परमेश्वर हमारा ख्याल रखते हैं
परमेश्वर की देखभाल
बच्चों के लिए चार छोटे बाइबल पल, मत्ती 6:33, लूका 6:37, यूहन्ना 5:6 and लूका 12:7 पर आधारित।
☀ सुबह का पल
इसलिए पहले तुम परमेश्वर के राज्य और धार्मिकता की खोज करो तो ये सब वस्तुएँ तुम्हें मिल जाएँगी।(लूका 12:31)
मत्ती 6:33 (IRV Hindi 2019)
सरल शब्दों में: जब तुम सबसे पहले परमेश्वर को याद करते हो, तो वह तुम्हारी बाकी सारी ज़रूरतों का भी ध्यान रखता है।
सुबह की धूप खिड़की से आती है, और तुम्हें उठना है। जूते ढूँढने हैं, बस्ता उठाना है, नाश्ते की खुशबू आ रही है। इतनी सारी बातें एक साथ याद रखनी पड़ती हैं, ना।
पर एक बात बहुत आसान है। परमेश्वर को पहले याद करना। तुम्हें कोई बड़ी प्रार्थना नहीं बोलनी, बस एक पल के लिए सोचना, वह आज मेरे साथ है। जैसे मम्मी तुम्हारा टिफिन तैयार करती है, वैसे ही परमेश्वर तुम्हारे पूरे दिन का ध्यान रखता है, स्कूल में, खेल के मैदान में, दोस्तों के साथ भी।
आपकी बारी
स्कूल के लिए निकलने से पहले, एक छोटी सी बात परमेश्वर से कहो, 'आज मेरे साथ रहना।'
✦ दोपहर का पल
“दोष मत लगाओ; तो तुम पर भी दोष नहीं लगाया जाएगा: दोषी न ठहराओ, तो तुम भी दोषी नहीं ठहराए जाओगे: क्षमा करो, तो तुम्हें भी क्षमा किया जाएगा।
लूका 6:37 (IRV Hindi 2019)
सरल शब्दों में: यीशु ने कहा, दूसरों पर उंगली मत उठाओ, तो तुम पर भी कोई उंगली नहीं उठाएगा। दूसरों को माफ़ करो, तो तुम्हें भी माफ़ी मिलेगी।
स्कूल की छुट्टी में जब तुम टिफिन खोलते हो, तो कभी कोई दोस्त तुम्हारी चीज़ गिरा देता है, या मज़ाक में कुछ कह देता है। उस वक्त गुस्सा आना आसान है, है ना?
यीशु कहते हैं कि दोष लगाने की जगह माफ़ करना बेहतर है। जब तुम किसी की छोटी गलती को छोड़ देते हो, तो तुम्हारा दिल भी हल्का रहता है, और दोस्ती टूटती नहीं।
आपकी बारी
आज लंच के समय अपने साथ बैठे किसी दोस्त की एक छोटी गलती को हंसकर माफ़ कर दो।
✩ दोपहर का पल
यीशु ने उसे पड़ा हुआ देखकर और यह जानकर कि वह बहुत दिनों से इस दशा में पड़ा है, उससे पूछा, “क्या तू चंगा होना चाहता है?”
यूहन्ना 5:6 (IRV Hindi 2019)
सरल शब्दों में: यीशु ने एक बीमार आदमी को देखा जो बहुत सालों से वहीं पड़ा था। यीशु ने उससे पूछा, क्या तुम ठीक होना चाहते हो?
स्कूल से आते वक़्त कभी लगता है कि बस बहुत देर से आ रही है? कुछ मिनट भी बहुत लंबे लगते हैं। सोचो, वह आदमी वहाँ अड़तीस साल से पड़ा था। बस, दिन, महीने, साल, इंतज़ार करते-करते। किसी ने उसकी मदद नहीं की। लेकिन यीशु उसके पास गए और सीधा उससे पूछा। यीशु ने उसे नज़रअंदाज़ नहीं किया, जैसे तुम भीड़ में भी अनदेखे नहीं रहते। यीशु देखता है, तब भी जब तुम्हें लगे कि किसी को परवाह नहीं। और यीशु सवाल पूछता है, धीरे से, प्यार से। तुमसे भी वैसे ही पूछता है, जब तुम उदास हो या थके हो। आज घर पहुँचकर किसी एक को बताओ जो तुम्हें आज परेशान कर रहा था, बस एक बात।
☾ संध्या का क्षण
वरन् तुम्हारे सिर के सब बाल भी गिने हुए हैं, अतः डरो नहीं, तुम बहुत गौरैयों से बढ़कर हो।
लूका 12:7 (IRV Hindi 2019)
सरल शब्दों में: परमेश्वर तुम्हारे बारे में हर छोटी बात भी जानता है, इसलिए डरने की कोई ज़रूरत नहीं।
खिड़की के बाहर अब अंधेरा हो गया है। तुम्हारा स्कूल बैग दरवाज़े के पास रखा है, कल फिर स्कूल जाना है। पर अभी, इस पल में, तुम्हें कहीं जाना नहीं है। बस लेटना है और चैन से सांस लेना है।
क्या तुमने कभी सोचा कि परमेश्वर तुम्हारे बारे में कितना जानता है? इतना कि तुम्हारे सिर के बाल भी गिने हुए हैं। तुम्हारी छोटी-छोटी बातें, तुम्हारा हँसना, तुम्हारा थक जाना, सब कुछ वह जानता है। इसलिए कोई डर की बात नहीं। तुम अकेले नहीं सो रहे, वह पास ही है, जाग रहा है, तुम्हारी रखवाली कर रहा है।
आपकी बारी
आज सोने से पहले, धीरे से परमेश्वर को एक बात के लिए धन्यवाद कहो, फिर आँखें बंद करो और चैन से सो जाओ।
इन अंशों को बाइबल में पढ़ें
किसी अंश पर टैप करें और अपने माता-पिता या शिक्षक के साथ यहीं पढ़ें।
33इसलिए पहले तुम परमेश्वर के राज्य और धार्मिकता की खोज करो तो ये सब वस्तुएँ तुम्हें मिल जाएँगी।(लूका 12:31)
37“दोष मत लगाओ; तो तुम पर भी दोष नहीं लगाया जाएगा: दोषी न ठहराओ, तो तुम भी दोषी नहीं ठहराए जाओगे: क्षमा करो, तो तुम्हें भी क्षमा किया जाएगा।
6यीशु ने उसे पड़ा हुआ देखकर और यह जानकर कि वह बहुत दिनों से इस दशा में पड़ा है, उससे पूछा, “क्या तू चंगा होना चाहता है?”
7वरन् तुम्हारे सिर के सब बाल भी गिने हुए हैं, अतः डरो नहीं, तुम बहुत गौरैयों से बढ़कर हो।
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