यहेजकेल 5
पाठ
परमेश्वर यहेजकेल को एक पैनी तलवार देते हैं, पर लड़ने के लिए नहीं: "उसे नाई के उस्तरे के काम में लाकर अपने सिर और दाढ़ी के बाल मुँण्ड़ डाल।" फिर वह बालों को तराजू पर तौलकर तीन बराबर भागों में बाँटता है, एक तिहाई नगर के बीच जलाता है, एक तिहाई तलवार से काटता है, एक तिहाई हवा में उड़ा देता है, और कुछ थोड़े से बाल अपने कपड़े की छोर में बाँध लेता है, जिनमें से भी कुछ आग में डाले जाते हैं। इसके बाद परमेश्वर स्वयं इस अभिनय का अर्थ खोलते हैं: "यरूशलेम ऐसी ही है।" जो नगर जातियों के बीच रखा गया था, वह उन्हीं जातियों से बढ़कर दुष्ट निकला, और अब महामारी, अकाल, तलवार और तितर-बितर होना उसका हिस्सा है, सब जातियों की आँखों के सामने।
मर्म
इस अध्याय की सबसे चुभनेवाली पंक्ति धमकी नहीं, परिचय है: "देख, मैं स्वयं तेरे विरुद्ध हूँ।" यरूशलेम के लोग मानते थे कि परमेश्वर की उपस्थिति मन्दिर में उनकी सुरक्षा की गारंटी है; यहाँ वही उपस्थिति उनके आमने-सामने खड़ी हो जाती है। चुनाव का अर्थ छूट नहीं, बल्कि अधिक जवाबदेही है। परमेश्वर ने इस्राएल को "अन्यजातियों के बीच" रखा था, मानो दुनिया के बीचोंबीच एक दीपक, ताकि जातियाँ देखें कि न्यायी परमेश्वर के साथ जीना कैसा दिखता है। जब दीपक खुद अन्धकार उगलने लगे, तो न्याय भी उतना ही सार्वजनिक होगा जितना बुलाहट थी। और ध्यान दीजिए, परमेश्वर का कोप यहाँ अनियंत्रित क्रोध नहीं, बल्कि तौला हुआ है, तराजू पर, तिहाई-तिहाई, एक घायल प्रेम की ठण्डी सटीकता।
सामान्य सूत्र
इस अध्याय में बचे हुए बाल सबसे अजीब और सबसे महत्वपूर्ण विवरण हैं: "तब इनमें से थोड़े से बाल लेकर अपने कपड़े की छोर में बाँधना।" आग, तलवार और हवा के बाद भी परमेश्वर कुछ अपने पल्लू में सुरक्षित रखते हैं। यहीं से वह धागा शुरू होता है जो पूरे बाइबिल में चलता है, बचे हुओं का धागा, जिसकी अंतिम गाँठ मसीह हैं। और ध्यान दीजिए, उन बचे हुओं में से भी कुछ आग में डाले जाते हैं; शुद्धिकरण छूट नहीं देता। क्रूस पर यही दोनों बातें मिलती हैं: न्याय अपनी पूरी तौल के साथ गिरता है, पर किसी और के सिर पर। यहेजकेल का उस्तरा जो यरूशलेम के सिर पर चला, वही तलवार अंततः उस पर चली जो निर्दोष था।
दर्पण
हम भी यरूशलेम की तरह सोचते हैं। मेरी उपस्थिति कलीसिया में है, मेरा नाम सदस्यता सूची में है, मेरा बपतिस्मा हो चुका है, इसलिए परमेश्वर मेरे पक्ष में हैं, चाहे मेरे दफ़्तर का हिसाब-किताब कुछ भी कहे, चाहे घर में मेरी ज़ुबान कैसी भी चले। यह अध्याय उस गणित को तोड़ता है। परमेश्वर कहते हैं कि इस्राएल ने "अन्यजातियों से अधिक दुष्टता की", यानी जिनके पास ज़्यादा रोशनी थी वे ज़्यादा ज़िम्मेदार ठहरे। यह डराने के लिए नहीं, जगाने के लिए है। जिस पाप को आप वर्षों से "बस इतना ही तो है" कहकर टालते आए हैं, वह परमेश्वर की नज़र में तौला जा चुका है। आज एक कागज़ पर उस एक बात का नाम लिखिए और उसे ज़ोर से परमेश्वर के सामने बोलकर कागज़ फाड़ दीजिए।
प्रसंग
कल्पना कीजिए: बाबेल का इलाका, कबार नहर के किनारे बसी शरणार्थियों की बस्ती, साल लगभग 593 ईसा पूर्व। यहेजकेल याजक घराने का है, पर यहाँ कोई मन्दिर नहीं, कोई वेदी नहीं। यरूशलेम अभी खड़ा है, और बस्ती में अफ़वाहें गरम हैं कि जल्दी ही लौटना होगा। उसी भीड़ के बीच एक याजक अपना सिर और दाढ़ी मूँड़ता है। याजक के लिए दाढ़ी मूँड़ना व्यवस्था में वर्जित था; यह शोक, अपमान और युद्धबंदी का चिह्न था। लोगों ने जो देखा वह उपदेश नहीं, एक जीवित शरीर पर लिखी हुई शर्म थी। मिट्टी की ईंट पर घेराबंदी का खेल, और अब बालों का तराजू: यहेजकेल का शरीर ही उसका मंच बन गया।
अंतर्पाठ
इस अध्याय का सबसे भयानक वाक्य, कि बाप और बच्चे एक दूसरे का माँस खाएँगे, यहेजकेल की अपनी कल्पना नहीं है। लैव्यव्यवस्था 26 में वाचा की शापों की सूची ठीक यही क्रम देती है: अकाल, जंगली जन्तु, महामारी, तलवार, तितर-बितर होना। यानी परमेश्वर कोई नया बदला नहीं ले रहे; वे वही कर रहे हैं जिस पर इस्राएल ने सीनै पर हस्ताक्षर किए थे। यह न्याय अनुबंध के भीतर का न्याय है। और सदियों बाद प्रकाशितवाक्य 6:8 में वही चार हथियार फिर लौटते हैं, तलवार, अकाल, मरी और जंगली जन्तु, अब पूरी पृथ्वी पर। यरूशलेम के साथ जो हुआ, वह पूरी दुनिया के लिए एक चेतावनी-चिह्न है।
मुख्य पात्र
इस अध्याय का मुख्य पात्र यहेजकेल नहीं, परमेश्वर हैं, और उनका चेहरा यहाँ असहज रूप से नज़दीक है। वे कहते हैं, "मुझ यहोवा ही ने जलन में आकर यह कहा है।" जिस इब्रानी शब्द का अनुवाद "जलन" है, वह क़िनआ है, वही शब्द जो पति-पत्नी के रिश्ते में विश्वासघात पर उठनेवाली आग के लिए इस्तेमाल होता है। यह ठण्डे न्यायाधीश की उदासीनता नहीं, धोखा खाए प्रेमी की तड़प है। इसीलिए वाक्य इतने तीखे हैं: "मैं तुझ पर दया की दृष्टि न करूँगा।" जो परमेश्वर परवाह नहीं करते, वे क्रोधित भी नहीं होते। यहाँ का क्रोध इस बात का प्रमाण है कि परमेश्वर ने इस रिश्ते को कभी हल्के में नहीं लिया, और अंत में यह भी कहते हैं, "वे जान लेंगे कि मुझ यहोवा ने ही…" पहचान ही उनका लक्ष्य है।
चिंतन
आपके जीवन में कौन सी बात आप "अन्यजातियों" से तुलना करके जायज़ ठहराते हैं, जबकि परमेश्वर उसे आपकी अधिक रोशनी के पैमाने पर तौल रहे हैं?
यदि परमेश्वर का क्रोध उनके प्रेम का ही दूसरा चेहरा है, तो यह बात आपकी प्रार्थना में उनके बारे में क्या बदलती है?
Ezekiel में और गहराई से जानें
चुनी हुई पुस्तकें जो इस बाइबल पुस्तक को और गहराई से समझाती हैं।
Makes the visions understandable and the hope of new hearts vivid.
Ezekiel: An Introduction and Commentary
A trusted Tyndale commentary: compact, careful and clear on every passage.
Faith.network earns a small commission on Kobo purchases made through these links, at no extra cost to you. It helps keep the studies free.
Ezekiel 5 के बारे में अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
इस बाइबल अंश के बारे में सामान्य प्रश्नों के त्वरित उत्तर।
यहेजकेल 5 का क्या अर्थ है?
यहेजकेल 5 किस विषय में है?
यहेजकेल 5 का ऐतिहासिक संदर्भ क्या है?
यहेजकेल 5 हमें परमेश्वर के स्वभाव के बारे में क्या सिखाता है?
यहेजकेल 5 आज भी कैसे प्रासंगिक है?
Ezekiel 5 में आपको क्या स्पर्श करता है?
इस अंश पर अभी तक कोई अंतर्दृष्टि साझा नहीं की गई है। पहले बनें और कुछ छोड़ें: एक अंतर्दृष्टि, प्रार्थना या धन्यवाद।
इस अंश को किसी और स्तर पर देखें
शुरुआती, धर्मशास्त्री, या कोई अलग लंबाई? सेटिंग्स बदलें और अपना संस्करण बनाएँ।
अध्ययन टूल में खोलें
