गलातियों 2
नन्हे और पूर्व-विद्यालय बच्चे (आयु 3-6) के लिए व्याख्या और बाइबल कहानी
समझ
आओ, पास बैठो। मैं तुम्हें एक सच्ची कहानी बताती हूँ।
एक आदमी था। उसका नाम था पौलुस। पौलुस परमेश्वर से बहुत प्रेम करता था। और पौलुस के पास एक बड़ी खुशखबरी थी। सुनोगे? खुशखबरी यह थी: यीशु सब बच्चों से प्रेम करते हैं। यीशु सब लोगों से प्रेम करते हैं!
पौलुस यह खुशखबरी हर जगह सुनाता था। बहुत दूर-दूर तक। वह चलता रहा। और चलता रहा। और चलता रहा।
एक दिन पौलुस एक बड़े शहर में गया। उसका नाम था यरूशलेम। वहाँ पौलुस के दोस्त रहते थे। उनके नाम थे याकूब, कैफा और यूहन्ना। वे भी यीशु से बहुत प्रेम करते थे।
पौलुस ने अपने दोस्तों से कहा, "देखो! यीशु सब लोगों से प्रेम करते हैं!" उसके दोस्तों ने कहा, "हाँ, पौलुस! यह सच है!" फिर उन्होंने पौलुस का हाथ पकड़ा। ऐसे, मजबूती से। यह एक दोस्ती का हाथ था।
इसका क्या मतलब है?
फिर पौलुस दूसरे शहर गया। उस शहर का नाम था अन्ताकिया। वहाँ कैफा भी था। कैफा और पौलुस साथ में खाना खाते थे। रोटी बहुत अच्छी खुशबू देती थी।
पर एक दिन कुछ हुआ। कैफा डर गया। वह पौलुस के साथ खाने से हट गया। वह दूर बैठ गया।
पौलुस दुखी हुआ। बहुत दुखी। पौलुस ने कैफा से कहा, "कैफा, यह सही नहीं है। यीशु सब लोगों से प्रेम करते हैं। हम सब मिलकर खाएँगे।"
पौलुस बहादुर था। उसने सच बात कही।
बड़ी कहानी
क्या तुम जानते हो पौलुस इतना बहादुर क्यों था? क्योंकि पौलुस को एक बात पक्की मालूम थी।
पौलुस ने कहा: "यीशु मुझसे प्रेम करते हैं। यीशु ने मेरे लिए सब कुछ किया। अब यीशु मेरे दिल में रहते हैं।"
यह बहुत सुंदर है ना? यीशु ने अपना पूरा दिल दे दिया। तुम्हारे लिए भी। मेरे लिए भी। पौलुस के लिए भी।
हमें कुछ भी करने की जरूरत नहीं। यीशु ने सब कर दिया।
तुम्हारे लिए
सुनो, नन्हे बच्चे।
यीशु तुमसे प्रेम करते हैं। ऐसे ही। जैसे तुम हो।
तुम छोटे हो, तो भी। तुम कभी-कभी गुस्सा करते हो, तो भी। तुम कभी-कभी रोते हो, तो भी।
यीशु कहते हैं: "तुम मेरे प्यारे बच्चे हो।"
क्या तुम यह जानते हो? क्या तुम इसे अपने दिल में रखोगे?
इस पर बात करें
क्या तुम्हें पता है कौन तुमसे बहुत-बहुत प्रेम करते हैं?
पौलुस बहादुर था और उसने सच कहा। क्या तुम भी बहादुर हो सकते हो?
साथ में प्रार्थना
प्रिय यीशु,
आप मुझसे प्रेम करते हैं। मैं आपसे भी प्रेम करता हूँ। धन्यवाद कि आप मेरे दिल में रहते हैं। मुझे बहादुर बनाइए। आमीन।
गलातियों 2 के बारे में प्रश्न
पहली बार इसके बारे में पढ़ने वाले हर किसी के लिए छोटे उत्तर।
गलातियों 2 किस विषय में है?
गलातियों 2 क्या कहता है?
गलातियों 2 हमें परमेश्वर के बारे में क्या सिखाता है?
नन्हे बच्चे गलातियों 2 से क्या सीख सकते हैं?
गलातियों 2 एक महत्वपूर्ण बाइबल कहानी क्यों है?
दूसरों ने क्या पाया
मसीह के पास आकर जब आपको अपने भीतर पहले से ज़्यादा गंदगी दिखने लगे, तो घबराइए मत। पौलुस कहता है, "क्या मसीह पाप का सेवक है? कदापि नहीं!" उजाला गंदगी पैदा नहीं करता, वह उसे दिखाता है। जो सच आज आपको शर्मिंदा कर रहा है, वही आपको चंगा करने आया है। क्या आप उस उजाले से मुँह मोड़ेंगे, या उसमें खड़े रहेंगे?
पौलुस यहाँ खुद को पतरस से बड़ा साबित नहीं कर रहा। वह बस एक बात दिखा रहा है: "जिसने पतरस से खतना किए हुए लोगों में प्रेरिताई का कार्य बड़े प्रभाव से कराया, उसी ने मुझसे भी अन्यजातियों में प्रभावशाली रीति से कार्य कराया।" वही परमेश्वर, अलग-अलग खेत। तेरा बुलावा किसी और जैसा नहीं दिखेगा, पर काम करनेवाला हाथ वही है। फिर तुलना क्यों?
यरूशलेम के खम्भे माने जाने वाले प्रेरितों ने पौलुस के सुसमाचार में कुछ जोड़ा नहीं, बस एक बात कही, "केवल यह कि हम कंगालों की सुधि लें।" सोचिए, इतनी बड़ी धर्मशास्त्रीय बहस के अंत में जो एक बात बची, वह गरीबों को याद रखना थी। जिस विश्वास में भूखे पड़ोसी के लिए जगह नहीं, वह कहीं अधूरा तो नहीं?
पौलुस को सुसमाचार सीधे प्रभु से मिला था, फिर भी उसने कहा, "कहीं ऐसा न हो कि मेरी दौड़-धूप व्यर्थ ठहरे।" जिसे परमेश्वर ने खुद बुलाया, वह भी अकेले नहीं दौड़ा। उसने अपनी सेवा दूसरों के सामने खोलकर रखी। तुम्हारी सेवा, तुम्हारे फैसले, क्या कोई ऐसा है जिसके सामने तुम उन्हें रख सको? अकेले दौड़ना बहादुरी नहीं, जोखिम है।
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