7 से 12 वर्ष के बच्चे के लिए

2 तीमुथियुस 3

प्राथमिक आयु (7-12) के लिए व्याख्या और बाइबल कहानी

बाइबल

The Explanation

पौलुस एक बूढ़ा आदमी था। वह जेल में बैठा था। उसने एक पत्र लिखा। यह पत्र उसके प्यारे बेटे जैसे दोस्त तीमुथियुस के लिए था। पौलुस ने लिखा, "यह जान रख, कि अन्तिम दिनों में कठिन समय आएँगे।"

पौलुस ने बताया कि कैसे लोग होंगे। कुछ लोग सिर्फ अपने बारे में सोचेंगे। कुछ लोग पैसे से बहुत प्यार करेंगे। कुछ लोग डींग मारेंगे, यानी अपनी बड़ाई करेंगे। कुछ लोग अपने माता-पिता की बात नहीं मानेंगे। कुछ लोग ऊपर से भक्त दिखेंगे, पर अंदर से परमेश्वर की शक्ति में विश्वास नहीं करेंगे। पौलुस ने कहा, "ऐसों से परे रहना।" यानी उनसे दूर रहना, उनके जैसा मत बनना।

फिर पौलुस ने तीमुथियुस को याद दिलाया, "तूने मेरा साथ दिया।" तीमुथियुस ने पौलुस के साथ मुश्किल दिन देखे थे। अन्ताकिया, इकुनियुम और लुस्त्रा में लोगों ने पौलुस को सताया था। पर परमेश्वर ने उसे हर बार बचाया। पौलुस ने साफ कहा, जो मसीह यीशु में भक्ति से जीना चाहते हैं, उन्हें सताया जाएगा। यह आसान रास्ता नहीं है।

पर फिर पौलुस ने एक खजाने की बात की। उसने कहा, "बालकपन से पवित्रशास्त्र तेरा जाना हुआ है।" तीमुथियुस बचपन से ही परमेश्वर का वचन जानता था। यही वचन उसे बुद्धिमान बना सकता था। पौलुस ने कहा कि पूरा पवित्रशास्त्र परमेश्वर की प्रेरणा से रचा गया है। यह सिखाने के लिए, समझाने के लिए, सुधारने के लिए और सही राह दिखाने के लिए काम आता है।

What Does This Mean?

क्या तुमने कभी किसी कहानी में एक बहादुर सिपाही देखा है, जो दुश्मन के बीच खड़ा रहता है? तीमुथियुस वैसा ही था। चारों तरफ बुरे लोग थे, धोखेबाज़ लोग थे। पर तीमुथियुस के पास एक हथियार था, परमेश्वर का वचन। पौलुस उसे कह रहा था, डर मत, दृढ़ बना रह। तुमने जो सीखा है, उस पर टिके रहो। बुरे लोग दिखने में मजबूत लगते हैं, पर पौलुस ने कहा, उनकी अज्ञानता एक दिन सबके सामने आ जाएगी। सच्चाई हमेशा जीतती है।

The Common Thread

यह पत्र सिर्फ अच्छे व्यवहार की सीख नहीं है। यह यीशु मसीह की तरफ इशारा करता है। पवित्रशास्त्र इसलिए दिया गया, ताकि हम "मसीह पर विश्वास करने से उद्धार प्राप्त करें।" यानी बाइबल हमें यीशु तक ले जाती है। जैसे परमेश्वर ने पौलुस को सताव से बचाया, वैसे ही यीशु हमें भी बुरे समय में नहीं छोड़ते। वे हमारे साथ चलते हैं, चाहे रास्ता कठिन क्यों न हो।

For You

तुम भी कभी देखोगे कि कोई तुम्हें झूठ बोलने या बेईमानी करने के लिए कहे। शायद कोई कहे, "थोड़ा झूठ बोलने से क्या होगा?" उस पल तीमुथियुस को याद करो। वह डटा रहा, क्योंकि उसने बचपन से परमेश्वर का वचन सीखा था। तुम भी हर दिन बाइबल की एक बात सीख सकते हो, याद रख सकते हो। यह वचन तुम्हें भी मजबूत बनाएगा, जब चारों तरफ मुश्किल समय आएगा।

Talk About It

अगर कोई तुमसे कहे कि झूठ बोलना ठीक है, तो तुम क्या करोगे?

तुम कौन सी एक बाइबल की बात याद रखना चाहोगे, ताकि मुश्किल समय में वह तुम्हारी मदद करे?

Praying Together

प्रभु यीशु, धन्यवाद कि आपका वचन हमें मजबूत बनाता है। जब चारों तरफ कठिन समय आए, तब हमें दृढ़ रहने की हिम्मत दीजिए। हमें अपने वचन से प्रेम करना सिखाइए। आमीन।

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2 तीमुथियुस 3 के बारे में प्रश्न

पहली बार इसके बारे में पढ़ने वाले हर किसी के लिए छोटे उत्तर।

2 तीमुथियुस 3 किस विषय में है?
पौलुस एक बूढ़ा आदमी था। वह जेल में बैठा था। उसने एक पत्र लिखा। यह पत्र उसके प्यारे बेटे जैसे दोस्त तीमुथियुस के लिए था। पौलुस ने लिखा, "यह जान रख, कि अन्तिम दिनों में कठिन समय आएँगे।"
2 तीमुथियुस 3 क्या कहता है?
फिर पौलुस ने तीमुथियुस को याद दिलाया, "तूने मेरा साथ दिया।" तीमुथियुस ने पौलुस के साथ मुश्किल दिन देखे थे। अन्ताकिया, इकुनियुम और लुस्त्रा में लोगों ने पौलुस को सताया था। पर परमेश्वर ने उसे हर बार बचाया। पौलुस ने साफ कहा, जो मसीह यीशु में भक्ति से जीना चाहते हैं, उन्हें सताया जाएगा। यह आसान रास्ता नहीं है।
2 तीमुथियुस 3 हमें परमेश्वर के बारे में क्या सिखाता है?
क्या तुमने कभी किसी कहानी में एक बहादुर सिपाही देखा है, जो दुश्मन के बीच खड़ा रहता है? तीमुथियुस वैसा ही था। चारों तरफ बुरे लोग थे, धोखेबाज़ लोग थे। पर तीमुथियुस के पास एक हथियार था, परमेश्वर का वचन। पौलुस उसे कह रहा था, डर मत, दृढ़ बना रह। तुमने जो सीखा है, उस पर टिके रहो। बुरे लोग दिखने में मजबूत लगते हैं, पर पौलुस ने कहा, उनकी अज्ञानता एक दिन सबके सामने आ जाएगी। सच्चाई हमेशा जीतती है।
बच्चे 2 तीमुथियुस 3 से क्या सीख सकते हैं?
तुम भी कभी देखोगे कि कोई तुम्हें झूठ बोलने या बेईमानी करने के लिए कहे। शायद कोई कहे, "थोड़ा झूठ बोलने से क्या होगा?" उस पल तीमुथियुस को याद करो। वह डटा रहा, क्योंकि उसने बचपन से परमेश्वर का वचन सीखा था। तुम भी हर दिन बाइबल की एक बात सीख सकते हो, याद रख सकते हो। यह वचन तुम्हें भी मजबूत बनाएगा, जब चारों तरफ मुश्किल समय आएगा।
2 तीमुथियुस 3 एक महत्वपूर्ण बाइबल कहानी क्यों है?
तुम कौन सी एक बाइबल की बात याद रखना चाहोगे, ताकि मुश्किल समय में वह तुम्हारी मदद करे?

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हमारे पास छोटे बच्चों (3-6 वर्ष) और किशोरों (12 वर्ष और अधिक) के लिए विशेष संस्करण भी हैं।

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For parents and teachers: 7 से 12 वर्ष के उन बच्चों के लिए लिखा गया जो स्वयं पढ़ सकते हैं। पारिवारिक भक्ति और स्कूल में बाइबल पाठ के लिए उत्तम। This explanation is generated automatically by language models. While we strive for theological soundness, the software can make mistakes.

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