3 से 6 वर्ष के बच्चे के लिए

2 इतिहास 21

नन्हे और पूर्व-विद्यालय बच्चे (आयु 3-6) के लिए व्याख्या और बाइबल कहानी

बाइबल

व्याख्या

एक राजा था। उसका नाम था यहोशापात। यहोशापात बहुत अच्छा राजा था। वह परमेश्वर से प्रेम करता था।

पर एक दिन यहोशापात मर गया। उसका बेटा यहोराम अब राजा बना।

यहोराम के बहुत सारे भाई थे। छह भाई! सोचो ज़रा। पिता ने सब भाइयों को सुन्दर चीज़ें दी थीं। चाँदी। सोना। बड़े-बड़े शहर।

पर यहोराम खुश नहीं था। यहोराम के दिल में कुछ बुरा था। वह सोचता था, "मैं अकेला राजा बनूँगा।"

और फिर, ओह, कितनी दुखद बात। यहोराम ने अपने सब भाइयों को मार डाला। सारे छह भाई। कोई नहीं बचा।

यहोराम परमेश्वर की बात नहीं सुनता था। वह गलत काम करता था।

इसका क्या मतलब है?

एक दिन एक चिट्ठी आई। एक ख़ास चिट्ठी। कौन ले आया? परमेश्वर के भक्त एलिय्याह ने भेजी थी।

यहोराम ने चिट्ठी खोली। उसमें लिखा था: "यहोराम, तुमने बहुत बुरा किया। परमेश्वर सब देख रहे हैं।"

यहोराम ने चिट्ठी पढ़ी। पर उसने अपना दिल नहीं बदला। वह वैसा ही रहा।

फिर बुरे लोग आए। वे यहोराम के महल में घुसे। वे बहुत सारी चीज़ें ले गए।

और यहोराम बीमार हो गया। बहुत बीमार। उसका पेट बहुत दुखता था। दो साल तक। और फिर वह मर गया।

जब यहोराम मरा, तो कोई रोया नहीं। कोई दुखी नहीं हुआ। कितनी दुखद बात है।

सम्पूर्ण कहानी

पर रुको। एक बात बहुत सुन्दर है।

परमेश्वर ने बहुत पहले दाऊद से एक वादा किया था। परमेश्वर ने कहा था: "दाऊद, तेरे घर में हमेशा एक दीपक जलता रहेगा।"

एक छोटा दीपक। वह कभी नहीं बुझेगा।

यहोराम बुरा था। पर परमेश्वर ने अपना वादा याद रखा। परमेश्वर हमेशा अपना वादा याद रखते हैं।

और वह दीपक? वह जलता रहा। और जलता रहा। जब तक… एक ख़ास बच्चा आया। एक बच्चा जो चरनी में सोया। यीशु!

यीशु दाऊद के परिवार से आए। यीशु ही असली रोशनी हैं।

तुम्हारे लिए

क्या तुम कभी गुस्सा होते हो? कभी-कभी हम भी बुरा करना चाहते हैं। मारना। छीनना।

परमेश्वर तुम्हें देखते हैं। पर परमेश्वर तुमसे बहुत प्रेम करते हैं।

तुम परमेश्वर से बात कर सकते हो। तुम कह सकते हो: "परमेश्वर, मेरा दिल अच्छा बनाइए।"

और परमेश्वर सुनेंगे। हमेशा।

इस पर बात करो

सोचो, अगर तुम्हें भाई या बहन पर गुस्सा आए, तो तुम क्या कर सकते हो?

परमेश्वर ने दाऊद से वादा किया था। परमेश्वर ने वह वादा कैसे पूरा किया?

मिलकर प्रार्थना

प्यारे परमेश्वर, आप बहुत अच्छे हैं। आप हमेशा अपना वादा याद रखते हैं। मेरा दिल अच्छा बनाइए। यीशु के लिए धन्यवाद। आमीन।

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2 इतिहास 21 के बारे में प्रश्न

पहली बार इसके बारे में पढ़ने वाले हर किसी के लिए छोटे उत्तर।

2 इतिहास 21 किस विषय में है?
एक राजा था। उसका नाम था यहोशापात। यहोशापात बहुत अच्छा राजा था। वह परमेश्वर से प्रेम करता था।
2 इतिहास 21 क्या कहता है?
और फिर, ओह, कितनी दुखद बात। यहोराम ने अपने सब भाइयों को मार डाला। सारे छह भाई। कोई नहीं बचा।
2 इतिहास 21 हमें परमेश्वर के बारे में क्या सिखाता है?
फिर बुरे लोग आए। वे यहोराम के महल में घुसे। वे बहुत सारी चीज़ें ले गए।
नन्हे बच्चे 2 इतिहास 21 से क्या सीख सकते हैं?
यहोराम बुरा था। पर परमेश्वर ने अपना वादा याद रखा। परमेश्वर हमेशा अपना वादा याद रखते हैं।
2 इतिहास 21 एक महत्वपूर्ण बाइबल कहानी क्यों है?
तुम परमेश्वर से बात कर सकते हो। तुम कह सकते हो: "परमेश्वर, मेरा दिल अच्छा बनाइए।"

दूसरों ने क्या पाया

अंतर्दृष्टि संपादकीय पर पद 4

यहोराम ने तब तलवार उठाई जब वह "स्थिर हो गया।" ताकत मिलने के बाद भी भीतर का डर नहीं गया, और उस डर ने उसके अपने भाइयों को निगल लिया। जो कुर्सी भाइयों की लाशों पर टिकी हो, वह कभी सुरक्षित नहीं लगती। सोचो, अपनी जगह बचाने के लिए तुमने किसे पीछे धकेला है? डर से लिया गया हर फैसला आगे चलकर भारी पड़ता है।

अंतर्दृष्टि संपादकीय पर पद 9

योराम रात को उठकर घेरे से निकल तो आया, एदोमियों को मारा भी, पर अगली ही आयत कहती है कि एदोम आज तक बागी है। जीत मिली, पर कुछ भी न बदला। जब हम परमेश्वर को छोड़ देते हैं, तो हमारी मेहनत हमें एक रात के लिए बचा सकती है, पर टूटी हुई चीज़ें वापस नहीं जोड़ सकती। तू किस घेरे से भागने में लगा है, और किस जड़ को अनदेखा कर रहा है?

अंतर्दृष्टि संपादकीय पर पद 18

यहोराम का जीवन एक चेतावनी है। उसने अपने भाइयों को मार डाला, मूर्तिपूजा को बढ़ावा दिया, और परमेश्वर से मुँह मोड़ लिया। फिर लिखा है, "इन सब के बाद यहोवा ने उसकी अंतड़ियों में एक असाध्य रोग लगाया।"

सोचिए, आठ साल राज किया, पर कोई शोक न हुआ जब वह मरा। पाप धीरे-धीरे भीतर से खाता है। आज अपने भीतर झाँकिए, कहीं कोई छिपा हुआ रोग तो नहीं जिसे आप अनदेखा कर रहे हैं?

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For parents and teachers: विशेष रूप से 3 से 6 वर्ष के बच्चों को ज़ोर से पढ़कर सुनाने के लिए लिखा गया। इसे अपने बच्चे के साथ बातचीत की शुरुआत के रूप में उपयोग करें, एकमात्र स्रोत के रूप में नहीं। This explanation is generated automatically by language models. While we strive for theological soundness, the software can make mistakes.

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