एस्तेर 8
नन्हे और पूर्व-विद्यालय बच्चे (आयु 3-6) के लिए व्याख्या और बाइबल कहानी
व्याख्या (एस्तेर अध्याय 8)
रानी एस्तेर महल में बैठी थी। उसका दिल भारी था। उसके लोग, यहूदी, बहुत डरे हुए थे। एक बुरे आदमी ने उन्हें मार डालने की योजना बनाई थी। पर अब वह आदमी नहीं था। राजा ने उसका सारा घर एस्तेर को दे दिया था।
मोर्दकै, एस्तेर का प्रिय भाई, राजा के पास आया। राजा ने अपनी खास अंगूठी उतारी। यह अंगूठी बहुत महत्वपूर्ण थी। जिस पर यह अंगूठी की छाप लगती, वह आज्ञा कोई नहीं बदल सकता था। राजा ने वह अंगूठी मोर्दकै को दे दी।
पर एस्तेर का दिल फिर भी दुखी था। वह राजा के पास गई। वह उसके पाँवों पर गिर पड़ी। वह रोई। बहुत रोई। उसने कहा, "मेरे लोगों को बचा लीजिए।"
राजा ने अपना सोने का राजदंड उसकी ओर बढ़ाया। यह प्यार का चिन्ह था।
यह क्या कहता है?
एस्तेर खड़ी हुई। उसने कहा, "मैं अपने भाइयों का विनाश कैसे देख सकूँगी?" उसकी आवाज़ काँप रही थी।
राजा ने मोर्दकै से कहा, "जैसा तुम्हें ठीक लगे, वैसा लिखो। मेरी अंगूठी की छाप लगाओ।"
लेखक बुलाए गए। उन्होंने चिट्ठियाँ लिखीं। बहुत सी चिट्ठियाँ। हर देश की भाषा में। हर यहूदी की भाषा में। तेज़ घोड़ों पर, खच्चरों पर, संदेश भेजने वाले दौड़े। वे दूर दूर तक गए। भारत से कूश तक।
इसका क्या अर्थ है?
चिट्ठियों में लिखा था, यहूदी अब अपनी जान बचा सकते हैं। वे अब डरें नहीं। वे इकट्ठे हो सकते हैं। वे अपने आप को बचा सकते हैं।
जो लोग पहले डरे हुए थे, अब वे खुश थे। बहुत खुश। शूशन नगर में लोग जय जय कार करने लगे। यहूदियों के लिए वह आनन्द का दिन था।
बड़ी कहानी से संबंध
परमेश्वर ने अपने लोगों को नहीं छोड़ा। जब सब अंधकार लग रहा था, तब परमेश्वर ने रास्ता बनाया। एस्तेर ने हिम्मत दिखाई। राजा ने सुना। और यहूदी बच गए।
यीशु भी हमारे लिए ऐसे ही खड़े हुए। उन्होंने हमारे लिए विनती की। उन्होंने हमें बचाया। जैसे एस्तेर अपने लोगों के लिए रोई, यीशु ने हमारे लिए अपना प्राण दिया।
तुम्हारे लिए
जब तुम डरे हुए हो, तब क्या करते हो? एस्तेर डरी थी, पर उसने प्रार्थना की। उसने हिम्मत रखी। परमेश्वर तुम्हारी सुनते हैं, जैसे उन्होंने एस्तेर की सुनी।
तुम भी परमेश्वर से बात कर सकते हो। वे तुम्हें सुनते हैं।
बात करें
जब एस्तेर रोई, तब क्या हुआ?
तुम डरते हो तो किससे बात करते हो?
साथ में प्रार्थना
प्रिय परमेश्वर, आप एस्तेर के लोगों को बचाया। आप हमें भी प्यार करते हैं। जब हम डरें, तब हमारी सुनिए। धन्यवाद, यीशु के लिए। आमीन।
एस्तेर 8 के बारे में प्रश्न
पहली बार इसके बारे में पढ़ने वाले हर किसी के लिए छोटे उत्तर।
एस्तेर 8 किस विषय में है?
एस्तेर 8 क्या कहता है?
एस्तेर 8 हमें परमेश्वर के बारे में क्या सिखाता है?
नन्हे बच्चे एस्तेर 8 से क्या सीख सकते हैं?
एस्तेर 8 एक महत्वपूर्ण बाइबल कहानी क्यों है?
दूसरों ने क्या पाया
हामान मर चुका था, उसका घर एस्तेर को मिल चुका था, फिर भी एस्तेर के पाँव राजा के सामने गिरे हुए थे। क्यों? क्योंकि हामान के लिखे पत्र अब भी राज्य में दौड़ रहे थे। शत्रु का गिरना और उसके बोए डर का मिटना, ये दो अलग बातें हैं। तेरे जीवन में भी शायद वह आदमी, वह दिन बीत गया, पर उसके शब्द अब तक भीतर चल रहे हैं। उन पर भी एक नया पत्र लिखा जाना ज़रूरी है।
हामान मर चुका था, उसका घर एस्तेर को मिल चुका था, मोर्दकै ऊँचे पद पर था। एस्तेर सुरक्षित थी। फिर भी वह "उसके पाँवों पर गिरकर, आँसू बहा बहाकर गिड़गिड़ाने लगी", क्योंकि उसके लोगों पर लिखा हुक्म अब भी जीवित था। अपनी जान बच जाने पर चुप हो जाना आसान होता है। तू किसके लिए आज भी रो रहा है?
वही राजकीय अंगूठी जिसकी छाप कभी हामान के मृत्यु आदेश पर लगी थी, अब जीवन की चिट्ठियों पर लगती है। और मोर्दकै धीमे कदमों से नहीं भेजता, वह "वेग चलनेवाले सरकारी घोड़ों" पर हरकारे दौड़ाता है। बचाव की खबर देर नहीं सह सकती। सोचो, जो अच्छी खबर तुम्हें मिली है, वह किसके पास पहुँचने के लिए अब भी रुकी हुई है?
कुछ ही हफ्ते पहले उन्हीं गलियों में रोना और टाट था। अब लिखा है: "यहूदियों को उजियाला और आनन्द, और हर्ष और आदर मिला।" पहले उजियाला, फिर आनन्द। जब तक अंधेरे में हो, खुशी नकली लगती है। परमेश्वर पहले तेरी आँखों को रोशनी देता है, फिर दिल को हँसी। तू आज किस बात के लिए रोशनी माँग रहा है?
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