रूत 4
पाठ
बोअज नगर के फाटक पर बैठता है, दस वृद्धों को गवाह बनाता है, और निकटतम कुटुम्बी के सामने प्रस्ताव रखता है: नाओमी की भूमि, पर उसके साथ रूत भी। वह कुटुम्बी अपने "निज भाग" के बिगड़ने के डर से पीछे हट जाता है और जूती उतार देता है। बोअज रूत को ब्याह लेता है, ओबेद जन्मता है, नाओमी उसे गोद में लेती है, और अध्याय एक वंशावली पर समाप्त होता है जो दाऊद तक पहुँचती है।
मर्म
ध्यान दीजिए कि इस पूरी पुस्तक में कथावाचक केवल दो बार कहता है कि परमेश्वर ने कुछ किया: एक बार जब उन्होंने अपनी प्रजा को रोटी दी, और यहाँ, "यहोवा की दया से उसको गर्भ रहा।" बाकी सब मानवीय है: खेत में बालें बीनना, रात को खलिहान में जोखिम उठाना, फाटक पर कानूनी सौदेबाज़ी। परमेश्वर का उद्धार यहाँ स्वर्ग से उतरता हुआ नहीं, बल्कि रीति-रिवाज़, कानून और एक आदमी की निष्ठा के भीतर से उभरता हुआ दिखाया गया है। और वह मुफ़्त नहीं है। छुड़ाने का अधिकार रखने वाला पहला कुटुम्बी हिसाब लगाता है और मना कर देता है; बोअज़ हिसाब लगाता है और भुगतान करता है, एक ऐसे नाम के लिए जो उसका अपना नहीं है।
मुख्य सूत्र
यह अध्याय जान-बूझकर वंशावली पर खत्म होता है, क्योंकि पूरी कहानी का दाँव इसी पर है। न्यायियों के अराजक युग में, जहाँ हर कोई अपनी दृष्टि में जो ठीक था वही करता था, बैतलहम के एक कोने में चुपचाप दाऊद का घराना तैयार हो रहा है। मत्ती इस सूची को उठाकर सीधे यीशु मसीह तक ले जाता है। पर सावधानी: बोअज़ मसीह का सुंदर पूर्वचिह्न है, फिर भी अंतर असल है। बोअज़ मोल देकर अपने घराने में जोड़ता है; मसीह अपने आप को देकर छुड़ाते हैं। समानता अधिकार और इच्छा के मेल में है: छुड़ानेवाला वही हो सकता है जो रिश्तेदार हो, सामर्थ्य रखता हो, और चाहे भी।
दर्पण
उस बेनाम कुटुम्बी का वाक्य आज भी हमारे मुँह में है: "ऐसा न हो कि मेरा निज भाग बिगड़ जाए।" वह बुरा आदमी नहीं है, वह समझदार आदमी है। वह ज़मीन लेने को तैयार था; बोझ लेने को नहीं। हम भी ऐसा ही करते हैं। बूढ़े माता-पिता की देखभाल, विधवा बहन की फीस, वह भतीजा जिसे नौकरी चाहिए, वह पड़ोसी जिसका मुकदमा चल रहा है: हम गणित करते हैं और गणित हमें बचा लेता है। बोअज़ का फ़र्क यह था कि उसने अपनी ज़िम्मेदारी दस गवाहों के सामने बोल दी, जहाँ से पीछे हटना संभव नहीं था। आज ही एक व्यक्ति चुनिए जिसकी ज़रूरत आपने हिसाब लगाकर टाल दी थी, और किसी एक गवाह के सामने, अपने जीवनसाथी या मित्र को फ़ोन पर, ज़ोर से कहिए: "इस हफ़्ते मैं उनके लिए यह करूँगा।" तारीख़ के साथ।
प्रश्न
व्यवस्थाविवरण साफ़ कहता है कि मोआबी दसवीं पीढ़ी तक यहोवा की सभा में न आए। और यह अध्याय, ठीक कानूनी घोषणा के भीतर, उसे "रूत मोआबिन" कहकर पुकारता है, जैसे कोई कुछ छिपाना ही न चाहता हो। यही स्त्री दाऊद की परदादी बनती है। बाद में एज्रा और नहेम्याह के दिनों में विदेशी पत्नियों को निकाला जाएगा। कथावाचक इस तनाव को हल नहीं करता, न कोई अपवाद-खंड जोड़ता है। वह बस बताता है कि हुआ क्या। मुझे लगता है यह असुविधा जान-बूझकर छोड़ी गई है: व्यवस्था समुदाय की रक्षा करती है, और परमेश्वर की करुणा उस रक्षा की दीवार के ऊपर से आ जाती है। कब कौन सा सच भारी पड़ेगा, यह हमें तय करने का अधिकार पुस्तक नहीं देती।
एक बारीकी
जूती। पद 7 में कथावाचक रुककर समझाता है, "पुराने समय में इस्राएल में… यह प्रथा थी", यानी उसके पाठकों के लिए यह रिवाज़ पहले ही अजनबी हो चुका था। पर एक बात और है। व्यवस्थाविवरण में जूती उतारना अपमान की क्रिया है: विधवा उस देवर की जूती उतारकर उसके मुँह पर थूकती है जो उसका नाम बनाए रखने से इनकार करता है। यहाँ वह अपमान नरम पड़ जाता है, वह अपनी जूती खुद उतारता है, कोई थूकता नहीं। कथावाचक उसे शर्मिंदा करने से इनकार करता है। पर वह उसका नाम भी नहीं बताता। जिस आदमी ने एक मरे हुए का नाम बचाने से मना किया, उसका अपना नाम इतिहास से मिट गया। यह सज़ा नहीं, बस परिणाम है।
अन्तर्पाठ
फाटक पर खड़े लोग जो आशीर्वाद देते हैं, वह हैरान करने वाला है। राहेल और लिआ ठीक हैं, वे इस्राएल की माताएँ हैं। पर "पेरेस का सा", "जो तामार से यहूदा के द्वारा उत्पन्न हुआ"? यह उत्पत्ति 38 की वह कहानी है जिसे हम शादी में सुनाना पसंद नहीं करेंगे: एक विधवा बहू जो अपने ससुर को धोखे से पिता बनाती है, क्योंकि परिवार ने उसका हक़ नहीं दिया। बैतलहम के बुज़ुर्ग जानते हैं कि उनका गोत्र कहाँ से शुरू हुआ, और उसी को आशीष का नमूना बनाते हैं। और स्त्रियों का यह कहना कि रूत नाओमी के लिए "सात बेटों से भी श्रेष्ठ" है, हन्ना के गीत की उस पंक्ति की पूर्व-गूँज है जहाँ बाँझ सात को जन्म देती है। मत्ती इसी धारा को पहचानता है: उसकी वंशावली में तामार, रूत, और उरिय्याह की पत्नी सब मौजूद हैं। मसीह का वंशवृक्ष साफ़-सुथरा नहीं, छुड़ाया हुआ है।
चिन्तन के प्रश्न
बोअज़ ने अपनी ज़िम्मेदारी गवाहों के सामने कहा; आपने कौन सी ज़िम्मेदारी सिर्फ़ मन में रखी है, जहाँ से चुपचाप पीछे हटना आसान रहेगा?
यदि परमेश्वर का हाथ इस अध्याय में मुख्यतः कानून, रिवाज़ और लोगों की निष्ठा के भीतर छिपा है, तो आपके बीते हफ़्ते के किन "साधारण" कामों में वे काम कर रहे थे?
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Ruth 4 के बारे में अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
इस बाइबल अंश के बारे में सामान्य प्रश्नों के त्वरित उत्तर।
रूत 4 का क्या अर्थ है?
रूत 4 किस विषय में है?
रूत 4 का ऐतिहासिक संदर्भ क्या है?
रूत 4 हमें परमेश्वर के स्वभाव के बारे में क्या सिखाता है?
रूत 4 आज भी कैसे प्रासंगिक है?
Ruth 4 पर समुदाय क्या साझा करता है
इस अंश पर पाठकों और संपादकीय टीम से अंतर्दृष्टि, प्रार्थनाएँ और धन्यवाद।
पिता, धन्यवाद कि बोअज ने देर न की, बल्कि नगर के फाटक पर जाकर बैठ गया और सही समय पर वह छुड़ानेवाला कुटुम्बी भी आ गया। आपकी समयबद्धता कितनी सटीक है। धन्यवाद कि हमारे मामले भी आप खुले तौर पर, नियम और मर्यादा के साथ सुलझाते हैं, और रूत की तरह हमें भी छुड़ानेवाला दिया है।
पिता, उन नामों की सूची में जिन्हें कोई याद नहीं रखता, आपकी योजना चुपचाप चलती रही। मेरा जीवन भी शायद किसी को साधारण लगे, फिर भी आप इसमें कुछ बुन रहे हैं। मुझे भरोसा दीजिए कि जो मैं आज वफादारी से करता हूँ, वह आने वाली पीढ़ियों तक पहुँचेगा।
पिता, जहाँ किसी ने हाथ पीछे खींच लिया, वहाँ तूने किसी को आगे बढ़ाकर मेरी ज़िम्मेदारी उठवाई। मेरे टूटे हालात में भी तू चुपचाप छुड़ाने का काम करता रहा। मुझे भरोसा दे कि जो द्वार बंद हुए, उनके पीछे भी तेरी योजना चल रही है।
बोअज़ चुपचाप, छिपकर कुछ नहीं करता। वह नगर के फाटक पर जाता है और "नगर के दस पुरनियों को बुलाकर कहा, 'यहीं बैठ जाओ।'" रूत एक परदेशी विधवा थी, जिसकी कोई हैसियत न थी। फिर भी उसका मामला सबके सामने, गवाहों के बीच रखा गया। सच्चा प्रेम उजाले से नहीं डरता। जो तू किसी के लिए कर रहा है, क्या वह रोशनी में टिक सकता है?
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