एस्तेर 2
प्राथमिक आयु (7-12) के लिए व्याख्या और बाइबल कहानी
एस्तेर अध्याय 2 की कहानी
The Explanation
राजा क्षयर्ष बहुत बड़े राज्य का राजा था। उसकी रानी वशती को उसने दूर भेज दिया था क्योंकि वह राजा की बात नहीं मानी थी। अब राजा का गुस्सा ठंडा हो गया था। उसके सेवकों ने एक योजना बनाई। उन्होंने कहा, "राजा के लिए सुंदर युवतियाँ ढूँढ़ी जाएँ, और जो राजा को सबसे अच्छी लगे, वही नई रानी बने।" राजा को यह बात पसंद आई।
शूशन नगर में मोर्दकै नाम का एक यहूदी रहता था। उसकी एक चचेरी बहन थी जिसका नाम हदास्सा था, पर उसे एस्तेर भी कहते थे। एस्तेर के माता पिता मर चुके थे, इसलिए मोर्दकै ने उसे अपनी बेटी की तरह पाला। एस्तेर बहुत सुंदर थी।
जब राजा की आज्ञा के अनुसार युवतियाँ इकट्ठी की गईं, तो एस्तेर भी उनमें शामिल हो गई। हेगे नाम का अधिकारी स्त्रियों की देखभाल करता था। उसे एस्तेर तुरंत पसंद आई। उसने एस्तेर को सबसे अच्छा स्थान, सबसे अच्छा भोजन और सात सहेलियाँ भी दीं।
पर एक बात एस्तेर ने किसी को नहीं बताई। उसने अपनी जाति नहीं बताई, कि वह यहूदी है। मोर्दकै ने उसे ऐसा करने को कहा था, और एस्तेर ने उसकी बात मानी। मोर्दकै हर दिन महल के आँगन के पास टहलता रहता था, ताकि जान सके एस्तेर कैसी है।
बहुत महीनों की तैयारी के बाद एस्तेर की बारी आई कि वह राजा के पास जाए। जितनों ने उसे देखा, वे सब उससे प्रसन्न हुए। और जब राजा ने एस्तेर को देखा, तो उसने उसे सब स्त्रियों से अधिक प्यार किया। राजा ने उसके सिर पर मुकुट रखा और उसे रानी बना दिया। राजा ने एक बड़ा भोज भी दिया, उसका नाम रखा "एस्तेर का भोज।"
कुछ समय बाद एक खतरनाक बात हुई। राजा के दो द्वारपाल, बिगताना और तेरेश, राजा से नाराज़ थे। उन्होंने राजा को मार डालने की योजना बनाई। पर मोर्दकै को यह बात पता चल गई। उसने तुरंत एस्तेर को बताया, और एस्तेर ने राजा को खबर दी। जाँच हुई, बात सच निकली, और वे दोनों द्वारपाल पकड़े गए। इस घटना को राजा के इतिहास की किताब में लिख लिया गया।
What Does This Mean?
एस्तेर एक अनाथ लड़की थी, दूर देश में रहने वाली एक छोटी सी यहूदी। कोई उसे जानता भी नहीं था। पर परमेश्वर ने उसे ठीक उसी जगह पहुँचाया, जहाँ वह बाद में बहुत बड़ा काम करेगी। मोर्दकै की सावधानी और एस्तेर की आज्ञाकारिता, दोनों मिलकर एक बड़ी घटना को रोकने का कारण बने। यहाँ परमेश्वर का नाम एक बार भी नहीं आता, पर उनका हाथ हर जगह दिखाई देता है।
The Common Thread
पूरी बाइबल में परमेश्वर छोटे और भूले हुए लोगों को चुनते हैं। दाऊद एक चरवाहा लड़का था, मरियम एक गरीब गाँव की युवती थी। यीशु मसीह भी एक छोटे से गाँव में, एक साधारण परिवार में जन्मे। परमेश्वर हमेशा वहीं काम करते हैं, जहाँ लोग उन्हें सबसे कम ढूँढ़ते हैं। एस्तेर की कहानी हमें बताती है कि परमेश्वर कभी भुलाते नहीं, वे चुपचाप अपनी योजना को आगे बढ़ाते रहते हैं।
For You
शायद तुम सोचते हो कि तुम बहुत छोटे हो, कि तुम्हारी कोई बात मायने नहीं रखती। पर मोर्दकै ने एक छोटी सी बात देखी और उसे बता दिया, और उससे एक राजा की जान बच गई। आज अगर तुम कुछ गलत देखो, जैसे कोई किसी को चोट पहुँचाने की सोच रहा हो, तो डरो मत, किसी बड़े को बता दो। और जब तुम्हें कोई राज़ रखने को कहे जो अच्छा हो, जैसे मोर्दकै ने एस्तेर से कहा, तो भरोसे के साथ उस बात को मानो।
Talk About It
एस्तेर को अपनी जाति छिपानी पड़ी। तुम्हें क्या लगता है, यह उसके लिए आसान था या मुश्किल?
मोर्दकै ने रोज एस्तेर की खबर ली। तुम्हारे घर में कौन है जो तुम्हारी इतनी परवाह करता है?
Praying Together
हे परमेश्वर, आप एस्तेर के साथ थे, तब भी जब किसी ने आपका नाम नहीं लिया। हमारे साथ भी रहिए, चाहे हम छोटे हों या डरे हुए हों। हमें सच बोलने का साहस दीजिए, और उन लोगों की बात मानने की बुद्धि दीजिए जो हमारी भलाई चाहते हैं। यीशु मसीह के नाम में, आमीन।
एस्तेर 2 के बारे में प्रश्न
पहली बार इसके बारे में पढ़ने वाले हर किसी के लिए छोटे उत्तर।
एस्तेर 2 किस विषय में है?
एस्तेर 2 क्या कहता है?
एस्तेर 2 हमें परमेश्वर के बारे में क्या सिखाता है?
बच्चे एस्तेर 2 से क्या सीख सकते हैं?
एस्तेर 2 एक महत्वपूर्ण बाइबल कहानी क्यों है?
दूसरों ने क्या पाया
बारह महीने की तैयारी, और राजा के सामने बस एक रात। छह महीने गन्धरस का तेल, छह महीने सुगन्धद्रव्य। सोचो, एस्तेर के वे लम्बे, ऊबाऊ दिन जिनमें कुछ होता दिखाई नहीं देता था। पर परमेश्वर उसी चुप्पी में एक जाति को बचाने की तैयारी कर रहा था। तेरे जीवन के जो महीने अभी व्यर्थ लगते हैं, शायद वही तेरी असली तैयारी हैं।
राजा की चिंता एक खोई हुई रानी की जगह भरने की थी। पूरे साम्राज्य से सुंदर कुँवारियाँ इकट्ठी की जा रही थीं, ताकि "जो कुँवारी राजा को अच्छी लगे, वह वशती के स्थान पर रानी बने।" यह बात राजा को अच्छी लगी।
पर सोचो, इन लड़कियों की मर्ज़ी कहाँ थी? उनके सपने, उनका घर, सब पीछे छूट गया। इंसान की योजनाएँ अक्सर दूसरों की ज़िंदगी को कुचल देती हैं। फिर भी इसी अंधेरे में परमेश्वर एस्तेर को रख रहा था, ताकि उसकी प्रजा बच सके। तेरी आज की परिस्थिति भी शायद उसकी छिपी हुई तैयारी हो।
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