सुबह से शाम तक परमेश्वर का प्यार
परमेश्वर का प्यार
बच्चों के लिए चार छोटे बाइबल पल, भजन संहिता 92:2, नीतिवचन 27:9, मरकुस 7:34-35 and भजन संहिता 91:1 पर आधारित।
☀ सुबह का पल
प्रातःकाल को तेरी करुणा, और प्रति रात तेरी सच्चाई का प्रचार करना,
भजन संहिता 92:2 (IRV Hindi 2019)
सरल शब्दों में: सुबह उठकर परमेश्वर के प्यार की बात करना अच्छा है, और रात को उसकी सच्चाई की बात करना भी अच्छा है।
तुम अभी बिस्तर से उठे हो, आँखें अभी पूरी तरह खुली भी नहीं हैं। पर जानते हो क्या? परमेश्वर पहले से ही जाग रहा है, और उसने आज के दिन के लिए तुम्हें प्यार से देखा है।
हर सुबह कुछ नया होता है। स्कूल का बैग तैयार करना, नाश्ता खाना, दोस्तों से मिलना, शायद कोई परीक्षा भी हो। इन सब के बीच परमेश्वर की करुणा तुम्हारे साथ चलती है, जैसे कोई अच्छा दोस्त हाथ पकड़े हुए चलता है।
आपकी बारी
आज सुबह उठकर घर में किसी एक को मुस्कुराकर 'गुड मॉर्निंग' कहो।
✦ दोपहर का पल
जैसे तेल और सुगन्ध से, वैसे ही मित्र के हृदय की मनोहर सम्मति से मन आनन्दित होता है।
नीतिवचन 27:9 (IRV Hindi 2019)
सरल शब्दों में: जैसे अच्छी खुशबू मन को खुश कर देती है, वैसे ही अच्छे दोस्त की मीठी बात मन को खुश कर देती है।
आज दोपहर के खाने पर सोचो, तुम्हारे साथ कौन बैठा है? भाई, बहन, दोस्त, या मम्मी-पापा? कभी-कभी हम खाना खाते हुए कुछ नहीं बोलते, बस जल्दी से खा लेते हैं। पर एक अच्छी बात, एक हल्की सी मुस्कान, या एक मज़ेदार किस्सा, पूरे माहौल को खुशी से भर देता है।
जैसे इत्र की खुशबू कमरे को अच्छा बना देती है, वैसे ही मीठी बात किसी का दिन बना देती है। सोचो, तुमने आखिरी बार किसी को कोई अच्छी बात कब कही थी? शायद स्कूल में किसी दोस्त को, या घर पर किसी को।
आपकी बारी
आज खाना खाते समय अपने साथ बैठे किसी को एक अच्छी या मीठी बात कहो।
✩ दोपहर का पल
और स्वर्ग की ओर देखकर आह भरी, और उससे कहा, “इप्फत्तह!” अर्थात् “खुल जा!” और उसके कान खुल गए, और उसकी जीभ की गाँठ भी खुल गई, और वह साफ-साफ बोलने लगा।
मरकुस 7:34-35 (IRV Hindi 2019)
सरल शब्दों में: एक आदमी सुन नहीं सकता था और ठीक से बोल नहीं सकता था। यीशु ने उसे छुआ और वह सुनने और बोलने लगा।
स्कूल की छुट्टी के बाद जब तुम घर आते हो, तो कितनी आवाज़ें सुनते हो? गाड़ियों की आवाज़, दोस्तों की हँसी, माँ का बुलाना। सोचो अगर तुम कुछ भी न सुन पाते तो कैसा लगता?
यीशु के पास एक आदमी लाया गया जो सुन नहीं सकता था। यीशु ने उसे अलग ले जाकर उसके कान छुए, आसमान की ओर देखा और कहा, “खुल जा।” उसी पल उस आदमी के कान खुल गए। वह अचानक सारी आवाज़ें सुनने लगा।
आपकी बारी
यीशु को छोटी छोटी बातें भी दिखती हैं, जैसे कोई कान से सुन नहीं पाता या बोल नहीं पाता। आज घर आकर किसी एक आवाज़ को ध्यान से सुनो, जैसे पंछी की चहचहाहट या माँ की हँसी, और उसके लिए यीशु को धन्यवाद कहो।
☾ संध्या का क्षण
जो परमप्रधान के छाए हुए स्थान में बैठा रहे, वह सर्वशक्तिमान की छाया में ठिकाना पाएगा।
भजन संहिता 91:1 (IRV Hindi 2019)
सरल शब्दों में: जो बच्चा परमेश्वर के पास रहता है, वह उसकी सुरक्षित छाया में आराम से रहता है, जैसे पेड़ की ठंडी छाया में।
आज मंगलवार का दिन खत्म हो गया। स्कूल का बैग कोने में रखा है, जूते उतार दिए हैं, और अब बस सोने का समय है। पूरा घर धीरे धीरे शांत हो रहा है।
क्या तुमने कभी किसी बड़े पेड़ की छाया में बैठा है? कैसी ठंडी और सुरक्षित लगती है वह जगह। परमेश्वर वैसी ही छाया है तुम्हारे लिए। जब तुम अपने बिस्तर में लेटते हो, तो तुम उसी छाया में लेटे हो। वह तुम्हें देख रहा है, वह तुम्हारे पास है, चुपचाप, धीरे से।
तुम्हें कुछ भी करने की जरूरत नहीं है, बस सोना है। परमेश्वर सारी रात जागता रहेगा।
आपकी बारी
आज रात सोने से पहले, एक बार धीरे से कहो, 'परमेश्वर, धन्यवाद कि आप मेरे पास हैं।'
इन अंशों को बाइबल में पढ़ें
किसी अंश पर टैप करें और अपने माता-पिता या शिक्षक के साथ यहीं पढ़ें।
2प्रातःकाल को तेरी करुणा, और प्रति रात तेरी सच्चाई का प्रचार करना,
9जैसे तेल और सुगन्ध से, वैसे ही मित्र के हृदय की मनोहर सम्मति से मन आनन्दित होता है।
34और स्वर्ग की ओर देखकर आह भरी, और उससे कहा, “इप्फत्तह!” अर्थात् “खुल जा!”
35और उसके कान खुल गए, और उसकी जीभ की गाँठ भी खुल गई, और वह साफ-साफ बोलने लगा।
1जो परमप्रधान के छाए हुए स्थान में बैठा रहे, वह सर्वशक्तिमान की छाया में ठिकाना पाएगा।
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