3 से 6 वर्ष के बच्चे के लिए

सभोपदेशक 12

नन्हे और पूर्व-विद्यालय बच्चे (आयु 3-6) के लिए व्याख्या और बाइबल कहानी

बाइबल

व्याख्या

एक दादा अपने छोटे बच्चे के पास बैठा है। वह बहुत बुद्धिमान है। उसका नाम उपदेशक है। वह धीरे से बोलता है।

"सुनो," वह कहता है। "जब तुम छोटे हो, तब परमेश्वर को याद रखो।"

बाहर सूरज चमक रहा है। पक्षी गा रहे हैं। पर दादा कहता है, "एक दिन सूरज कम चमकेगा। बादल फिर आएँगे।"

बच्चा चुपचाप सुनता है।

दादा आगे बताता है। घर में पहरेदार होते हैं। वे कांपने लगेंगे, जब वे बूढ़े होंगे। हाथ पहले जैसे मजबूत नहीं रहेंगे। पीसनहारियाँ काम बंद कर देंगी। खिड़की से देखनेवाली आंखें धीमी हो जाएँगी। सड़क के दरवाज़े बंद हो जाएँगे। चक्की की आवाज़ धीमी हो जाएगी।

"पक्षी सुबह बोलेंगे," दादा कहता है, "और बूढ़ा आदमी जल्दी उठ जाएगा।"

बच्चा पूछता है, "फिर क्या होगा दादा?"

दादा मुस्कुराता है, पर आंखें थोड़ी उदास हैं। "फिर एक दिन," वह कहता है, "चांदी का तार टूट जाएगा। सोने का कटोरा टूट जाएगा। मिट्टी वापस मिट्टी में मिल जाएगी। और आत्मा परमेश्वर के पास लौट जाएगी, जिसने उसे दिया था।"

इसका अर्थ क्या है?

दादा गहरी सांस लेता है। "बहुत सी बातें जल्दी बीत जाती हैं," वह कहता है। "जैसे हवा। जैसे धुआं।"

पर फिर वह बच्चे की छोटी हथेली को अपने हाथ में लेता है। "इसलिए अभी परमेश्वर को याद रखो। जब तुम जवान हो। जब तुम्हारे हाथ मजबूत हैं। जब तुम्हारी आंखें साफ देख सकती हैं।"

समान सूत्र

दादा कहता है, "परमेश्वर एक चरवाहे जैसे हैं।" वह बच्चे को अपने पास खींचता है। "चरवाहा अपनी भेड़ों को जानता है। वह उनसे प्यार करता है। परमेश्वर भी तुमसे ऐसे ही प्यार करते हैं।"

बाद में प्रभु यीशु मसीह ने भी कहा कि वे अच्छे चरवाहे हैं। वे अपनी भेड़ों की रखवाली करते हैं। वे कभी नहीं छोड़ते।

तुम्हारे लिए

दादा बच्चे की आंखों में देखता है। "अभी तुम छोटे हो," वह कहता है। "अभी परमेश्वर से बात करो। अभी उनसे प्रेम करो। अभी उनकी आज्ञा मानो।"

बच्चा सिर हिलाता है।

"परमेश्वर का भय मानो," दादा कहता है, "और उनकी बातें सुनो। यही सबसे अच्छी बात है।"

बात करें

क्या तुम याद कर सकते हो कि परमेश्वर ने तुम्हें बनाया है?

तुम आज परमेश्वर से क्या कहना चाहते हो?

साथ में प्रार्थना करें

परमेश्वर, आप ने मुझे बनाया है। मैं अभी छोटा हूँ। पर मैं अभी से आपको याद रखना चाहता हूँ। मुझे अपने पास रखिए, हर दिन। आमीन।

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सभोपदेशक 12 के बारे में प्रश्न

पहली बार इसके बारे में पढ़ने वाले हर किसी के लिए छोटे उत्तर।

सभोपदेशक 12 किस विषय में है?
एक दादा अपने छोटे बच्चे के पास बैठा है। वह बहुत बुद्धिमान है। उसका नाम उपदेशक है। वह धीरे से बोलता है।
सभोपदेशक 12 क्या कहता है?
दादा आगे बताता है। घर में पहरेदार होते हैं। वे कांपने लगेंगे, जब वे बूढ़े होंगे। हाथ पहले जैसे मजबूत नहीं रहेंगे। पीसनहारियाँ काम बंद कर देंगी। खिड़की से देखनेवाली आंखें धीमी हो जाएँगी। सड़क के दरवाज़े बंद हो जाएँगे। चक्की की आवाज़ धीमी हो जाएगी।
सभोपदेशक 12 हमें परमेश्वर के बारे में क्या सिखाता है?
दादा गहरी सांस लेता है। "बहुत सी बातें जल्दी बीत जाती हैं," वह कहता है। "जैसे हवा। जैसे धुआं।"
नन्हे बच्चे सभोपदेशक 12 से क्या सीख सकते हैं?
बाद में प्रभु यीशु मसीह ने भी कहा कि वे अच्छे चरवाहे हैं। वे अपनी भेड़ों की रखवाली करते हैं। वे कभी नहीं छोड़ते।
सभोपदेशक 12 एक महत्वपूर्ण बाइबल कहानी क्यों है?
क्या तुम याद कर सकते हो कि परमेश्वर ने तुम्हें बनाया है?

दूसरों ने क्या पाया

अंतर्दृष्टि संपादकीय पर पद 8

व्यर्थ ही व्यर्थ, उपदेशक कहता है, सब कुछ व्यर्थ है।" जहाँ से किताब शुरू हुई थी, वहीं आकर खत्म होती है। जैसे ठंड में मुँह से निकली भाप, एक पल दिखी, फिर गायब। तेरी मेहनत, तेरा नाम, तेरी बचत, सब उसी भाप जैसे हैं। पर देख, यह कहने के बाद भी उपदेशक चुप नहीं बैठा, वह सिखाता रहा। सच मान लेना हार नहीं है। यही तुझे परमेश्वर के हाथों में खाली हाथ ले आता है।

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For parents and teachers: विशेष रूप से 3 से 6 वर्ष के बच्चों को ज़ोर से पढ़कर सुनाने के लिए लिखा गया। इसे अपने बच्चे के साथ बातचीत की शुरुआत के रूप में उपयोग करें, एकमात्र स्रोत के रूप में नहीं। This explanation is generated automatically by language models. While we strive for theological soundness, the software can make mistakes.

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