दूसरों के लिए प्रार्थना करना कितना गहरा काम है। यह भजन राजा के लिए नहीं, बल्कि प्रजा के द्वारा राजा के लिए गाया गया। किसी और के संकट के दिन में उसके लिए पुकारना, यह प्रेम का एक ठोस रूप है, भावनात्मक समर्थन से कहीं अधिक।

Talk About It

तुम्हारी ज़िंदगी में कौन से "रथ और घोड़े" हैं, यानी वे चीज़ें जिन पर तुम अनजाने में भरोसा करते आए हो? क्या होगा अगर वे न रहें?

क्या तुम्हारे लिए यह आसान है या कठिन कि किसी अनिश्चित हालात में भी परमेश्वर से बात करो, बिना यह जाने कि नतीजा क्या होगा? क्यों?

Praying Together

प्रभु, हमारे संकट के दिनों में हमारी सुन लें। हमें सिखाएँ कि हम रथों और घोड़ों पर नहीं, बल्कि आपके नाम पर भरोसा रखें। जहाँ हम झुकते और गिरते हैं, वहाँ हमें फिर से उठाकर सीधा खड़ा करें, जैसे आपने यीशु मसीह को मृत्यु से उठाया। हम आपको पुकारते हैं, हमारी सहायता करें। आमीन।

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भजन संहिता 20 के बारे में प्रश्न

पहली बार इसके बारे में पढ़ने वाले हर किसी के लिए छोटे उत्तर।

भजन संहिता 20 किस विषय में है?
भजन 20 एक युद्ध से पहले की प्रार्थना है। कल्पना करें, इस्राएल का राजा युद्ध के मैदान में जाने से पहले यरूशलेम के मन्दिर में खड़ा है, और पूरी प्रजा उसके लिए यह गीत गा रही है। यह कोई निजी भजन नहीं है जो राजा अपने लिए गाता है, यह प्रजा का गीत है जो अपने राजा के लिए गाया जा रहा है। वे कहते हैं, "संकट के दिन यहोवा तेरी सुन ले!
भजन संहिता 20 क्या कहता है?
भजन एक प्रार्थना से समाप्त होता है, न कि किसी घोषणा से कि लड़ाई जीत ली गई है: "हे यहोवा, राजा को छुड़ा; जब हम तुझे पुकारें तब हमारी सहायता कर।"
भजन संहिता 20 हमें परमेश्वर के बारे में क्या सिखाता है?
यह भजन "अभिषिक्त" की बात करता है, यानी वह राजा जिसे परमेश्वर ने चुना और तेल से अभिषेक किया है। हिब्रू में इस शब्द का अर्थ है "मसीहा।" इस्राएल का हर राजा इस वादे की एक छोटी झलक था, कि परमेश्वर एक दिन एक अंतिम राजा भेजेंगे जिसे वे पूरी तरह बचाएंगे।
किशोर भजन संहिता 20 से क्या सीख सकते हैं?
और यह भी सीखो कि दूसरों के लिए प्रार्थना करना कितना गहरा काम है। यह भजन राजा के लिए नहीं, बल्कि प्रजा के द्वारा राजा के लिए गाया गया। किसी और के संकट के दिन में उसके लिए पुकारना, यह प्रेम का एक ठोस रूप है, भावनात्मक समर्थन से कहीं अधिक।
भजन संहिता 20 एक महत्वपूर्ण बाइबल कहानी क्यों है?
प्रभु, हमारे संकट के दिनों में हमारी सुन लें। हमें सिखाएँ कि हम रथों और घोड़ों पर नहीं, बल्कि आपके नाम पर भरोसा रखें। जहाँ हम झुकते और गिरते हैं, वहाँ हमें फिर से उठाकर सीधा खड़ा करें, जैसे आपने यीशु मसीह को मृत्यु से उठाया। हम आपको पुकारते हैं, हमारी सहायता करें। आमीन।

दूसरों ने क्या पाया

अंतर्दृष्टि संपादकीय पर पद 5

हम तेरे उद्धार के कारण जयजयकार करेंगे, और अपने परमेश्वर के नाम से झंडा खड़ा करेंगे।"

यह गीत लड़ाई से पहले गाया जा रहा है, जीत के बाद नहीं। लोग अभी युद्ध में जाने वाले राजा के लिए प्रार्थना कर रहे हैं, और अभी से जयजयकार की बात कर रहे हैं।

और ध्यान दे, झंडा राजा के नाम का नहीं, परमेश्वर के नाम का है। तेरी लड़ाई किसके नाम से लड़ी जा रही है?

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