परमेश्वर का प्यार और भरोसा
प्यार और भरोसा
बच्चों के लिए चार छोटे बाइबल पल, भजन संहिता 63:7, यूहन्ना 15:13, 1 शमूएल 17:39 and इब्रानियों 13:5 पर आधारित।
☀ सुबह का पल
क्योंकि तू मेरा सहायक बना है, इसलिए मैं तेरे पंखों की छाया में जयजयकार करूँगा।
भजन संहिता 63:7 (IRV Hindi 2019)
सरल शब्दों में: परमेश्वर ने हमेशा हमारी मदद की है, इसलिए हम खुशी से गा सकते हैं क्योंकि हम उसकी सुरक्षा में हैं।
अलार्म बज गया, चादर अभी भी गर्म है, पर मम्मी की आवाज़ आ रही है, जल्दी उठो। जूते ढूंढने हैं, बैग भरना है, और बस्ते का वज़न फिर भी भारी लगता है। कभी-कभी सुबह से ही थकान लग सकती है, जैसे स्कूल का दिन बहुत बड़ा पहाड़ हो।
पर सोचो एक चिड़िया अपने बच्चों को पंखों के नीचे छुपा लेती है, ठीक वैसे ही परमेश्वर तुम्हें भी सुरक्षित रखता है। जब तुम स्कूल के गेट से अंदर जाओगे, वह तुम्हारे साथ रहेगा। जब क्लास में कोई सवाल कठिन लगे या दोस्त थोड़ा नाराज़ हो, तब भी परमेश्वर तुम्हारे पास है। तुम अकेले नहीं जा रहे।
आपकी बारी
आज घर से निकलने से पहले, धीरे से कहो, धन्यवाद परमेश्वर, आज मेरे साथ रहना।
✦ दोपहर का पल
इससे बड़ा प्रेम किसी का नहीं, कि कोई अपने मित्रों के लिये अपना प्राण दे।
यूहन्ना 15:13 (IRV Hindi 2019)
सरल शब्दों में: यीशु कहते हैं कि सबसे बड़ा प्यार यह है कि कोई अपने दोस्तों के लिए अपनी जान तक दे दे।
अभी दोपहर का खाना सामने रखा है। शायद तुम्हारे पास कुछ अच्छा है, कोई फल या मिठाई, जिसे तुम अकेले खाना चाहते हो। पर तभी तुम्हारा दोस्त देखता है और उसकी आँखों में भी वही चाहत दिखती है।
यीशु ने कहा कि सबसे बड़ा प्यार यह है कि कोई अपने दोस्त के लिए कुछ दे दे। यह हमेशा बड़ी बात नहीं होती। कभी वह सिर्फ अपनी रोटी का एक टुकड़ा बाँटना होता है, कभी अपनी जगह किसी और को देना, कभी बस साथ बैठना जब कोई उदास हो। हर छोटा बाँटना यीशु के प्यार जैसा है।
आपकी बारी
आज दोपहर के खाने में अपने खाने का एक टुकड़ा किसी दोस्त या भाई-बहन के साथ बाँटो।
✩ दोपहर का पल
तब दाऊद ने उसकी तलवार वस्त्र के ऊपर कसी, और चलने का यत्न किया; उसने तो उनको न परखा था। इसलिए दाऊद ने शाऊल से कहा, “इन्हें पहने हुए मुझसे चला नहीं जाता, क्योंकि मैंने इन्हें नहीं परखा है।” और दाऊद ने उन्हें उतार दिया।
1 शमूएल 17:39 (IRV Hindi 2019)
सरल शब्दों में: दाऊद ने राजा का भारी कवच और तलवार पहनकर चलने की कोशिश की, पर वह उसमें चल नहीं पाया। इसलिए उसने वह सब उतार दिया।
स्कूल के बाद तुम शायद थके हुए घर आए हो, बैग कंधे से उतारकर सोफे पर गिर गए हो। सोचो, दाऊद भी एक दिन मैदान में खड़ा था, गोलियत के सामने। राजा शाऊल ने अपना भारी कवच और बड़ी तलवार उसे पहनाई, ताकि वह सुरक्षित रहे।
पर दाऊद उसमें चल भी नहीं पाया। वह कवच बहुत बड़ा और अजनबी था। शायद तुम्हें भी कभी लगा हो कि तुम्हें किसी और जैसा खेलना चाहिए, वैसे ही चित्र बनाना चाहिए जैसे तुम्हारा दोस्त बनाता है, या वैसे ही बोलना चाहिए जैसे किसी और की आवाज़ है। दाऊद ने वह कवच उतार दिया और अपनी खुद की गोफन उठाई, जो उसने बहुत बार भेड़ों के साथ इस्तेमाल की थी।
आपकी बारी
आज घर आकर मम्मी या पापा को बताओ कि तुम कौन सी एक चीज़ अपने तरीके से अच्छी तरह से कर सकते हो।
☾ संध्या का क्षण
तुम्हारा स्वभाव लोभरहित हो, और जो तुम्हारे पास है, उसी पर संतोष किया करो; क्योंकि उसने आप ही कहा है, “मैं तुझे कभी न छोड़ूँगा, और न कभी तुझे त्यागूँगा।” (भज. 37:25, व्यव. 31:8, यहो. 1:5)
इब्रानियों 13:5 (IRV Hindi 2019)
सरल शब्दों में: परमेश्वर ने वादा किया है कि वह तुम्हें कभी अकेला नहीं छोड़ेगा, वह हमेशा तुम्हारे साथ रहता है।
आज शुक्रवार का दिन था। शायद तुमने स्कूल में मेहनत की, दोस्तों के साथ खेला, या घर आकर थोड़ा आराम किया। अब शाम हो गई है, और थोड़ी देर में तुम अपने बिस्तर में लेट जाओगे।
जब कमरे की बत्ती बंद होती है, तो कभी-कभी अंधेरा थोड़ा डरावना लगता है। पर परमेश्वर ने एक खास वादा किया है। उसने कहा, 'मैं तुझे कभी न छोड़ूँगा।' इसका मतलब है, तुम अकेले नहीं हो। जब तुम्हारी आँखें बंद होती हैं, तब भी परमेश्वर जागते रहते हैं और तुम्हारी रखवाली करते हैं। तुम्हें डरने की कोई जरूरत नहीं है, क्योंकि उसका हाथ तुम्हारे ऊपर है, पूरी रात।
आपकी बारी
आज रात सोने से पहले धीरे से कहो, धन्यवाद परमेश्वर, आप मेरे साथ हैं।
इन अंशों को बाइबल में पढ़ें
किसी अंश पर टैप करें और अपने माता-पिता या शिक्षक के साथ यहीं पढ़ें।
7क्योंकि तू मेरा सहायक बना है, इसलिए मैं तेरे पंखों की छाया में जयजयकार करूँगा।
13इससे बड़ा प्रेम किसी का नहीं, कि कोई अपने मित्रों के लिये अपना प्राण दे।
39तब दाऊद ने उसकी तलवार वस्त्र के ऊपर कसी, और चलने का यत्न किया; उसने तो उनको न परखा था। इसलिए दाऊद ने शाऊल से कहा, “इन्हें पहने हुए मुझसे चला नहीं जाता, क्योंकि मैंने इन्हें नहीं परखा है।” और दाऊद ने उन्हें उतार दिया।
5तुम्हारा स्वभाव लोभरहित हो, और जो तुम्हारे पास है, उसी पर संतोष किया करो; क्योंकि उसने आप ही कहा है, “मैं तुझे कभी न छोड़ूँगा, और न कभी तुझे त्यागूँगा।” (भज. 37:25, व्यव. 31:8, यहो. 1:5)
बच्चों के लिए और अधिक?
Faith.network Kids पर आपको बच्चों के लिए विशेष रूप से बनाई गई और भी कई बाइबल कहानियाँ, पठन योजनाएँ और गतिविधियाँ मिलेंगी।
Faith.network Kids पर जाएँ