एस्तेर 8
प्राथमिक आयु (7-12) के लिए व्याख्या और बाइबल कहानी
एस्तेर अध्याय 8 की व्याख्या
व्याख्या
हामान मर चुका है, लेकिन उसकी लिखी हुई चिट्ठी अभी भी पूरे साम्राज्य में घूम रही है। उस चिट्ठी में लिखा था कि सब यहूदियों को मार दिया जाए। सिर्फ एक बुरा आदमी मर जाने से खतरा टल नहीं गया था। यही बात इस अध्याय को इतना ज़रूरी बनाती है।
राजा ने हामान की सारी संपत्ति एस्तेर को दे दी और मोर्दकै को अपनी मुहर वाली अंगूठी दे दी, जो पहले हामान के पास थी। इसका मतलब था कि मोर्दकै को अब राजा जैसा अधिकार मिल गया। लेकिन असली समस्या अभी हल नहीं हुई थी। एस्तेर राजा के सामने फिर से गई, इस बार रोते हुए, गिरकर, विनती करते हुए। वह चुप नहीं रह सकी। उसने कहा, "मैं अपने भाइयों के विनाश को कैसे देख सकूँगी?"
राजा ने एस्तेर और मोर्दकै को अनुमति दी कि वे स्वयं एक नई चिट्ठी लिखें। ध्यान दें, पुरानी चिट्ठी को मिटाया नहीं जा सकता था, क्योंकि राजा की मुहर लगी चिट्ठी कभी पलटी नहीं जा सकती थी। इसलिए एक नई चिट्ठी भेजी गई, जिसमें यहूदियों को अनुमति दी गई कि वे अपने आप को बचाने के लिए तैयार रहें और अपने शत्रुओं का सामना करें। यह चिट्ठी पूरे साम्राज्य में, हर प्रांत की भाषा में भेजी गई। तेज़ घोड़ों पर सवार हरकारे इसे लेकर दौड़े।
जब यह खबर फैली, तो शूशन नगर में खुशी की लहर दौड़ गई। मोर्दकै शाही वस्त्र पहनकर बाहर आया, और यहूदियों को आनन्द और सम्मान मिला। बहुत लोग यहूदी बन गए, क्योंकि उनके मन में यहूदियों का डर समा गया था।
इसका क्या मतलब है?
यह अध्याय हमें दिखाता है कि बुराई इतनी जल्दी ख़त्म नहीं होती जितनी हम चाहते हैं। हामान मर गया, पर उसका षड्यंत्र अभी भी काम कर रहा था। कभी-कभी हमारे जीवन में भी ऐसा होता है, कोई समस्या हल होने के बाद भी उसका असर बाकी रह जाता है। एस्तेर को दोबारा हिम्मत जुटानी पड़ी, दोबारा डरना पड़ा, दोबारा माँगना पड़ा। यह कोई एक बार की वीरता की कहानी नहीं है, यह लगातार विश्वासयोग्य बने रहने की कहानी है।
यह भी ध्यान देने लायक बात है कि राजा पुरानी चिट्ठी को रद्द नहीं कर सकता था। उसकी शक्ति की भी एक सीमा थी। लेकिन उसने एक नया रास्ता खोल दिया, विनाश की चिट्ठी के बदले बचाव की चिट्ठी। परमेश्वर का काम अक्सर ऐसा ही होता है, वे पुरानी बुराई को मिटाते नहीं बल्कि उसके ऊपर एक नया, बड़ा काम खड़ा करते हैं।
बड़ी कहानी से संबंध
पूरी बाइबल में परमेश्वर अपने लोगों को बचाने का एक तरीका खोजते रहते हैं, तब भी जब हालात असंभव लगते हैं। यह प्रतिज्ञा, यानी परमेश्वर का वह वादा जो वे तोड़ते नहीं, अब्राहम से शुरू हुआ था, कि उसके वंश से आशीष सारी पृथ्वी पर फैलेगी। एस्तेर की किताब में परमेश्वर का नाम एक बार भी नहीं लिखा गया, फिर भी वे हर पन्ने पर काम कर रहे हैं, राजा के हृदय में, एस्तेर की हिम्मत में, समय की सही घड़ी में। बाद में, यीशु मसीह के ज़रिए परमेश्वर ने सबसे बड़ा बचाव किया, पाप और मृत्यु की पुरानी, न बदली जा सकने वाली चिट्ठी के ऊपर उन्होंने क्रूस पर एक नया वादा लिख दिया, जीवन का वादा।
तुम्हारे लिए
तुमने कभी सोचा है कि कोई समस्या हल हो गई पर उसका असर अभी भी बना रहा? शायद किसी ने तुमसे झूठ बोला और माफी माँग ली, पर तुम्हें अब भी उस पर भरोसा करना सीखना पड़ रहा है। एस्तेर की तरह, हमें भी बार-बार हिम्मत जुटानी पड़ती है, सिर्फ एक बार नहीं। और जब तुम्हें लगे कि तुम्हारी आवाज़ छोटी है, याद रखो कि एस्तेर भी डरी हुई थी, फिर भी बोली।
बातचीत के लिए
अगर राजा पुरानी चिट्ठी मिटा नहीं सकता था, तो उसने क्या किया, और यह परमेश्वर के काम करने के तरीके से कैसे मिलता है?
क्या तुम्हारे जीवन में कोई ऐसी बात है जो हल तो हो गई पर उसका असर अभी बाकी है? उसके बारे में कैसा महसूस होता है?
साथ में प्रार्थना
प्रभु, धन्यवाद कि आप उन जगहों पर भी काम करते हैं जहाँ हमें आपका नाम दिखता नहीं। जब हमें लगे कि कोई पुरानी बात अभी भी हमें परेशान कर रही है, तो हमें एस्तेर जैसी हिम्मत दीजिए कि हम आपके पास आएँ और बोलें। हमें भरोसा दिलाइए कि आप बचाने का रास्ता जानते हैं, आमीन।
एस्तेर 8 के बारे में प्रश्न
पहली बार इसके बारे में पढ़ने वाले हर किसी के लिए छोटे उत्तर।
एस्तेर 8 किस विषय में है?
एस्तेर 8 क्या कहता है?
एस्तेर 8 हमें परमेश्वर के बारे में क्या सिखाता है?
बच्चे एस्तेर 8 से क्या सीख सकते हैं?
एस्तेर 8 एक महत्वपूर्ण बाइबल कहानी क्यों है?
दूसरों ने क्या पाया
हामान मर चुका था, उसका घर एस्तेर को मिल चुका था, फिर भी एस्तेर के पाँव राजा के सामने गिरे हुए थे। क्यों? क्योंकि हामान के लिखे पत्र अब भी राज्य में दौड़ रहे थे। शत्रु का गिरना और उसके बोए डर का मिटना, ये दो अलग बातें हैं। तेरे जीवन में भी शायद वह आदमी, वह दिन बीत गया, पर उसके शब्द अब तक भीतर चल रहे हैं। उन पर भी एक नया पत्र लिखा जाना ज़रूरी है।
हामान मर चुका था, उसका घर एस्तेर को मिल चुका था, मोर्दकै ऊँचे पद पर था। एस्तेर सुरक्षित थी। फिर भी वह "उसके पाँवों पर गिरकर, आँसू बहा बहाकर गिड़गिड़ाने लगी", क्योंकि उसके लोगों पर लिखा हुक्म अब भी जीवित था। अपनी जान बच जाने पर चुप हो जाना आसान होता है। तू किसके लिए आज भी रो रहा है?
वही राजकीय अंगूठी जिसकी छाप कभी हामान के मृत्यु आदेश पर लगी थी, अब जीवन की चिट्ठियों पर लगती है। और मोर्दकै धीमे कदमों से नहीं भेजता, वह "वेग चलनेवाले सरकारी घोड़ों" पर हरकारे दौड़ाता है। बचाव की खबर देर नहीं सह सकती। सोचो, जो अच्छी खबर तुम्हें मिली है, वह किसके पास पहुँचने के लिए अब भी रुकी हुई है?
कुछ ही हफ्ते पहले उन्हीं गलियों में रोना और टाट था। अब लिखा है: "यहूदियों को उजियाला और आनन्द, और हर्ष और आदर मिला।" पहले उजियाला, फिर आनन्द। जब तक अंधेरे में हो, खुशी नकली लगती है। परमेश्वर पहले तेरी आँखों को रोशनी देता है, फिर दिल को हँसी। तू आज किस बात के लिए रोशनी माँग रहा है?
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