3 से 5 वर्ष के बच्चे के लिए

2 शमूएल 24

छोटे बच्चे और प्री स्कूल (3 से 5 वर्ष) के लिए व्याख्या और बाइबल कहानी

बाइबल

परमेश्वर की कहानी: 2 शमूएल 24

व्याख्या

राजा दाऊद एक महल में रहते थे। बड़ा, सुंदर महल।

एक दिन दाऊद ने सोचा, "मुझे अपने सब लोगों को गिनना है।"

योआब नाम का एक सिपाही दाऊद के पास आया। योआब ने कहा, "राजा जी, यह अच्छा काम नहीं है।"

पर दाऊद ने फिर भी कहा, "जाओ, गिनो।"

योआब और उसके साथी बहुत दूर तक चले। पहाड़ों पर, नदियों के पास, छोटे गाँवों में। नौ महीने तक चले। बहुत थक गए।

फिर वे वापस आए। उन्होंने कहा, "राजा जी, बहुत सारे लोग हैं। बहुत, बहुत सारे।"

इसका क्या अर्थ है

पर तब दाऊद का दिल उदास हो गया। बहुत उदास।

दाऊद ने प्रभु से कहा, "मैंने बड़ा पाप किया है। मुझे माफ कर दीजिए।"

अगली सुबह, गाद नाम का एक नबी आया। गाद ने कहा, "प्रभु कहते हैं, तीन में से एक चुन लो। अकाल, या दुश्मन, या बीमारी।"

दाऊद ने सोचा। फिर बोला, "मैं प्रभु के हाथ में रहूँगा। क्योंकि वे दयालु हैं।"

तब एक बीमारी फैल गई। बहुत लोग बीमार पड़े। दाऊद को बहुत दुख हुआ।

और फिर, दाऊद ने प्रभु से कहा, "पाप तो मैंने किया। इन लोगों ने क्या किया? मुझे दंड दीजिए, इनको नहीं।"

समान सूत्र

प्रभु ने दाऊद की बात सुनी। प्रभु को भी दुख हुआ।

प्रभु ने कहा, "बस करो। अब रुक जाओ।"

फिर गाद ने दाऊद से कहा, "जाओ, वहाँ एक वेदी बनाओ।"

अरौना नाम का एक आदमी वहाँ रहता था। उसका एक खलिहान था। अरौना ने कहा, "राजा जी, यह सब मुफ्त में ले लीजिए।"

पर दाऊद ने कहा, "नहीं। मैं दाम देकर लूँगा। मैं प्रभु को मुफ्त की भेंट नहीं चढ़ाऊँगा।"

दाऊद ने चाँदी देकर वह जगह खरीदी। वहाँ एक वेदी बनाई। बैल चढ़ाए। और प्रभु ने सुन लिया। बीमारी रुक गई।

यही यीशु मसीह ने भी किया। उन्होंने अपने आप को चढ़ाया। मुफ्त में नहीं, बल्कि अपना सारा प्यार देकर। ताकि हम बच जाएँ।

तुम्हारे लिए

क्या तुम कभी कुछ गलत करते हो? दाऊद ने भी किया। पर दाऊद ने कहा, "माफ कर दीजिए।"

तुम भी कह सकते हो, "प्रभु, मुझसे गलती हुई। माफ कर दीजिए।" प्रभु सुनते हैं। वे दयालु हैं।

बात करें

तुम्हें क्या लगता है, दाऊद उदास क्यों हुआ?

अरौना ने दाऊद को सब मुफ्त में देना चाहा। दाऊद ने क्यों नहीं लिया?

साथ में प्रार्थना

प्रभु, कभी-कभी मुझसे गलती हो जाती है। पर आप दयालु हैं। मुझे माफ कर दीजिए। धन्यवाद कि आप मुझे सुनते हैं। आमीन।

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2 शमूएल 24 के बारे में प्रश्न

पहली बार इसके बारे में पढ़ने वाले हर किसी के लिए छोटे उत्तर।

2 शमूएल 24 किस विषय में है?
एक दिन दाऊद ने सोचा, "मुझे अपने सब लोगों को गिनना है।"
2 शमूएल 24 क्या कहता है?
दाऊद ने प्रभु से कहा, "मैंने बड़ा पाप किया है। मुझे माफ कर दीजिए।"
2 शमूएल 24 हमें परमेश्वर के बारे में क्या सिखाता है?
और फिर, दाऊद ने प्रभु से कहा, "पाप तो मैंने किया। इन लोगों ने क्या किया? मुझे दंड दीजिए, इनको नहीं।"
नन्हे बच्चे 2 शमूएल 24 से क्या सीख सकते हैं?
यही यीशु मसीह ने भी किया। उन्होंने अपने आप को चढ़ाया। मुफ्त में नहीं, बल्कि अपना सारा प्यार देकर। ताकि हम बच जाएँ।
2 शमूएल 24 एक महत्वपूर्ण बाइबल कहानी क्यों है?
प्रभु, कभी-कभी मुझसे गलती हो जाती है। पर आप दयालु हैं। मुझे माफ कर दीजिए। धन्यवाद कि आप मुझे सुनते हैं। आमीन।

दूसरों ने क्या पाया

अंतर्दृष्टि संपादकीय पर पद 3

योआब, जो खून बहाने से नहीं हिचकता था, वही दाऊद को रोकता है: "परन्तु मेरा प्रभु राजा ऐसी बात से क्यों प्रसन्न होता है?" गिनती का सवाल नहीं था, दिल का था। दाऊद संख्या में सुरक्षा ढूँढ़ रहा था, जबकि परमेश्वर तो बढ़ाने वाला है। तू भी कभी कभी गिनता है ना, कितने लोग साथ हैं, कितना पैसा बचा है। पूछ खुद से, इससे तुझे खुशी क्यों मिलती है?

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