1 इतिहास 18
छोटे बच्चे और प्री स्कूल (3 से 5 वर्ष) के लिए व्याख्या और बाइबल कहानी
व्याख्या
एक राजा था। उसका नाम दाऊद था। दाऊद बहुत बहादुर था।
दाऊद लड़ाई में गया। एक जगह, फिर दूसरी जगह। हर जगह दाऊद जीत गया। क्यों? क्योंकि यहोवा उसके साथ थे। बाइबल कहती है, "जहाँ-जहाँ दाऊद जाता, वहाँ-वहाँ यहोवा उसको जय दिलाता था।"
दुश्मन सोने की ढालें रखते थे। चमकती हुई, पीली सोने की ढालें। दाऊद उन्हें ले आया। पीतल भी लाया, बहुत सारा पीतल। भारी, ठंडा, चमकता हुआ पीतल।
एक राजा था, उसका नाम तोऊ था। उसने सुना कि दाऊद जीत गया है। तोऊ ने अपने बेटे को भेजा। बेटे का नाम हदोराम था। हदोराम सोना, चाँदी और पीतल लेकर आया। उपहार के रूप में।
इसका क्या मतलब है?
अब ध्यान से सुनो। दाऊद ने क्या किया इन सब चीज़ों के साथ?
उसने इन्हें अपने घर में नहीं रखा। उसने इन्हें छिपाया नहीं।
दाऊद ने सारा सोना, सारी चाँदी, यहोवा के लिए अलग रख दी। बाइबल कहती है, "इनको दाऊद राजा ने यहोवा के लिये पवित्र करके रखा।"
यह सबसे अच्छा हिस्सा है। दाऊद जानता था, जीत उसकी अपनी ताकत से नहीं आई। यहोवा ने उसे जिताया। इसलिए उपहार भी यहोवा को ही मिले।
सिलसिला
दाऊद बहादुर राजा था। पर दाऊद अकेला नहीं जीता। परमेश्वर उसके साथ थे।
बहुत समय बाद, एक और राजा आया। उसका नाम यीशु है। यीशु भी जीता, पर तलवार से नहीं। यीशु ने प्रेम से जीत हासिल की।
दाऊद सोना परमेश्वर को देता था। यीशु ने खुद को परमेश्वर के लिए दे दिया।
तुम्हारे लिए
तुम्हारे पास क्या है? शायद एक खिलौना, या एक चित्र जो तुमने बनाया।
क्या तुम वह परमेश्वर को दिखा सकते हो? "देखिए, यह मैंने बनाया!"
दाऊद ने अपनी सबसे अच्छी चीज़ें परमेश्वर को दीं। तुम भी अपनी खुशी परमेश्वर के साथ बाँट सकते हो।
बात करें
तुम्हारे पास सबसे अच्छी चीज़ कौन सी है, जो तुम परमेश्वर को दिखाना चाहोगे?
दाऊद को किसने जिताया? क्या तुम्हें याद है?
साथ में प्रार्थना
प्रिय परमेश्वर,
आप दाऊद के साथ थे। आप मेरे साथ भी हैं। धन्यवाद कि आप मुझे प्यार करते हैं। आमीन।
1 इतिहास 18 के बारे में प्रश्न
पहली बार इसके बारे में पढ़ने वाले हर किसी के लिए छोटे उत्तर।
1 इतिहास 18 किस विषय में है?
1 इतिहास 18 क्या कहता है?
1 इतिहास 18 हमें परमेश्वर के बारे में क्या सिखाता है?
नन्हे बच्चे 1 इतिहास 18 से क्या सीख सकते हैं?
1 इतिहास 18 एक महत्वपूर्ण बाइबल कहानी क्यों है?
दूसरों ने क्या पाया
तोऊ दाऊद का मित्र नहीं था। वह बस इतना जानता था कि जिस हदादेजेर से वह बरसों लड़ता रहा, उसे दाऊद ने हरा दिया। इसलिए उसने अपने पुत्र को भेजा, "उसका कुशल क्षेम पूछने और उसे बधाई देने को।" दाऊद की एक लड़ाई किसी दूर बैठे अनजान राजा की शांति बन गई। तेरी वफादारी का फल तुझ पर आकर नहीं रुकता। परमेश्वर जो तुझमें कर रहा है, उसकी छाया किसी ऐसे पर भी पड़ेगी जिसका नाम तू जानता तक नहीं।
जीत के बाद दाऊद के हाथ में एक हजार रथ आ गए, पर उसने घोड़ों की नसें कटवा दीं और सिर्फ सौ रथ अपने पास रखे। जो ताकत उसे सबसे सुरक्षित लगती, उसी को उसने जानबूझकर घटा दिया, क्योंकि वह जानता था कि भरोसा रथों पर नहीं, यहोवा पर है। तेरे जीवन में कौन सी चीज़ है जो तुझे बचाती हुई लगती है, पर चुपचाप परमेश्वर की जगह ले रही है?
जब हमात के राजा तोऊ ने सुना, कि दाऊद ने सोबा के राजा हदादेजेर की सारी सेना को जीत लिया है।" तोऊ सालों से हदादेजेर से लड़ता आया था। जो जीत दाऊद ने पाई, उसकी राहत तोऊ तक पहुँची, जो युद्ध के मैदान में था ही नहीं। परमेश्वर एक जगह जो करता है, उसकी खबर दूर बैठे थके हुए दिलों तक पहुँचती है। तेरी लड़ाई में मिली जीत किसी और की साँस बन सकती है।
मोआब वही देश था जहाँ भगोड़े दाऊद ने अपने माता-पिता को सुरक्षित रखा था, और उसकी परदादी रूत भी मोआबी थी। अब लिखा है, "फिर उसने मोआबियों को जीत लिया, और मोआबी दाऊद के अधीन होकर भेंट लाने लगे।" जीत के दिनों में अपनी कमज़ोरी के दिन मत भूल। जिसने तुझे तब छिपाया, वही आज तुझे ऊँचा उठा रहा है।
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