उत्पत्ति 14:21
प्राथमिक आयु (6 से 12 वर्ष) के लिए व्याख्या और बाइबल कहानी
The Explanation
अब्राम अभी-अभी एक बड़ी लड़ाई से लौटा था। चार शक्तिशाली राजाओं ने सदोम और गमोरा पर हमला किया था, और उसके भतीजे लूत को भी बंदी बना लिया था। अब्राम ने अपने तीन सौ अठारह प्रशिक्षित दासों को लिया, रात में दुश्मनों पर हमला किया, और लूत को, स्त्रियों को, सब बंदियों को और सारा धन वापस ले आया।
जब अब्राम लौट रहा था, तो शालेम का राजा मलिकिसिदक उससे मिलने आया। वह परमप्रधान परमेश्वर का याजक था। उसने अब्राम को रोटी और दाखमधु दिया, और उसे आशीर्वाद दिया। अब्राम ने उसे भी सब चीज़ों का दशमांश यानी दसवाँ भाग दिया।
फिर सदोम का राजा भी आया। वह वही राजा था जिसके सारे लोग बंदी बना लिए गए थे, और अब अब्राम ने उन्हें छुड़ाया था। सदोम के राजा ने अब्राम से एक बात कही, "प्राणियों को तो मुझे दे, और धन को अपने पास रख।"
यह सुनकर क्या अब्राम खुश हो गया होगा? सोचो, कितना सारा धन! ऊँट, भेड़ें, सोना चांदी, कपड़े, बर्तन, सब कुछ अब्राम का हो सकता था। बिना कुछ किए, केवल लोगों को लौटा देने से। यह प्रस्ताव सुनने में बहुत आसान और अच्छा लगता है।
What Does This Mean?
पर यह प्रस्ताव जितना अच्छा सुनाई देता है, उतना सीधा नहीं है। अगर अब्राम यह धन ले लेता, तो सदोम का राजा हमेशा कह सकता था, "अब्राम मेरे कारण धनी हुआ है।" जैसे अब्राम पर एक कर्ज़ चढ़ जाता। जैसे राजा ने अब्राम को कुछ दिया हो।
पर सच तो यह है कि अब्राम की जीत परमेश्वर से हुई थी। मलिकिसिदक ने ठीक ही कहा था, "धन्य है परमप्रधान परमेश्वर, जिसने तेरे द्रोहियों को तेरे वश में कर दिया है।" जीत परमेश्वर की ओर से थी, किसी राजा की ओर से नहीं।
अगले पद में अब्राम ने राजा से कहा कि वह एक सूत भी नहीं लेगा, ताकि राजा यह कभी न कह सके कि अब्राम मेरे कारण धनी हुआ। अब्राम जानता था कि उसकी सारी संपत्ति और सारी सुरक्षा परमेश्वर से आती है, किसी मनुष्य से नहीं।
The Common Thread
परमेश्वर हमेशा अपने लोगों को खुद देते हैं। मलिकिसिदक रोटी और दाखमधु लाया, बिना किसी शर्त के, बिना किसी बदले की मांग के। यह परमेश्वर की भलाई की एक तस्वीर है। बाद में यीशु मसीह भी रोटी और दाखमधु देंगे, अपने चेलों को, अपने प्राण की कीमत पर, बिना किसी बदले की मांग के।
अब्राम ने सीखा कि परमेश्वर पर भरोसा करना, किसी राजा के तोहफे से बेहतर है। परमेश्वर की आशीष असली आशीष होती है, वह किसी इंसान की भलाई से बड़ी और सच्ची होती है।
For You
कभी-कभी कोई तुम्हें कुछ देना चाहता है, ताकि तुम उसका एहसान मानो, या ताकि वह हमेशा तुम पर हक जताए। जैसे कोई कहे, "मैं तुझे यह दूँगा, बस मेरा काम कर दे," पर उसमें कुछ गड़बड़ छिपी हो।
तुम भी सोच सकते हो, क्या मुझे यह चीज़ लेनी चाहिए? क्या इसके पीछे कुछ ऐसा है जो ठीक नहीं? अब्राम की तरह, हिम्मत रखो, "नहीं" कहने की, जब बात सही न लगे। और याद रखो, जो अच्छी चीज़ें तुम्हारे पास हैं, वे परमेश्वर की ओर से हैं, तुम्हारे किसी दोस्त या किसी बड़े इंसान की मेहरबानी से नहीं।
Talk About It
अगर तुम अब्राम की जगह होते, तो क्या तुम सारा धन ले लेते? क्यों या क्यों नहीं?
क्या कभी किसी ने तुम्हें कुछ दिया और तुमने सोचा कि यह लेना ठीक नहीं है?
Praying Together
परमेश्वर, अब्राम ने आप पर भरोसा किया, धन पर नहीं। हमें भी सिखाइए कि हम आप पर भरोसा रखें। जब हमें कोई गलत चीज़ लेने का मन करे, तो हमें हिम्मत दीजिए कि हम ना कह सकें। धन्यवाद कि आप हमें सब अच्छी चीज़ें देते हैं। आमीन।
उत्पत्ति 14:21 के बारे में प्रश्न
पहली बार इसके बारे में पढ़ने वाले हर किसी के लिए छोटे उत्तर।
उत्पत्ति 14:21 किस विषय में है?
उत्पत्ति 14:21 क्या कहता है?
उत्पत्ति 14:21 हमें परमेश्वर के बारे में क्या सिखाता है?
बच्चे उत्पत्ति 14:21 से क्या सीख सकते हैं?
उत्पत्ति 14:21 एक महत्वपूर्ण बाइबल कहानी क्यों है?
किसी अन्य आयु वर्ग की तलाश है?
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