7 से 12 वर्ष के बच्चे के लिए

रोमियों 16

प्राथमिक आयु (7-12) के लिए व्याख्या और बाइबल कहानी

बाइबल

The Explanation

रोमियों की पत्री का यह आख़िरी अध्याय पढ़ते हुए ऐसा लगता है जैसे हम पौलुस के दोस्तों की एक लंबी सूची देख रहे हैं। नाम, नाम और नाम। पहली नज़र में यह उबाऊ लग सकता है, लेकिन ठहरिए। ये सिर्फ़ नाम नहीं हैं, ये असली लोग हैं जिन्हें पौलुस जानता था, प्यार करता था और याद करता था।

पौलुस सबसे पहले फीबे नाम की एक बहन के बारे में लिखते हैं। वह किंख्रिया की कलीसिया में सेवा करती थी और शायद वही यह पत्री रोम तक ले गई। सोचिए, परमेश्वर का इतना बड़ा पत्र एक बहन के हाथों में सौंपा गया।

फिर प्रिस्का और अक्विला का नाम आता है। पौलुस लिखते हैं कि उन्होंने उनके लिए अपनी जान तक ख़तरे में डाल दी थी। मरियम ने बहुत परिश्रम किया। अन्द्रुनीकुस और यूनियास पौलुस के साथ जेल में रह चुके थे। रूफुस की माँ को पौलुस अपनी माँ जैसी मानते थे।

पौलुस त्रूफैना और त्रूफोसा को भी नमस्कार भेजते हैं, दो बहनें जो प्रभु में मेहनत करती थीं। कुल मिलाकर पौलुस लगभग छब्बीस लोगों के नाम लेते हैं। पुरुष, महिलाएँ, यहूदी, गैर-यहूदी, ग़ुलाम, आज़ाद लोग, सब मिले-जुले।

बीच में पौलुस एक ज़रूरी चेतावनी देते हैं। कुछ लोग होते हैं जो चिकनी-चुपड़ी बातों से भोले-भाले लोगों को बहका देते हैं। पौलुस कहते हैं, उनसे सावधान रहो। भलाई के लिए बुद्धिमान बनो, और बुराई के लिए भोले बने रहो।

और फिर एक बहुत सुंदर वचन आता है: "शान्ति का परमेश्वर शैतान को तुम्हारे पाँवों के नीचे शीघ्र कुचल देगा।" अंत में पौलुस परमेश्वर की महिमा के गीत के साथ पत्री बंद करते हैं।

What Does This Mean?

यह अध्याय हमें कुछ ऐसा दिखाता है जो हम अक्सर भूल जाते हैं: कलीसिया कोई इमारत नहीं है, कलीसिया लोग हैं। असली लोग, नाम वाले लोग।

पौलुस एक बहुत बड़े प्रेरित थे, लेकिन देखिए, वे हर एक व्यक्ति को याद रखते थे। जिस बहन ने उनकी सेवा की, जिस दोस्त ने उन्हें बचाया, जिस माँ ने उन्हें अपने बेटे जैसा प्यार दिया। परमेश्वर के काम में हर एक इंसान क़ीमती है।

और यह भी दिलचस्प है कि पौलुस इतनी सारी बहनों के नाम लेते हैं। उस ज़माने में यह कोई आम बात नहीं थी। लेकिन यीशु की कलीसिया में सब बराबर हैं, और सब मेहनत करते हैं।

चेतावनी भी ज़रूरी है। हर मीठी बात सच्ची नहीं होती। कुछ लोग अच्छा बोलते हैं लेकिन उनका दिल परमेश्वर की तरफ़ नहीं होता। पौलुस कहते हैं, भोले मत बनो, समझदार बनो।

The Common Thread

क्या आपने वह वाक्य देखा, "शान्ति का परमेश्वर शैतान को तुम्हारे पाँवों के नीचे शीघ्र कुचल देगा"? यह उत्पत्ति 3:15 की गूँज है। बहुत पहले, जब आदम और हव्वा ने पाप किया था, तब परमेश्वर ने वादा किया था कि एक दिन स्त्री का वंश साँप का सिर कुचल देगा।

वह वंश यीशु मसीह हैं। क्रूस पर उन्होंने शैतान को हरा दिया, और एक दिन पूरी तरह से उसका अंत होगा।

और अध्याय का आख़िरी हिस्सा भी यही कहता है। पौलुस उस "भेद" की बात करते हैं जो सनातन से छिपा था, लेकिन अब यीशु मसीह के द्वारा सब जातियों पर प्रगट हुआ है। पूरी बाइबल की कहानी इसी की ओर बहती है: परमेश्वर सब जातियों के लोगों को एक परिवार में इकट्ठा कर रहे हैं।

For You

क्या आपने कभी सोचा है कि परमेश्वर आपका नाम जानते हैं? पौलुस ने छब्बीस नाम लिखे, और परमेश्वर आपका नाम भी जानते हैं। आप उनके लिए एक भीड़ का हिस्सा नहीं हैं, आप उनके लिए ख़ास हैं।

अपने चारों ओर देखिए। आपके चर्च में, आपके संडे स्कूल में, कौन-कौन लोग हैं जो चुपचाप परमेश्वर की सेवा करते हैं? शायद कोई आंटी जो खाना बनाती हैं, कोई अंकल जो कुर्सियाँ लगाते हैं। उन्हें धन्यवाद कहिए। पौलुस भी यही करते थे।

और पौलुस की चेतावनी याद रखिए। कभी-कभी कोई मीठी बातों से आपको ग़लत रास्ते पर ले जाना चाहेगा, शायद स्कूल में, शायद इंटरनेट पर। भलाई में बुद्धिमान बनिए। जो बात परमेश्वर के वचन से मेल नहीं खाती, उससे दूर रहिए।

Talk About It

अगर पौलुस आज तुम्हारी कलीसिया के बारे में लिखते, तो वे किन लोगों के नाम लिखते, और क्यों?

"भलाई के लिए बुद्धिमान, बुराई के लिए भोले।" इसका तुम्हारे जीवन में क्या मतलब हो सकता है?

Praying Together

प्रिय परमेश्वर, धन्यवाद कि आप हर एक का नाम जानते हैं, मेरा भी। मुझे ऐसे दोस्त दीजिए जो आप से प्रेम करते हैं, और मुझे बुद्धि दीजिए ताकि मैं मीठी बातों के धोखे में न आऊँ। यीशु ने शैतान को हरा दिया है, इसलिए मैं आपके साथ सुरक्षित हूँ। यीशु के नाम में, आमीन।

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रोमियों 16 के बारे में प्रश्न

पहली बार इसके बारे में पढ़ने वाले हर किसी के लिए छोटे उत्तर।

रोमियों 16 किस विषय में है?
रोमियों की पत्री का यह आख़िरी अध्याय पढ़ते हुए ऐसा लगता है जैसे हम पौलुस के दोस्तों की एक लंबी सूची देख रहे हैं। नाम, नाम और नाम। पहली नज़र में यह उबाऊ लग सकता है, लेकिन ठहरिए। ये सिर्फ़ नाम नहीं हैं, ये असली लोग हैं जिन्हें पौलुस जानता था, प्यार करता था और याद करता था।
रोमियों 16 क्या कहता है?
बीच में पौलुस एक ज़रूरी चेतावनी देते हैं। कुछ लोग होते हैं जो चिकनी-चुपड़ी बातों से भोले-भाले लोगों को बहका देते हैं। पौलुस कहते हैं, उनसे सावधान रहो। भलाई के लिए बुद्धिमान बनो, और बुराई के लिए भोले बने रहो।
रोमियों 16 हमें परमेश्वर के बारे में क्या सिखाता है?
और यह भी दिलचस्प है कि पौलुस इतनी सारी बहनों के नाम लेते हैं। उस ज़माने में यह कोई आम बात नहीं थी। लेकिन यीशु की कलीसिया में सब बराबर हैं, और सब मेहनत करते हैं।
बच्चे रोमियों 16 से क्या सीख सकते हैं?
और अध्याय का आख़िरी हिस्सा भी यही कहता है। पौलुस उस "भेद" की बात करते हैं जो सनातन से छिपा था, लेकिन अब यीशु मसीह के द्वारा सब जातियों पर प्रगट हुआ है। पूरी बाइबल की कहानी इसी की ओर बहती है: परमेश्वर सब जातियों के लोगों को एक परिवार में इकट्ठा कर रहे हैं।
रोमियों 16 एक महत्वपूर्ण बाइबल कहानी क्यों है?
अगर पौलुस आज तुम्हारी कलीसिया के बारे में लिखते, तो वे किन लोगों के नाम लिखते, और क्यों?

दूसरों ने क्या पाया

अंतर्दृष्टि संपादकीय पर पद 22

पौलुस बोल रहे थे, और तिरतियुस लिख रहे थे। पूरी पत्री में बस एक पंक्ति उसकी अपनी है, "मुझ तिरतियुस का, जो यह पत्री लिखनेवाला हूँ, प्रभु में तुम को नमस्कार।" पर्दे के पीछे की यह सेवा परमेश्वर ने अपने वचन में हमेशा के लिए दर्ज कर ली। तेरा जो काम कोई नहीं गिनता, वह उसकी नज़र से छूटा नहीं है।

अंतर्दृष्टि संपादकीय पर पद 9

उरबानुस को, जो मसीह में हमारा सहकर्मी है, और मेरे प्रिय इस्तखुस को नमस्कार।" इन दोनों के बारे में बाइबल और कुछ नहीं बताती। कोई उपदेश नहीं, कोई चमत्कार नहीं, बस नाम। फिर भी पौलुस उन्हें "हमारा सहकर्मी" कहता है, मेरा नहीं, हमारा। तेरी सेवा भी शायद किसी को दिखती न हो। पर जो तुझे जानता है, वह तेरा नाम भूलता नहीं।

अंतर्दृष्टि संपादकीय पर पद 18

पौलुस चेतावनी देता है: "क्योंकि ऐसे लोग हमारे प्रभु मसीह की सेवा नहीं करते, परन्तु अपने पेट की; और चिकनी चुपड़ी बातों से भोले भाले लोगों के मन में धोखा देते हैं।" ध्यान दे, धोखा कठोर आवाज़ में नहीं आता, वह मीठी बातों में आता है। जो बात तेरे कान को सहलाती है पर तुझे क्रूस की ओर कभी नहीं ले जाती, उससे सावधान रह।

अंतर्दृष्टि संपादकीय पर पद 25

पौलुस पूरी पत्री के अंत में यह नहीं कहता कि "अब तुम अपने आप को मजबूत करो।" वह कहता है, "अब जो तुम्हें मेरे सुसमाचार के अनुसार स्थिर कर सकता है।" स्थिर करने वाला परमेश्वर है, तू नहीं। जिस दिन तेरा विश्वास डगमगाता है, याद रख, तुझे थामे रखने की जिम्मेदारी उसी की है जिसने युगों से छिपा भेद तुझ पर खोल दिया।

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हमारे पास छोटे बच्चों (3-6 वर्ष) और किशोरों (12 वर्ष और अधिक) के लिए विशेष संस्करण भी हैं।

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For parents and teachers: 7 से 12 वर्ष के उन बच्चों के लिए लिखा गया जो स्वयं पढ़ सकते हैं। पारिवारिक भक्ति और स्कूल में बाइबल पाठ के लिए उत्तम। This explanation is generated automatically by language models. While we strive for theological soundness, the software can make mistakes.

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