6 से 12 वर्ष के बच्चे के लिए

यिर्मयाह 2

प्राथमिक आयु (6 से 12 वर्ष) के लिए व्याख्या और बाइबल कहानी

बाइबल

The Explanation

परमेश्वर यिर्मयाह से कहते हैं, "जा, और यरूशलेम के लोगों को यह सुना दे।" यह एक राजा का दूत जैसे संदेश लेकर जाता है, वैसे ही यिर्मयाह परमेश्वर का वचन लेकर जाते हैं। परमेश्वर एक पुरानी याद से बात शुरू करते हैं। वे कहते हैं, "मुझे याद है, जब तुम जवान थे, तुम मेरे पीछे पीछे जंगल में चले थे, उस जगह जहाँ कोई खेती नहीं होती थी।" यह ऐसा था जैसे एक दुल्हन अपने पति के साथ बिना डरे अनजान रास्ते पर चल पड़े।

फिर परमेश्वर एक सवाल पूछते हैं, जैसे कोई पिता अपने बेटे से पूछे, "मैंने तुम्हारा क्या बिगाड़ा था?" परमेश्वर याद दिलाते हैं, वे ही थे जो इस्राएल को मिस्र से निकाल लाए, सूखे और अंधेरे रेगिस्तान से होकर एक अच्छे, हरे भरे देश में लाए। पर वहाँ पहुँचकर लोगों ने परमेश्वर को भुला दिया। याजकों ने परमेश्वर की तलाश करना छोड़ दिया। चरवाहों ने विद्रोह किया। भविष्यद्वक्ता बाल नाम के झूठे देवता के नाम पर बोलने लगे।

परमेश्वर एक चित्र देते हैं जो डरावना भी है और उदास भी। वे कहते हैं, "मेरी प्रजा ने दो बुराइयाँ की हैं। उन्होंने मुझ जीवन के जल के सोते को त्याग दिया, और अपने लिए टूटे हुए हौद बना लिए, जिनमें पानी टिकता ही नहीं।" जरा सोचो, कोई प्यासा आदमी ठंडे, साफ झरने को छोड़कर टूटे हुए घड़े से पानी भरने की कोशिश करे। पानी तो हर बार बह जाएगा।

आगे परमेश्वर इस्राएल की तुलना एक अंगूर की बेल से करते हैं, जिसे उन्होंने बड़े प्यार से उत्तम बीज से लगाया था। पर वह बेल जंगली बन गई। वे यह भी कहते हैं कि चाहे इस्राएल कितना भी साबुन लगाए, उसके पाप का धब्बा मिटेगा नहीं। और सबसे दुखद बात, लोग लकड़ी के बुत से कहते हैं "तू मेरा पिता है", पर जब मुसीबत आती है तो वही परमेश्वर को पुकारते हैं, "उठकर हमें बचा!"

What Does This Mean?

यह कहानी एक चेतावनी है, पर यह एक टूटे हुए दिल की पुकार भी है। परमेश्वर गुस्सा नहीं दिखा रहे जैसे कोई बिगड़ैल राजा करता है। वे दुखी हैं, जैसे कोई पिता दुखी होता है जब उसका बच्चा दूर भाग जाए। परमेश्वर ने इस्राएल को कभी धोखा नहीं दिया। उन्होंने पानी दिया, रास्ता दिखाया, आजादी दी। फिर भी लोगों ने उन्हें छोड़ दिया और बेकार मूर्तियों के पीछे दौड़े, जो न सुन सकती थीं, न बचा सकती थीं।

The Common Thread

यह जीवन के जल का सोता, जिसे लोगों ने छोड़ दिया, हमें यीशु मसीह की याद दिलाता है। बहुत बाद में यीशु ने कहा, जो कोई मेरे पास आकर पीएगा, वह फिर कभी प्यासा नहीं होगा। परमेश्वर हमेशा से वही झरना रहे हैं, जो सच में तृप्त करता है। पुराने नियम में भी, नए नियम में भी, परमेश्वर अपने लोगों को बुलाते रहते हैं, "मेरे पास लौट आओ, मैं ही जीवन का जल हूँ।"

For You

कभी कभी हम भी टूटे हुए घड़ों की तरफ दौड़ते हैं, जैसे झूठ बोलकर मुसीबत से बचने की कोशिश, या किसी खिलौने को परमेश्वर से ज्यादा प्यार करना। पर वे टूटे घड़े कभी असली खुशी नहीं दे पाते। आज तुम परमेश्वर से कह सकते हो, "मैं आपके पास ही आना चाहता हूँ, आप ही असली पानी के झरने हैं।"

Talk About It

तुम्हें क्या लगता है, टूटे हौद की तरह क्या चीज तुम्हारी जिंदगी में हो सकती है?

परमेश्वर ने इस्राएल के लिए इतना कुछ किया था, तुम्हारे लिए परमेश्वर ने क्या क्या किया है?

Praying Together

हे परमेश्वर, आप ही जीवन के जल के सोते हैं। हमें टूटे हुए घड़ों के पीछे मत भागने दीजिए। हमें अपने पास खींच लीजिए, और याद दिलाते रहिए कि आप ही हमारे लिए काफी हैं। यीशु मसीह के नाम में, आमीन।

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यिर्मयाह 2 के बारे में प्रश्न

पहली बार इसके बारे में पढ़ने वाले हर किसी के लिए छोटे उत्तर।

यिर्मयाह 2 किस विषय में है?
परमेश्वर यिर्मयाह से कहते हैं, "जा, और यरूशलेम के लोगों को यह सुना दे।" यह एक राजा का दूत जैसे संदेश लेकर जाता है, वैसे ही यिर्मयाह परमेश्वर का वचन लेकर जाते हैं। परमेश्वर एक पुरानी याद से बात शुरू करते हैं। वे कहते हैं, "मुझे याद है, जब तुम जवान थे, तुम मेरे पीछे पीछे जंगल में चले थे, उस जगह जहाँ कोई खेती नहीं होती थी।" यह ऐसा था जैसे एक दुल्हन अपने पति के साथ बिना डरे अनजान रास्ते पर चल पड़े।
यिर्मयाह 2 क्या कहता है?
परमेश्वर एक चित्र देते हैं जो डरावना भी है और उदास भी। वे कहते हैं, "मेरी प्रजा ने दो बुराइयाँ की हैं। उन्होंने मुझ जीवन के जल के सोते को त्याग दिया, और अपने लिए टूटे हुए हौद बना लिए, जिनमें पानी टिकता ही नहीं।" जरा सोचो, कोई प्यासा आदमी ठंडे, साफ झरने को छोड़कर टूटे हुए घड़े से पानी भरने की कोशिश करे। पानी तो हर बार बह जाएगा।
यिर्मयाह 2 हमें परमेश्वर के बारे में क्या सिखाता है?
यह कहानी एक चेतावनी है, पर यह एक टूटे हुए दिल की पुकार भी है। परमेश्वर गुस्सा नहीं दिखा रहे जैसे कोई बिगड़ैल राजा करता है। वे दुखी हैं, जैसे कोई पिता दुखी होता है जब उसका बच्चा दूर भाग जाए। परमेश्वर ने इस्राएल को कभी धोखा नहीं दिया। उन्होंने पानी दिया, रास्ता दिखाया, आजादी दी। फिर भी लोगों ने उन्हें छोड़ दिया और बेकार मूर्तियों के पीछे दौड़े, जो न सुन सकती थीं, न बचा सकती थीं।
बच्चे यिर्मयाह 2 से क्या सीख सकते हैं?
कभी कभी हम भी टूटे हुए घड़ों की तरफ दौड़ते हैं, जैसे झूठ बोलकर मुसीबत से बचने की कोशिश, या किसी खिलौने को परमेश्वर से ज्यादा प्यार करना। पर वे टूटे घड़े कभी असली खुशी नहीं दे पाते। आज तुम परमेश्वर से कह सकते हो, "मैं आपके पास ही आना चाहता हूँ, आप ही असली पानी के झरने हैं।"
यिर्मयाह 2 एक महत्वपूर्ण बाइबल कहानी क्यों है?
परमेश्वर ने इस्राएल के लिए इतना कुछ किया था, तुम्हारे लिए परमेश्वर ने क्या क्या किया है?

दूसरों ने क्या पाया

अंतर्दृष्टि संपादकीय पर पद 29

परमेश्वर उन लोगों से पूछते हैं जो अपनी टूटी हुई कुण्डों की ओर भागे थे, "तुम मुझसे क्यों वाद-विवाद करते हो? तुम सब ने मुझसे बलवा किया है, यहोवा की यह वाणी है।" कितना अजीब है, गलती हमारी और शिकायत हम ही करते हैं। जब जीवन बिखरता है, तो क्या तुम भी परमेश्वर पर उँगली उठाते हो? थोड़ा रुककर पूछो, कहीं मैंने ही तो जीवित जल का सोता नहीं छोड़ दिया?

अंतर्दृष्टि संपादकीय पर पद 17

यिर्मयाह 2:17 कहता है, "क्या तू ने यह अपने ऊपर आप ही नहीं ढाया है? क्योंकि जब तेरा परमेश्वर यहोवा तुझे मार्ग में लिये जाता था, तब तू ने उसको त्याग दिया।"

रुककर सोचो। जो हाथ तुझे थामे चल रहा था, उसी को तूने छोड़ दिया। दुख अक्सर बाहर से नहीं आता, वह हमारे अपने चुनावों की छाया होती है। पर अच्छी खबर यह है, जिस रास्ते पर उसने पहले साथ दिया था, वहाँ आज भी लौटा जा सकता है।

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