2 कुरिन्थियों 4
प्राथमिक आयु (6 से 12 वर्ष) के लिए व्याख्या और बाइबल कहानी
The Explanation
पौलुस एक सन्देशवाहक था। वह हर जगह यीशु मसीह की खुशखबरी सुनाता था। यह काम आसान नहीं था। लोग उसे सताते थे, मारते थे, जेल में डालते थे। फिर भी पौलुस कहता है, "हम साहस नहीं छोड़ते।" क्यों? क्योंकि परमेश्वर ने उस पर दया की और उसे यह सेवा दी।
पौलुस एक तस्वीर देता है। वह कहता है, हमारे पास एक खजाना है। यह खजाना क्या है? यीशु मसीह की रोशनी, जो हमारे दिल में चमकती है। परमेश्वर ने अंधेरे में से रोशनी बनाई। वही परमेश्वर उसने हमारे दिलों में भी रोशनी जलाई है।
पर यह खजाना कहाँ रखा है? किसी सोने के डिब्बे में नहीं, बल्कि मिट्टी के एक साधारे बरतन में। सोचो, एक साधारण मिट्टी का घड़ा, जो टूट सकता है, गिर सकता है, पर उसके अंदर एक अनमोल रोशनी जल रही है। पौलुस कहता है, हम वही मिट्टी के बरतन हैं।
इसीलिए मुश्किलें आती हैं, पर पौलुस डूबता नहीं। वह कहता है, "हम चारों ओर से क्लेश तो भोगते हैं, पर संकट में नहीं पड़ते।" जैसे कोई योद्धा जिसे चारों ओर से घेर लिया गया हो, फिर भी वह गिरता नहीं। "सताए तो जाते हैं, पर त्यागे नहीं जाते। गिराए तो जाते हैं, पर नाश नहीं होते।"
What Does This Mean?
क्या तुमने कभी देखा है कि एक दीया हवा में भी नहीं बुझता, क्योंकि कोई उसे अपने हाथ से ढक लेता है? वैसे ही पौलुस के अंदर की रोशनी नहीं बुझती, क्योंकि परमेश्वर खुद उसकी रक्षा करते हैं। बाहर से पौलुस थका हुआ, पिटा हुआ दिखता था। पर अंदर से वह हर दिन नया होता जाता था।
यही बात समझाता है कि एक मसीही व्यक्ति मजबूत इसलिए नहीं है क्योंकि वह खुद बहुत ताकतवर है। वह मजबूत है क्योंकि उसके अंदर परमेश्वर की ताकत है, जैसे मिट्टी के बरतन में अनमोल रोशनी।
The Common Thread
यीशु मसीह खुद मर गए और फिर जी उठे। पौलुस कहता है, हम भी यीशु की मृत्यु को अपने शरीर में लिए फिरते हैं, ताकि यीशु का जीवन भी हम में दिखे। जैसे यीशु को मरे हुओं में से जिलाया गया, वैसे ही परमेश्वर पौलुस को और हम सबको भी जिलाएँगे।
यह परमेश्वर की बड़ी प्रतिज्ञा है। जो चीजें हम देखते हैं, जैसे शरीर का कमजोर होना, वे कुछ ही दिन की हैं। पर जो चीजें हम नहीं देख सकते, जैसे परमेश्वर का अनन्त जीवन, वे सदा बनी रहेंगी। यह कहानी हमेशा यीशु की ओर इशारा करती है, जो मरा और जी उठा।
For You
कभी तुम्हारे साथ भी कुछ मुश्किल होता है, जैसे कोई तुम्हें चिढ़ाए, या कोई काम बहुत कठिन लगे। उस समय तुम याद रख सकते हो, मेरे अंदर भी यीशु की रोशनी है। मैं मिट्टी का छोटा बरतन हूँ, पर अंदर अनमोल खजाना है।
आज तुम किसी के लिए प्रार्थना कर सकते हो जो डरा हुआ है। तुम उसे बता सकते हो, परमेश्वर तुम्हें नहीं छोड़ेंगे। और जब तुम्हें कुछ मुश्किल लगे, याद रखना, यह दुख हमेशा नहीं रहेगा।
Talk About It
क्या तुमने कभी किसी को मुश्किल समय में भी साहस रखते देखा है? उसे क्या चीज़ मजबूत बनाती थी?
अगर तुम एक मिट्टी का बरतन होते जिसके अंदर यीशु की रोशनी है, तो वह रोशनी दूसरों को कैसे दिखाई देगी?
Praying Together
हे परमेश्वर, धन्यवाद कि आपने हमारे दिलों में यीशु की रोशनी जलाई है। जब मुश्किलें आएँ, तो हमें साहस दीजिए। हमें याद दिलाइए कि हम छोटे मिट्टी के बरतन हैं, पर आपका खजाना हमारे अंदर है। यीशु के नाम में, आमीन।
2 कुरिन्थियों 4 के बारे में प्रश्न
पहली बार इसके बारे में पढ़ने वाले हर किसी के लिए छोटे उत्तर।
2 कुरिन्थियों 4 किस विषय में है?
2 कुरिन्थियों 4 क्या कहता है?
2 कुरिन्थियों 4 हमें परमेश्वर के बारे में क्या सिखाता है?
बच्चे 2 कुरिन्थियों 4 से क्या सीख सकते हैं?
2 कुरिन्थियों 4 एक महत्वपूर्ण बाइबल कहानी क्यों है?
दूसरों ने क्या पाया
यद्यपि हमारा बाहरी मनुष्यत्व नाश होता जाता है, तो भी हमारा भीतरी मनुष्यत्व दिन प्रतिदिन नया होता जाता है।" पौलुस यह पिटे हुए, थके हुए शरीर से लिख रहा था। उसने यह नहीं कहा कि दर्द झूठा है, उसने कहा कि दर्द ही आखिरी सच नहीं है। आईने में जो घटता दिख रहा है, वही पूरी कहानी नहीं। भीतर कुछ है जो हर दिन नया हो रहा है, चुपचाप। आज तुम्हारे भीतर क्या बढ़ रहा है?
इसलिए जब हम पर ऐसी दया हुई कि हमें यह सेवकाई मिली, तो हम हियाव नहीं छोड़ते।"
ध्यान दे, पौलुस हिम्मत इसलिए नहीं रखता कि वह मजबूत है, बल्कि इसलिए कि यह काम उसे दया से मिला था। जिसने कलीसिया को सताया था, वही अब सुसमाचार सुनाता है। जब सेवा योग्यता से नहीं, करुणा से मिली हो, तो उसे छोड़ने का हक भी अपने पास नहीं रहता। तू थक गया है? याद कर, तुझे बुलाया किसने था।
पौलुस पिटता है, कैद होता है, टूटता है, और फिर कहता है, "क्योंकि सब वस्तुएँ तुम्हारे लिये हैं।" उसका दुःख उसकी अपनी कहानी नहीं था, वह किसी और तक अनुग्रह पहुँचाने का रास्ता था। सोचो, जो कठिनाई आज तुम्हें बेकार लग रही है, शायद परमेश्वर उसके ज़रिए किसी और के होंठों पर धन्यवाद रख रहा हो।
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