3 से 6 वर्ष के बच्चे के लिए

उत्पत्ति 38

नन्हे और पूर्व-विद्यालय बच्चे (आयु 3-6) के लिए व्याख्या और बाइबल कहानी

बाइबल

व्याख्या

यहूदा नाम का एक आदमी था। उसके तीन बेटे थे। सबसे बड़े बेटे का नाम एर था। एर की पत्नी का नाम तामार था। तामार भली थी।

पर फिर एक दुःख की बात हुई। एर मर गया। तामार रोई। बहुत रोई। उसका दूसरा भाई भी मर गया। तामार और भी उदास हो गई।

यहूदा ने तामार से कहा, "तुम अपने पिता के घर जाओ। वहाँ रुको।" तामार चली गई। वह वहाँ रुकी। और रुकी। और रुकी। दिन बीते। महीने बीते। कोई उसे बुलाने नहीं आया।

तामार अकेली थी। बहुत अकेली। सूखी, धूप वाली गलियों में वह चुपचाप बैठी रहती थी और सोचती थी, कोई मुझे याद करता है क्या?

इसका क्या मतलब है?

ऐसा लगता था कि तामार को कोई नहीं देख रहा। कोई उसकी याद नहीं रखता। पर परमेश्वर उसे भूले नहीं थे। एक भी दिन नहीं।

फिर एक दिन एक अच्छी बात हुई। तामार को बच्चे होने वाले थे। दो बच्चे, जुड़वे बच्चे, एक साथ!

जब जनने का समय आया, तो दाई खड़ी थी, राह देख रही थी। पहले एक छोटा सा हाथ बाहर आया। दाई ने उस हाथ पर लाल, चमकीला धागा बाँध दिया। फिर दोनों बच्चे पैदा हुए। एक का नाम रखा गया पेरेस। दूसरे का नाम रखा गया जेरह।

तामार के हाथों में अब दो छोटे बच्चे थे। नरम, गुलाबी, रोते हुए बच्चे। तामार ने उन्हें छाती से लगाया। बहुत दिनों बाद वह मुस्कुराई।

मुख्य सूत्र

पूरी कहानी में परमेश्वर तामार के पास ही थे। जब वह उदास बैठी थी, तब भी। जब वह रो रही थी, तब भी। जब अंत में दो बच्चे उसकी बाहों में आए, तब भी।

यह परिवार, यहूदा का परिवार, परमेश्वर के लिए बहुत खास था। बहुत साल बाद इसी परिवार में राजा दाऊद पैदा हुआ। और उससे भी बहुत बाद में, इसी परिवार में यीशु का जन्म हुआ। हाँ, यीशु। परमेश्वर के अपने बेटे।

परमेश्वर उदास, अकेली कहानियों को भी बड़ी, अच्छी कहानी बना देते हैं।

तुम्हारे लिए

कभी तुम भी अकेला महसूस करते हो? या उदास, जैसे कोई तुम्हें याद नहीं रखता?

तामार भी ऐसे ही उदास थी। पर परमेश्वर उसे हर दिन देख रहे थे। परमेश्वर तुम्हें भी हर दिन देखते हैं। जब तुम रोते हो, वे सुनते हैं। जब तुम अकेले खेल रहे होते हो, वे तुम्हारे पास होते हैं।

परमेश्वर किसी को नहीं भूलते।

चर्चा के लिए

तामार बहुत दिनों तक अकेली और उदास रही। तुम्हें कब उदास लगता है?

परमेश्वर ने तामार को कभी नहीं भूला। यह जानकर तुम्हें कैसा लगता है?

प्रार्थना करते हैं

प्रिय परमेश्वर, धन्यवाद कि आप मुझे देखते हैं। जब मैं उदास होता हूँ, तब भी आप मेरे पास रहते हैं। जैसे आप तामार के पास रहे। मुझे भी कभी मत भूलिएगा। आमीन।

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उत्पत्ति 38 के बारे में प्रश्न

पहली बार इसके बारे में पढ़ने वाले हर किसी के लिए छोटे उत्तर।

उत्पत्ति 38 किस विषय में है?
यहूदा नाम का एक आदमी था। उसके तीन बेटे थे। सबसे बड़े बेटे का नाम एर था। एर की पत्नी का नाम तामार था। तामार भली थी।
उत्पत्ति 38 क्या कहता है?
तामार अकेली थी। बहुत अकेली। सूखी, धूप वाली गलियों में वह चुपचाप बैठी रहती थी और सोचती थी, कोई मुझे याद करता है क्या?
उत्पत्ति 38 हमें परमेश्वर के बारे में क्या सिखाता है?
जब जनने का समय आया, तो दाई खड़ी थी, राह देख रही थी। पहले एक छोटा सा हाथ बाहर आया। दाई ने उस हाथ पर लाल, चमकीला धागा बाँध दिया। फिर दोनों बच्चे पैदा हुए। एक का नाम रखा गया पेरेस। दूसरे का नाम रखा गया जेरह।
नन्हे बच्चे उत्पत्ति 38 से क्या सीख सकते हैं?
यह परिवार, यहूदा का परिवार, परमेश्वर के लिए बहुत खास था। बहुत साल बाद इसी परिवार में राजा दाऊद पैदा हुआ। और उससे भी बहुत बाद में, इसी परिवार में यीशु का जन्म हुआ। हाँ, यीशु। परमेश्वर के अपने बेटे।
उत्पत्ति 38 एक महत्वपूर्ण बाइबल कहानी क्यों है?
तामार भी ऐसे ही उदास थी। पर परमेश्वर उसे हर दिन देख रहे थे। परमेश्वर तुम्हें भी हर दिन देखते हैं। जब तुम रोते हो, वे सुनते हैं। जब तुम अकेले खेल रहे होते हो, वे तुम्हारे पास होते हैं।

दूसरों ने क्या पाया

अंतर्दृष्टि संपादकीय पर पद 26

यहूदा के हाथ में अपनी ही मुहर, डोरी और लाठी थी। वह चाहता तो उन्हें छिपा सकता था, और तामार जल जाती। पर उसने कहा, "वह मुझसे अधिक धर्मी है।" यह कहना उसकी इज़्ज़त को मिट्टी में मिला देता, फिर भी उसने कहा।

सच बोलने की कीमत हमेशा चुकानी पड़ती है। जिस बात को तुम दबा रहे हो, वह किसी और को जला रही है क्या?

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For parents and teachers: विशेष रूप से 3 से 6 वर्ष के बच्चों को ज़ोर से पढ़कर सुनाने के लिए लिखा गया। इसे अपने बच्चे के साथ बातचीत की शुरुआत के रूप में उपयोग करें, एकमात्र स्रोत के रूप में नहीं। This explanation is generated automatically by language models. While we strive for theological soundness, the software can make mistakes.

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