3 से 5 वर्ष के बच्चे के लिए

1 इतिहास 8

छोटे बच्चे और प्री स्कूल (3 से 5 वर्ष) के लिए व्याख्या और बाइबल कहानी

बाइबल

व्याख्या

बहुत पहले की बात है। बिन्यामीन नाम का एक आदमी था। उसके बहुत सारे बच्चे हुए। पहला बेला, फिर अश्बेल, फिर अहृह, फिर नोहा, फिर रापा। पाँच बेटे! घर में बहुत शोर होता होगा। दौड़ना, हँसना, खेलना।

फिर बेला के भी बेटे हुए। और उनके भी बेटे हुए। और फिर उनके भी। नाम पर नाम। जैसे कोई माला में मोती पिरोता जाए, एक के बाद एक, ऐसे ही यह परिवार बढ़ता गया। गेरा, अबीहूद, शपूपान, हूराम, यिशमरै, योबाब, और भी बहुत सारे नाम।

यह परिवार यरूशलेम में रहता था। बड़ा शहर। गलियों में बच्चे खेलते थे। घरों से रोटी की खुशबू आती थी। और इसी परिवार में एक नाम आया जो सबसे खास बना, कीश। कीश का एक बेटा हुआ, शाऊल। और शाऊल आगे चलकर राजा बना। शाऊल के बेटे का नाम था योनातान।

इसका क्या अर्थ है?

इतने सारे नाम! शायद सुनते-सुनते थक भी जाएँ। पर हर नाम एक असली बच्चा था। किसी की माँ थी जो उसे प्यार से बुलाती थी। किसी का अपना चेहरा था, अपनी हँसी थी। परमेश्वर हर एक को जानते थे। एक-एक को, जैसे हमें अपनी उँगलियाँ पता होती हैं।

समान सूत्र

परमेश्वर कभी नाम नहीं भूलते। वे हर बच्चे को जानते हैं, छोटे को भी, बड़े को भी। बहुत बाद में, प्रभु यीशु ने कहा था कि वे अपनी भेड़ों को नाम से बुलाते हैं। जैसे बिन्यामीन के हर बेटे का नाम लिखा गया, वैसे ही आपका नाम भी परमेश्वर के पास है। वे इसे भूलते नहीं।

आपके लिए

तुम्हारा भी एक नाम है। सोचो, कौन तुम्हें प्यार से बुलाता है? माँ? पापा? परमेश्वर भी तुम्हारा नाम जानते हैं। जब तुम सोते हो, तब भी। जब तुम खेलते हो, तब भी। तुम भूल जाओ, फिर भी परमेश्वर नहीं भूलते।

बात करें

तुम्हारा नाम क्या है? कौन-कौन इसे प्यार से बुलाता है?

परमेश्वर हर बच्चे का नाम जानते हैं। यह सुनकर कैसा लगता है?

साथ मिलकर प्रार्थना करें

प्रिय परमेश्वर, धन्यवाद कि आप मेरा नाम जानते हैं। धन्यवाद कि आप मुझे भूलते नहीं। जैसे आप बिन्यामीन के परिवार के हर बच्चे को जानते थे, वैसे ही आप मुझे भी जानते हैं। आमीन।

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अन्य माता पिता या शिक्षकों के लिए, जिन्हें यह उपयोगी लग सकता है।

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1 इतिहास 8 के बारे में प्रश्न

पहली बार इसके बारे में पढ़ने वाले हर किसी के लिए छोटे उत्तर।

1 इतिहास 8 किस विषय में है?
बहुत पहले की बात है। बिन्यामीन नाम का एक आदमी था। उसके बहुत सारे बच्चे हुए। पहला बेला, फिर अश्बेल, फिर अहृह, फिर नोहा, फिर रापा। पाँच बेटे! घर में बहुत शोर होता होगा। दौड़ना, हँसना, खेलना।
1 इतिहास 8 क्या कहता है?
फिर बेला के भी बेटे हुए। और उनके भी बेटे हुए। और फिर उनके भी। नाम पर नाम। जैसे कोई माला में मोती पिरोता जाए, एक के बाद एक, ऐसे ही यह परिवार बढ़ता गया। गेरा, अबीहूद, शपूपान, हूराम, यिशमरै, योबाब, और भी बहुत सारे नाम।
1 इतिहास 8 हमें परमेश्वर के बारे में क्या सिखाता है?
यह परिवार यरूशलेम में रहता था। बड़ा शहर। गलियों में बच्चे खेलते थे। घरों से रोटी की खुशबू आती थी। और इसी परिवार में एक नाम आया जो सबसे खास बना, कीश। कीश का एक बेटा हुआ, शाऊल। और शाऊल आगे चलकर राजा बना। शाऊल के बेटे का नाम था योनातान।
नन्हे बच्चे 1 इतिहास 8 से क्या सीख सकते हैं?
इतने सारे नाम! शायद सुनते-सुनते थक भी जाएँ। पर हर नाम एक असली बच्चा था। किसी की माँ थी जो उसे प्यार से बुलाती थी। किसी का अपना चेहरा था, अपनी हँसी थी। परमेश्वर हर एक को जानते थे। एक-एक को, जैसे हमें अपनी उँगलियाँ पता होती हैं।
1 इतिहास 8 एक महत्वपूर्ण बाइबल कहानी क्यों है?
परमेश्वर कभी नाम नहीं भूलते। वे हर बच्चे को जानते हैं, छोटे को भी, बड़े को भी। बहुत बाद में, प्रभु यीशु ने कहा था कि वे अपनी भेड़ों को नाम से बुलाते हैं। जैसे बिन्यामीन के हर बेटे का नाम लिखा गया, वैसे ही आपका नाम भी परमेश्वर के पास है। वे इसे भूलते नहीं।

दूसरों ने क्या पाया

अंतर्दृष्टि संपादकीय पर पद 15

जबद्याह, अराद, एदेर," बस तीन नाम, और कुछ नहीं। न कोई कहानी, न कोई बड़ा काम। फिर भी परमेश्वर ने इन्हें अपनी पुस्तक में लिखवा रखा। तुम्हें लगता है तुम्हारा जीवन किसी को याद नहीं रहेगा? जो नाम आदमी भूल जाते हैं, वे परमेश्वर के हाथ में सुरक्षित हैं।

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