3 से 6 वर्ष के बच्चे के लिए

यिर्मयाह 2

नन्हे और पूर्व-विद्यालय बच्चे (आयु 3-6) के लिए व्याख्या और बाइबल कहानी

बाइबल

यिर्मयाह अध्याय 2

The Explanation

एक बार परमेश्वर ने यिर्मयाह से बात की। परमेश्वर ने कहा, "जा, और यरूशलेम को यह बता दे।"

परमेश्वर को कुछ याद आया। एक पुरानी बात। बहुत प्यारी बात।

परमेश्वर ने कहा, "मुझे याद है, जब तुम छोटे थे। तुम मेरे पीछे पीछे चलते थे। जंगल में भी। रेगिस्तान में भी। तुम मुझे प्यार करते थे।"

परमेश्वर इस्राएल के लोगों को बहुत प्यार करते थे। जैसे कोई अपनी सबसे अच्छी चीज़ को प्यार करता है।

पर फिर कुछ हुआ। कुछ उदास करने वाला।

लोग परमेश्वर को भूल गए। वे दूर चले गए। वे लकड़ी की मूर्तियों के पास गए। पत्थर की मूर्तियों के पास गए। वे मूर्तियों से कहने लगे, "तुम हमारे पिता हो।"

पर मूर्तियाँ तो बोल ही नहीं सकती थीं।

What Does This Mean?

परमेश्वर को दुख हुआ। बहुत दुख हुआ।

परमेश्वर ने कहा, "मैं तुम्हारे लिए ताज़ा पानी का सोता था। मेरे पास आते, तो जीवन का पानी मिलता।"

पर लोगों ने क्या किया? उन्होंने खुद गड्ढे खोदे। टूटे हुए गड्ढे। उनमें पानी टिकता ही नहीं था।

सोचो, एक बच्चा प्यासा है। पास में ठंडा साफ पानी है। पर वह उसे छोड़कर टूटे गड्ढे का पानी पीने जाता है। वह पानी तो वहाँ है ही नहीं।

परमेश्वर कहते हैं, "तुम भी ऐसा ही कर रहे हो।"

The Common Thread

परमेश्वर ने पहले भी एक काम किया था। उन्होंने लोगों को गुलामी से छुड़ाया था। जंजीरें तोड़ी थीं। अपने हाथों से रास्ता दिखाया था।

परमेश्वर हमेशा ऐसे ही हैं। वे छुड़ाते हैं। वे रास्ता दिखाते हैं। वे जीवन का पानी देते हैं।

बहुत बाद में, परमेश्वर ने अपने बेटे यीशु मसीह को भेजा। यीशु ने कहा था, "जो मेरे पास आएगा, वह फिर कभी प्यासा नहीं रहेगा।"

यीशु ही वह असली सोता हैं। टूटे हुए गड्ढों की ज़रूरत नहीं। यीशु के पास ताज़ा पानी है।

For You

तुम किसके पास दौड़ कर जाते हो, जब तुम्हें कुछ चाहिए होता है?

परमेश्वर कहते हैं, "मेरे पास आओ।" जैसे एक छोटा बच्चा अपने पिता की गोद में दौड़ता है। परमेश्वर वैसे ही तुम्हारी प्रतीक्षा करते हैं।

Talk About It

टूटे हुए गड्ढे में पानी क्यों नहीं टिकता था?

जब तुम्हें कुछ चाहिए होता है, तो तुम परमेश्वर से कैसे माँग सकते हो?

Praying Together

प्रिय परमेश्वर, आप जीवन के पानी हैं। मुझे आपके पास आना है। मुझे टूटे गड्ढों की ज़रूरत नहीं। मुझे अपने पास बुलाइए। आमीन।

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यिर्मयाह 2 के बारे में प्रश्न

पहली बार इसके बारे में पढ़ने वाले हर किसी के लिए छोटे उत्तर।

यिर्मयाह 2 किस विषय में है?
एक बार परमेश्वर ने यिर्मयाह से बात की। परमेश्वर ने कहा, "जा, और यरूशलेम को यह बता दे।"
यिर्मयाह 2 क्या कहता है?
परमेश्वर इस्राएल के लोगों को बहुत प्यार करते थे। जैसे कोई अपनी सबसे अच्छी चीज़ को प्यार करता है।
यिर्मयाह 2 हमें परमेश्वर के बारे में क्या सिखाता है?
पर लोगों ने क्या किया? उन्होंने खुद गड्ढे खोदे। टूटे हुए गड्ढे। उनमें पानी टिकता ही नहीं था।
नन्हे बच्चे यिर्मयाह 2 से क्या सीख सकते हैं?
परमेश्वर हमेशा ऐसे ही हैं। वे छुड़ाते हैं। वे रास्ता दिखाते हैं। वे जीवन का पानी देते हैं।
यिर्मयाह 2 एक महत्वपूर्ण बाइबल कहानी क्यों है?
तुम किसके पास दौड़ कर जाते हो, जब तुम्हें कुछ चाहिए होता है?

दूसरों ने क्या पाया

अंतर्दृष्टि संपादकीय पर पद 29

परमेश्वर उन लोगों से पूछते हैं जो अपनी टूटी हुई कुण्डों की ओर भागे थे, "तुम मुझसे क्यों वाद-विवाद करते हो? तुम सब ने मुझसे बलवा किया है, यहोवा की यह वाणी है।" कितना अजीब है, गलती हमारी और शिकायत हम ही करते हैं। जब जीवन बिखरता है, तो क्या तुम भी परमेश्वर पर उँगली उठाते हो? थोड़ा रुककर पूछो, कहीं मैंने ही तो जीवित जल का सोता नहीं छोड़ दिया?

अंतर्दृष्टि संपादकीय पर पद 17

यिर्मयाह 2:17 कहता है, "क्या तू ने यह अपने ऊपर आप ही नहीं ढाया है? क्योंकि जब तेरा परमेश्वर यहोवा तुझे मार्ग में लिये जाता था, तब तू ने उसको त्याग दिया।"

रुककर सोचो। जो हाथ तुझे थामे चल रहा था, उसी को तूने छोड़ दिया। दुख अक्सर बाहर से नहीं आता, वह हमारे अपने चुनावों की छाया होती है। पर अच्छी खबर यह है, जिस रास्ते पर उसने पहले साथ दिया था, वहाँ आज भी लौटा जा सकता है।

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हमारे पास प्राथमिक आयु (7-12) और किशोरों (12 और उससे ऊपर) के लिए भी विशेष संस्करण हैं।

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For parents and teachers: विशेष रूप से 3 से 6 वर्ष के बच्चों को ज़ोर से पढ़कर सुनाने के लिए लिखा गया। इसे अपने बच्चे के साथ बातचीत की शुरुआत के रूप में उपयोग करें, एकमात्र स्रोत के रूप में नहीं। This explanation is generated automatically by language models. While we strive for theological soundness, the software can make mistakes.

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