3 से 6 वर्ष के बच्चे के लिए

रोमियों 16

नन्हे और पूर्व-विद्यालय बच्चे (आयु 3-6) के लिए व्याख्या और बाइबल कहानी

बाइबल

व्याख्या

पौलुस एक चिट्ठी लिख रहा था। बहुत लंबी चिट्ठी। मेज़ पर दीया जल रहा था। पौलुस के हाथ में कलम था। वह थका हुआ था, पर खुश भी था। चिट्ठी अब खत्म हो रही थी।

अब पौलुस को अपने दोस्त याद आए। एक-एक करके, नाम से।

"फीबे को नमस्कार," उसने लिखा। फीबे कलीसिया की मदद करती थी। फिर उसने लिखा, "प्रिस्का और अक्विला को नमस्कार।" वे पौलुस के साथ काम करते थे। फिर मरियम को नमस्कार। फिर इपैनितुस को। फिर उरबानुस को, फिर रूफुस को, फिर उसकी माँ को भी। बहुत सारे नाम, एक के बाद एक। पौलुस को हर चेहरा याद था। हर एक को वह प्यार से जानता था।

इसका क्या मतलब है?

पौलुस किसी को नहीं भूला। छोटे को भी नहीं। जिसने बहुत काम किया, उसे भी नहीं। हर एक का नाम उसने लिखा। परमेश्वर भी ऐसे ही हैं। वे भी हर एक को नाम से जानते हैं। तुम्हारा नाम भी। मेरा नाम भी। परमेश्वर हमें भूलते नहीं।

पर फिर पौलुस ने कुछ और लिखा। कुछ गंभीर बात। "कुछ लोग हैं," उसने कहा, "जो मीठी-मीठी बातें करते हैं।" पर उनकी बातें सच नहीं थीं। वे झगड़ा करवाते थे। पौलुस ने कहा, "उनसे दूर रहो।" यह सुनना आसान नहीं था। पर पौलुस अपने दोस्तों को सुरक्षित रखना चाहता था।

एक ही कहानी की कड़ी

फिर पौलुस ने एक बड़ी बात लिखी। उसने कहा, शांति के परमेश्वर शैतान को कुचल देंगे, बहुत जल्दी, पैरों के नीचे। यह वादा नया नहीं था। परमेश्वर ने यह वादा बहुत पहले किया था। यीशु मसीह इसी वादे को पूरा करते हैं। बुराई हमेशा के लिए नहीं रहेगी। परमेश्वर जीतेंगे। इसीलिए पौलुस अंत में गाता है, "अद्वैत बुद्धिमान परमेश्वर की महिमा हो, यीशु मसीह के द्वारा, सदा सदा के लिए।"

तुम्हारे लिए

जब तुम रात को सोने जाते हो, याद रखो। परमेश्वर तुम्हारा नाम जानते हैं। जैसे पौलुस अपने दोस्तों को नहीं भूला, वैसे ही परमेश्वर तुम्हें नहीं भूलते। तुम प्रार्थना में उनसे बात कर सकते हो, जैसे किसी दोस्त से।

बातचीत करें

तुम्हारे परिवार में सबसे छोटा कौन है? क्या परमेश्वर उसका नाम भी जानते हैं?

पौलुस ने कहा, "दूर रहो" कुछ लोगों से। तुम्हें कब सावधान रहना चाहिए?

साथ में प्रार्थना करें

प्रभु यीशु, धन्यवाद कि आप मेरा नाम जानते हैं। जैसे पौलुस ने अपने दोस्तों को याद किया, आप भी मुझे याद रखते हैं। मुझे अच्छे दोस्तों के पास रखिए। आमीन।

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रोमियों 16 के बारे में प्रश्न

पहली बार इसके बारे में पढ़ने वाले हर किसी के लिए छोटे उत्तर।

रोमियों 16 किस विषय में है?
पौलुस एक चिट्ठी लिख रहा था। बहुत लंबी चिट्ठी। मेज़ पर दीया जल रहा था। पौलुस के हाथ में कलम था। वह थका हुआ था, पर खुश भी था। चिट्ठी अब खत्म हो रही थी।
रोमियों 16 क्या कहता है?
पौलुस किसी को नहीं भूला। छोटे को भी नहीं। जिसने बहुत काम किया, उसे भी नहीं। हर एक का नाम उसने लिखा। परमेश्वर भी ऐसे ही हैं। वे भी हर एक को नाम से जानते हैं। तुम्हारा नाम भी। मेरा नाम भी। परमेश्वर हमें भूलते नहीं।
रोमियों 16 हमें परमेश्वर के बारे में क्या सिखाता है?
फिर पौलुस ने एक बड़ी बात लिखी। उसने कहा, शांति के परमेश्वर शैतान को कुचल देंगे, बहुत जल्दी, पैरों के नीचे। यह वादा नया नहीं था। परमेश्वर ने यह वादा बहुत पहले किया था। यीशु मसीह इसी वादे को पूरा करते हैं। बुराई हमेशा के लिए नहीं रहेगी। परमेश्वर जीतेंगे। इसीलिए पौलुस अंत में गाता है, "अद्वैत बुद्धिमान परमेश्वर की महिमा हो, यीशु मसीह के द्वारा, सदा सदा के लिए।"
नन्हे बच्चे रोमियों 16 से क्या सीख सकते हैं?
तुम्हारे परिवार में सबसे छोटा कौन है? क्या परमेश्वर उसका नाम भी जानते हैं?
रोमियों 16 एक महत्वपूर्ण बाइबल कहानी क्यों है?
प्रभु यीशु, धन्यवाद कि आप मेरा नाम जानते हैं। जैसे पौलुस ने अपने दोस्तों को याद किया, आप भी मुझे याद रखते हैं। मुझे अच्छे दोस्तों के पास रखिए। आमीन।

दूसरों ने क्या पाया

अंतर्दृष्टि संपादकीय पर पद 22

पौलुस बोल रहे थे, और तिरतियुस लिख रहे थे। पूरी पत्री में बस एक पंक्ति उसकी अपनी है, "मुझ तिरतियुस का, जो यह पत्री लिखनेवाला हूँ, प्रभु में तुम को नमस्कार।" पर्दे के पीछे की यह सेवा परमेश्वर ने अपने वचन में हमेशा के लिए दर्ज कर ली। तेरा जो काम कोई नहीं गिनता, वह उसकी नज़र से छूटा नहीं है।

अंतर्दृष्टि संपादकीय पर पद 9

उरबानुस को, जो मसीह में हमारा सहकर्मी है, और मेरे प्रिय इस्तखुस को नमस्कार।" इन दोनों के बारे में बाइबल और कुछ नहीं बताती। कोई उपदेश नहीं, कोई चमत्कार नहीं, बस नाम। फिर भी पौलुस उन्हें "हमारा सहकर्मी" कहता है, मेरा नहीं, हमारा। तेरी सेवा भी शायद किसी को दिखती न हो। पर जो तुझे जानता है, वह तेरा नाम भूलता नहीं।

अंतर्दृष्टि संपादकीय पर पद 18

पौलुस चेतावनी देता है: "क्योंकि ऐसे लोग हमारे प्रभु मसीह की सेवा नहीं करते, परन्तु अपने पेट की; और चिकनी चुपड़ी बातों से भोले भाले लोगों के मन में धोखा देते हैं।" ध्यान दे, धोखा कठोर आवाज़ में नहीं आता, वह मीठी बातों में आता है। जो बात तेरे कान को सहलाती है पर तुझे क्रूस की ओर कभी नहीं ले जाती, उससे सावधान रह।

अंतर्दृष्टि संपादकीय पर पद 25

पौलुस पूरी पत्री के अंत में यह नहीं कहता कि "अब तुम अपने आप को मजबूत करो।" वह कहता है, "अब जो तुम्हें मेरे सुसमाचार के अनुसार स्थिर कर सकता है।" स्थिर करने वाला परमेश्वर है, तू नहीं। जिस दिन तेरा विश्वास डगमगाता है, याद रख, तुझे थामे रखने की जिम्मेदारी उसी की है जिसने युगों से छिपा भेद तुझ पर खोल दिया।

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For parents and teachers: विशेष रूप से 3 से 6 वर्ष के बच्चों को ज़ोर से पढ़कर सुनाने के लिए लिखा गया। इसे अपने बच्चे के साथ बातचीत की शुरुआत के रूप में उपयोग करें, एकमात्र स्रोत के रूप में नहीं। This explanation is generated automatically by language models. While we strive for theological soundness, the software can make mistakes.

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