परमेश्वर हर पल हमारे साथ
परमेश्वर साथ है
बच्चों के लिए चार छोटे बाइबल पल, भजन संहिता 5:3, नीतिवचन 15:1, मरकुस 6:41 and भजन संहिता 139:9-10 पर आधारित।
☀ सुबह का पल
हे यहोवा, भोर को मेरी वाणी तुझे सुनाई देगी, मैं भोर को प्रार्थना करके तेरी बाट जोहूँगा।
भजन संहिता 5:3 (IRV Hindi 2019)
सरल शब्दों में: सुबह उठते ही परमेश्वर तुम्हारी आवाज़ सुनता है। तुम उसे अपनी बातें बता सकते हो और उम्मीद के साथ इंतज़ार कर सकते हो।
अलार्म बजता है, मम्मी आवाज़ लगाती है, जल्दी उठो, स्कूल की बस आने वाली है। जूते ढूँढते हो, बैग उठाते हो, नाश्ता भी पूरा नहीं खाया, फिर भी दरवाज़े की तरफ भागते हो।
ठीक इस भागदौड़ के बीच परमेश्वर तुम्हें सुन रहा है। तुम्हें लंबी प्रार्थना नहीं करनी पड़ती। बस मन में कह दो, आज मेरे साथ रहिए। जैसे मम्मी सुबह सबसे पहले तुम्हारी आवाज़ सुनती है, वैसे ही परमेश्वर भी सबसे पहले तुम्हारी बात सुनता है।
आपकी बारी
स्कूल जाने से पहले एक बार दिल में परमेश्वर से कहो, आज मेरे साथ रहिए।
✦ दोपहर का पल
कोमल उत्तर सुनने से जलजलाहट ठण्डी होती है, परन्तु कटुवचन से क्रोध भड़क उठता है।
नीतिवचन 15:1 (IRV Hindi 2019)
सरल शब्दों में: जब तुम प्यार से बात करते हो, तो गुस्सा शांत हो जाता है। पर सख्त बातों से गुस्सा और बढ़ जाता है।
आज दोपहर क्लास में शायद किसी ने तुम्हारी बात काट दी हो, या कोई तुमसे झगड़ गया हो। ऐसे समय में मन में गुस्सा आना बिल्कुल आम बात है।
पर सोचो, जब कोई तुमसे गुस्से से बात करे और तुम धीरे से, प्यार से जवाब दो, तो क्या होता है? गुस्सा जैसे हवा निकल जाती है, वैसे ही कम हो जाता है। तुम्हारे शब्द किसी का दिन बना भी सकते हैं और बिगाड़ भी सकते हैं।
आपकी बारी
आज लंच के बाद, अगर कोई तुमसे जरा तेज़ बोले, तो एक बार नरमी से जवाब देकर देखो।
✩ दोपहर का पल
और उसने उन पाँच रोटियों को और दो मछलियों को लिया, और स्वर्ग की ओर देखकर धन्यवाद किया और रोटियाँ तोड़-तोड़कर चेलों को देता गया, कि वे लोगों को परोसें, और वे दो मछलियाँ भी उन सब में बाँट दीं।
मरकुस 6:41 (IRV Hindi 2019)
सरल शब्दों में: यीशु ने पाँच रोटी और दो मछली लीं, पहले परमेश्वर को धन्यवाद दिया, फिर उन्हें तोड़कर सबको बाँटने के लिए दिया।
स्कूल से आकर जब तुम्हें भूख लगती है, तो कभी-कभी घर में बस एक छोटी सी कटोरी नाश्ता ही मिलता है। तुम सोचते हो, इतना कम, इससे क्या होगा।
एक दिन बहुत सारे लोग यीशु के पास इकट्ठे हुए थे, और खाने के लिए बस पाँच रोटी और दो मछली थीं। इतने सारे लोगों के लिए यह कुछ भी नहीं लगता था। पर यीशु ने पहले ऊपर आकाश की ओर देखा और परमेश्वर पिता को धन्यवाद दिया। फिर उन्होंने रोटी तोड़ी और बाँटना शुरू किया।
आपकी बारी
यीशु ने छोटी चीज़ को हाथ में लिया और उसे बहुत बड़ा काम बनाया। शायद तुम्हारे पास भी कुछ छोटा है, एक बिस्किट, एक फल, एक खिलौना, जिसे तुम आज किसी और के साथ बाँट सकते हो।
☾ संध्या का क्षण
यदि मैं भोर की किरणों पर चढ़कर समुद्र के पार जा बसूँ, तो वहाँ भी तू अपने हाथ से मेरी अगुआई करेगा, और अपने दाहिने हाथ से मुझे पकड़े रहेगा।
भजन संहिता 139:9-10 (IRV Hindi 2019)
सरल शब्दों में: जहां भी तुम जाओ, परमेश्वर का हाथ तुम्हें थामे रहता है। दूर हो या पास, वे तुम्हारे साथ हैं।
आज दिनभर तुम कितनी जगह गए? स्कूल, मैदान, शायद दोस्त के घर भी। पर क्या तुमने सोचा, इन सब जगहों में परमेश्वर तुम्हारे साथ थे? वे कहीं छूटे नहीं।
रात में जब कमरा अंधेरा हो जाता है, तब भी परमेश्वर का हाथ तुम्हें पकड़े रहता है। जैसे मम्मी रात में एक बार देख लेती है कि तुम ठीक से सो रहे हो, वैसे ही परमेश्वर हर पल तुम्हें देखते हैं। तुम्हें डरने की जरूरत नहीं। उनका हाथ मजबूत है, और वह तुम्हें छोड़ता नहीं।
आपकी बारी
सो जाने से पहले अपने तकिये पर हाथ रखो और कहो, धन्यवाद परमेश्वर, आज मेरे साथ रहने के लिए।
इन अंशों को बाइबल में पढ़ें
किसी अंश पर टैप करें और अपने माता-पिता या शिक्षक के साथ यहीं पढ़ें।
3हे यहोवा, भोर को मेरी वाणी तुझे सुनाई देगी, मैं भोर को प्रार्थना करके तेरी बाट जोहूँगा।
1कोमल उत्तर सुनने से जलजलाहट ठण्डी होती है, परन्तु कटुवचन से क्रोध भड़क उठता है।
41और उसने उन पाँच रोटियों को और दो मछलियों को लिया, और स्वर्ग की ओर देखकर धन्यवाद किया और रोटियाँ तोड़-तोड़कर चेलों को देता गया, कि वे लोगों को परोसें, और वे दो मछलियाँ भी उन सब में बाँट दीं।
9यदि मैं भोर की किरणों पर चढ़कर समुद्र के पार जा बसूँ,
10तो वहाँ भी तू अपने हाथ से मेरी अगुआई करेगा, और अपने दाहिने हाथ से मुझे पकड़े रहेगा।
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