6 से 12 वर्ष के बच्चे के लिए

नीतिवचन 6

प्राथमिक आयु (6 से 12 वर्ष) के लिए व्याख्या और बाइबल कहानी

बाइबल

व्यवस्था की बात समझाना

The Explanation

एक पिता अपने बेटे के पास बैठा है। वह उसे ज़िंदगी की सीख दे रहा है, जैसे कोई राजा अपने बेटे को युद्ध से पहले सिखाता है।

पहली सीख है, जल्दी से किसी की ज़मानत मत लेना। अगर तूने वादा कर लिया और फँस गया, तो जा और अपने आपको छुड़ा ले, जैसे हिरनी शिकारी से भागती है, जैसे चिड़िया जाल से उड़ जाती है।

फिर पिता आलसी बेटे की बात करता है। वह कहता है, चींटी के पास जा। चींटी के पास कोई राजा नहीं, कोई प्रधान नहीं जो उसे आदेश दे, फिर भी वह गर्मी में अपना खाना जमा कर लेती है। और आलसी आदमी? वह बस सोता रहता है, थोड़ी नींद, एक और झपकी, तब तक कि गरीबी किसी डाकू की तरह उस पर टूट पड़ती है।

फिर एक बुरे आदमी की तस्वीर आती है, जो आँखों से इशारा करता है, पाँव से संकेत करता है, उँगलियों से इशारा करता है, और उसके मन में हमेशा बुराई की योजना होती है। उस पर अचानक विपत्ति आ पड़ेगी।

फिर परमेश्वर कुछ चीज़ों से बैर रखते हैं, ऐसा लिखा है। घमंड से भरी आँखें, झूठ बोलने वाली जीभ, निर्दोष का खून बहाने वाले हाथ, बुरी योजना बनाने वाला मन, बुराई की ओर दौड़ने वाले पाँव, झूठा गवाह, और भाइयों में झगड़ा लगाने वाला आदमी। सात चीज़ें, जिनसे परमेश्वर घृणा करते हैं।

आखिर में पिता फिर कहता है, बेटा, अपने पिता की आज्ञा और माँ की शिक्षा को मत भूल। उसे अपने दिल में बाँध ले, जैसे गले में हार पहनते हैं। यह शिक्षा चलते समय रास्ता दिखाएगी, सोते समय पहरा देगी, जागते समय बात करेगी। यह एक दीपक की तरह है, अंधेरे में रास्ता दिखाने वाला।

What Does This Mean?

यह अध्याय एक पिता की चिंता भरी आवाज़ है। वह चाहता है कि उसका बेटा बुद्धिमान बने, आलसी न बने, झूठा न बने, और बुरी बातों के जाल में न फँसे। वह जानता है कि छोटी-छोटी गलतियाँ, जैसे बहुत सोना या झूठ बोलना, धीरे-धीरे बड़ी मुसीबत बन जाती हैं। चींटी छोटी है, पर वह मेहनती है। यही सीख बच्चों के लिए भी है, काम से मत भागो, जल्दी शुरू करो।

The Common Thread

पिता चाहता है कि उसका बेटा बुद्धिमानी के रास्ते पर चले। पूरी बाइबल में परमेश्वर भी यही चाहते हैं, अपने बच्चों को अच्छा रास्ता दिखाना। यीशु मसीह खुद वह रास्ता हैं, वे कहते हैं, मैं मार्ग हूँ। जैसे यह शिक्षा दीपक की तरह अंधेरे में रास्ता दिखाती है, वैसे ही यीशु हमारे जीवन का उजाला हैं। परमेश्वर नहीं चाहते कि हम झूठ बोलें या आलसी बनें, क्योंकि वे प्रेम करते हैं और भलाई चाहते हैं।

For You

क्या तुम सुबह उठने में आलसी हो? चींटी को याद करो, वह बिना किसी के कहे काम करती है। आज कोई एक काम बिना टालमटोल किए पूरा करो, अपना बिस्तर ठीक करना, या अपनी किताबें रखना। और अगर तुमने किसी से झूठा वादा किया है, तो जाकर सच बता दो। परमेश्वर चाहते हैं कि तुम्हारी जीभ सच बोले और तुम्हारे हाथ भलाई करें।

Talk About It

चींटी हमें क्या सिखाती है, जो तुम आज कर सकते हो?

तुम्हारे माता-पिता की कौन सी सीख तुम्हारे दिल में हार की तरह बँधी हुई है?

Praying Together

हे परमेश्वर, हमें आलसी नहीं, मेहनती बनने में मदद करें। हमें सच बोलना सिखाएँ और झूठ से बचाएँ। हमारे माता-पिता की अच्छी बातों को हमारे दिल में बसा दें। यीशु मसीह के नाम में, आमीन।

यह बाइबल कहानी साझा करें

अन्य माता पिता या शिक्षकों के लिए, जिन्हें यह उपयोगी लग सकता है।

WhatsApp Email Facebook X / Twitter

नीतिवचन 6 के बारे में प्रश्न

पहली बार इसके बारे में पढ़ने वाले हर किसी के लिए छोटे उत्तर।

नीतिवचन 6 किस विषय में है?
एक पिता अपने बेटे के पास बैठा है। वह उसे ज़िंदगी की सीख दे रहा है, जैसे कोई राजा अपने बेटे को युद्ध से पहले सिखाता है।
नीतिवचन 6 क्या कहता है?
फिर पिता आलसी बेटे की बात करता है। वह कहता है, चींटी के पास जा। चींटी के पास कोई राजा नहीं, कोई प्रधान नहीं जो उसे आदेश दे, फिर भी वह गर्मी में अपना खाना जमा कर लेती है। और आलसी आदमी? वह बस सोता रहता है, थोड़ी नींद, एक और झपकी, तब तक कि गरीबी किसी डाकू की तरह उस पर टूट पड़ती है।
नीतिवचन 6 हमें परमेश्वर के बारे में क्या सिखाता है?
फिर परमेश्वर कुछ चीज़ों से बैर रखते हैं, ऐसा लिखा है। घमंड से भरी आँखें, झूठ बोलने वाली जीभ, निर्दोष का खून बहाने वाले हाथ, बुरी योजना बनाने वाला मन, बुराई की ओर दौड़ने वाले पाँव, झूठा गवाह, और भाइयों में झगड़ा लगाने वाला आदमी। सात चीज़ें, जिनसे परमेश्वर घृणा करते हैं।
बच्चे नीतिवचन 6 से क्या सीख सकते हैं?
यह अध्याय एक पिता की चिंता भरी आवाज़ है। वह चाहता है कि उसका बेटा बुद्धिमान बने, आलसी न बने, झूठा न बने, और बुरी बातों के जाल में न फँसे। वह जानता है कि छोटी-छोटी गलतियाँ, जैसे बहुत सोना या झूठ बोलना, धीरे-धीरे बड़ी मुसीबत बन जाती हैं। चींटी छोटी है, पर वह मेहनती है। यही सीख बच्चों के लिए भी है, काम से मत भागो, जल्दी शुरू करो।
नीतिवचन 6 एक महत्वपूर्ण बाइबल कहानी क्यों है?
क्या तुम सुबह उठने में आलसी हो? चींटी को याद करो, वह बिना किसी के कहे काम करती है। आज कोई एक काम बिना टालमटोल किए पूरा करो, अपना बिस्तर ठीक करना, या अपनी किताबें रखना। और अगर तुमने किसी से झूठा वादा किया है, तो जाकर सच बता दो। परमेश्वर चाहते हैं कि तुम्हारी जीभ सच बोले और तुम्हारे हाथ भलाई करें।

दूसरों ने क्या पाया

अंतर्दृष्टि संपादकीय पर पद 24

ध्यान दे, पिता की आज्ञा और माता की शिक्षा किसलिए दी गई थी: "वे तुझे बुरी स्त्री से, और पराई स्त्री की चिकनी चुपड़ी बातों से बचाएँगी।" बचाव कोई ताला नहीं, शब्द हैं। जो बातें तूने बचपन में सुनीं, वही उस घड़ी भीतर से बोलेंगी जब कोई मीठी आवाज़ तुझे बुलाएगी। आज तेरे मन में किसके शब्द बसे हैं?

किसी अन्य आयु वर्ग की तलाश है?

हमारे पास नन्हे बच्चों (3-5 वर्ष) और किशोरों (13 वर्ष और उससे ऊपर) के लिए अलग संस्करण भी हैं।

बच्चों की बाइबल टूल में खोलें