7 से 12 वर्ष के बच्चे के लिए

1 राजाओं 18

प्राथमिक आयु (7-12) के लिए व्याख्या और बाइबल कहानी

बाइबल

व्याख्या

तीन साल हो गए थे। तीन साल से इस्राएल देश में बारिश नहीं गिरी थी। खेत सूखे थे, नदियाँ सूखी थीं, लोग भूखे थे। यह सब इसलिए हुआ क्योंकि राजा अहाब और उसके लोग यहोवा परमेश्वर को छोड़कर बाल नाम के झूठे देवता की पूजा करने लगे थे।

परमेश्वर ने एलिय्याह नबी से कहा, जाकर राजा अहाब को अपने आप को दिखा, मैं अब बारिश भेजूँगा। रास्ते में एलिय्याह की भेंट ओबद्याह से हुई, जो राजा का दीवान था। ओबद्याह अच्छा आदमी था, उसने यहोवा के सौ नबियों को छिपाकर बचाया था, जब रानी ईजेबेल उन्हें मार डालना चाहती थी। ओबद्याह डर गया जब एलिय्याह ने कहा, जाकर अहाब से कह दे कि मैं यहाँ हूँ। पर एलिय्याह ने कहा, मैं आज ज़रूर अहाब को दिखाई दूँगा।

अहाब ने एलिय्याह को देखते ही कहा, क्या तू ही है, इस्राएल को सताने वाला? एलिय्याह ने बिना डरे उत्तर दिया, मैंने कष्ट नहीं दिया, तूने और तेरे घराने ने बाल की पूजा करके यह सब किया है। फिर एलिय्याह ने एक बड़ी चुनौती दी। सारे इस्राएल को और बाल के साढ़े चार सौ नबियों को कर्मेल पर्वत पर बुलाया गया।

एलिय्याह ने लोगों से पूछा, तुम कब तक दो विचारों में लटके रहोगे? यदि यहोवा परमेश्वर हैं तो उनके पीछे चलो, यदि बाल है तो उसके पीछे चलो। कोई कुछ नहीं बोला। तब एलिय्याह ने कहा, दो बछड़े लाओ। एक बाल के नबी अपनी वेदी पर रखें, दूसरा मैं अपनी वेदी पर रखूँगा। आग कोई नहीं लगाएगा। जो परमेश्वर आग भेजकर उत्तर दे, वही सच्चा परमेश्वर है।

बाल के नबी सुबह से दोपहर तक चिल्लाते रहे, हे बाल हमारी सुन! वे उछले, कूदे, अपने आप को छुरियों से घायल किया, खून बहाया। पर आकाश से कोई शब्द नहीं आया, कोई आग नहीं आई। एलिय्याह ने उनका मज़ाक भी उड़ाया, ज़ोर से पुकारो, शायद तुम्हारा देवता सो रहा है।

फिर एलिय्याह की बारी आई। उसने बारह पत्थरों से एक वेदी बनाई, बारह गोत्रों के लिए। लकड़ी और बछड़ा रखा। फिर कुछ अजीब किया, उसने पानी मँगवाया, तीन बार वेदी पर उंडेला, इतना कि गड्ढा भी पानी से भर गया। सब कुछ भीग गया।

एलिय्याह ने प्रार्थना की, हे यहोवा, आज प्रगट कर कि तू ही इस्राएल में परमेश्वर है। तभी आकाश से आग गिरी। उसने बलि, लकड़ी, पत्थर, धूल सब भस्म कर दिया, और गड्ढे का पानी भी सुखा दिया। सब लोग मुँह के बल गिरकर बोले, यहोवा ही परमेश्वर है, यहोवा ही परमेश्वर है।

कुछ ही देर बाद आकाश काली घटाओं से भर गया और भारी बारिश हुई। सूखा खत्म हो गया।

इसका अर्थ क्या है?

यह कहानी दिखाती है कि झूठे देवता चुप रहते हैं, चाहे उनके पीछे लाखों लोग हों और वे कितना भी चिल्लाएँ। पर सच्चे परमेश्वर सुनते हैं, भले ही उनके साथ केवल एक ही व्यक्ति खड़ा हो। एलिय्याह अकेला था, चार सौ पचास नबियों के सामने, पर वह नहीं डरा, क्योंकि वह जानता था किसके साथ खड़ा है।

समान सूत्र

परमेश्वर ने वादा किया था कि वे अपने लोगों को कभी नहीं छोड़ेंगे, भले ही वे भटक जाएँ। एलिय्याह ने पत्थर वेदी पर रखे, याकूब के बारह पुत्रों की याद में, यह दिखाने के लिए कि परमेश्वर आज भी उसी वादे पर खड़े हैं। बाद में यीशु मसीह भी आए, अकेले, ताकि सब लोग जान सकें कि सच्चा परमेश्वर कौन है। जैसे आग आकाश से आई, वैसे ही परमेश्वर का प्रेम धरती पर आया, यीशु में।

तेरे लिए

कभी-कभी तुझे भी अकेला महसूस होगा, जब तू सही काम करना चाहेगा और दूसरे मज़ाक उड़ाएँगे। तब एलिय्याह को याद कर। तू भी परमेश्वर से बात कर सकता है, चुपचाप, अपने कमरे में, जैसे उसने पर्वत पर की। परमेश्वर सुनते हैं, भले ही तू अकेला हो।

बात करें

अगर तू एलिय्याह की जगह होता, अकेला उतने सारे नबियों के सामने, क्या तू डरता?

तुझे क्या लगता है, परमेश्वर ने पानी क्यों उंडेलवाया, आग लगाने से पहले?

साथ में प्रार्थना

हे परमेश्वर, आप ही सच्चे परमेश्वर हैं। जब हम डरें या अकेला महसूस करें, हमें याद दिलाइए कि आप हमारी सुनते हैं। जैसे आपने एलिय्याह की सुनी, वैसे ही हमारी भी सुनिए। आमीन।

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1 राजाओं 18 के बारे में प्रश्न

पहली बार इसके बारे में पढ़ने वाले हर किसी के लिए छोटे उत्तर।

1 राजाओं 18 किस विषय में है?
तीन साल हो गए थे। तीन साल से इस्राएल देश में बारिश नहीं गिरी थी। खेत सूखे थे, नदियाँ सूखी थीं, लोग भूखे थे। यह सब इसलिए हुआ क्योंकि राजा अहाब और उसके लोग यहोवा परमेश्वर को छोड़कर बाल नाम के झूठे देवता की पूजा करने लगे थे।
1 राजाओं 18 क्या कहता है?
एलिय्याह ने लोगों से पूछा, तुम कब तक दो विचारों में लटके रहोगे? यदि यहोवा परमेश्वर हैं तो उनके पीछे चलो, यदि बाल है तो उसके पीछे चलो। कोई कुछ नहीं बोला। तब एलिय्याह ने कहा, दो बछड़े लाओ। एक बाल के नबी अपनी वेदी पर रखें, दूसरा मैं अपनी वेदी पर रखूँगा। आग कोई नहीं लगाएगा। जो परमेश्वर आग भेजकर उत्तर दे, वही सच्चा परमेश्वर है।
1 राजाओं 18 हमें परमेश्वर के बारे में क्या सिखाता है?
एलिय्याह ने प्रार्थना की, हे यहोवा, आज प्रगट कर कि तू ही इस्राएल में परमेश्वर है। तभी आकाश से आग गिरी। उसने बलि, लकड़ी, पत्थर, धूल सब भस्म कर दिया, और गड्ढे का पानी भी सुखा दिया। सब लोग मुँह के बल गिरकर बोले, यहोवा ही परमेश्वर है, यहोवा ही परमेश्वर है।
बच्चे 1 राजाओं 18 से क्या सीख सकते हैं?
परमेश्वर ने वादा किया था कि वे अपने लोगों को कभी नहीं छोड़ेंगे, भले ही वे भटक जाएँ। एलिय्याह ने पत्थर वेदी पर रखे, याकूब के बारह पुत्रों की याद में, यह दिखाने के लिए कि परमेश्वर आज भी उसी वादे पर खड़े हैं। बाद में यीशु मसीह भी आए, अकेले, ताकि सब लोग जान सकें कि सच्चा परमेश्वर कौन है। जैसे आग आकाश से आई, वैसे ही परमेश्वर का प्रेम धरती पर आया, यीशु में।
1 राजाओं 18 एक महत्वपूर्ण बाइबल कहानी क्यों है?
तुझे क्या लगता है, परमेश्वर ने पानी क्यों उंडेलवाया, आग लगाने से पहले?

दूसरों ने क्या पाया

अंतर्दृष्टि संपादकीय पर पद 29

बाल के नबी सुबह से दोपहर तक चिल्लाते रहे, अपने शरीर को लहूलुहान करते रहे, और फिर लिखा है: "कोई शब्द सुन न पड़ा; और न किसी ने उत्तर दिया और न कोई ध्यान देनेवाला था।" कितना डरावना सन्नाटा। सोच, तू किसे पुकार रहा है? जो कुछ तेरी मेहनत माँगता है पर कभी जवाब नहीं देता, या वह जो आग भेजने से पहले ही तेरा नाम जानता है?

किसी अन्य आयु वर्ग की तलाश है?

हमारे पास छोटे बच्चों (3-6 वर्ष) और किशोरों (12 वर्ष और अधिक) के लिए विशेष संस्करण भी हैं।

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For parents and teachers: 7 से 12 वर्ष के उन बच्चों के लिए लिखा गया जो स्वयं पढ़ सकते हैं। पारिवारिक भक्ति और स्कूल में बाइबल पाठ के लिए उत्तम। This explanation is generated automatically by language models. While we strive for theological soundness, the software can make mistakes.

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