3 से 6 वर्ष के बच्चे के लिए

हबक्कूक 1

नन्हे और पूर्व-विद्यालय बच्चे (आयु 3-6) के लिए व्याख्या और बाइबल कहानी

बाइबल

व्याख्या

एक आदमी था। उसका नाम था हबक्कूक। वह परमेश्वर का नबी था। एक दिन हबक्कूक बाहर गया। उसने चारों ओर देखा। उसे बुरी बातें दिखीं। लोग लड़ रहे थे। लोग एक दूसरे की चीज़ें छीन रहे थे। कहीं भी इंसाफ नहीं था। हबक्कूक का दिल भारी हो गया। बहुत भारी। वह घुटनों पर बैठ गया। उसने आँखें बंद कीं। उसने ऊँची आवाज़ में पुकारा, "हे यहोवा, मैं कब तक चिल्लाता रहूँगा? क्या आप नहीं सुनते?" वह रोया, और फिर पुकारा। बार बार। "मेरे सामने लूट पाट होती है। झगड़ा होता है। आप क्यों चुप रहते हैं?"

फिर कुछ हुआ। परमेश्वर ने जवाब दिया। परमेश्वर ने कहा, "देखो, तुम चकित हो जाओगे।" परमेश्वर ने बताया, वे एक बड़ा काम करने वाले हैं। वे एक और जाति को भेजेंगे। उनका नाम था कसदी। वे तेज़ घोड़ों पर आते थे। चीतों से भी तेज़। वे बहुत डरावने लगते थे।

इसका क्या अर्थ है?

यह सुनकर हबक्कूक डर गया। यह जवाब आसान नहीं था। पर हबक्कूक ने कुछ याद रखा। परमेश्वर पवित्र हैं। परमेश्वर सदा से हैं। हबक्कूक ने कहा, "हे मेरे प्रभु यहोवा, क्या आप अनादि काल से नहीं हैं?" उसने परमेश्वर को "चट्टान" कहा। एक चट्टान बहुत मजबूत होती है। कोई उसे हिला नहीं सकता। हबक्कूक डरा हुआ था, फिर भी वह जानता था, परमेश्वर अभी भी भले हैं।

समान सूत्र

परमेश्वर बुराई को कभी अनदेखा नहीं करते। हबक्कूक ने कहा, "आपकी आँखें ऐसी शुद्ध हैं, कि आप बुराई देख ही नहीं सकते।" परमेश्वर बुरी बातों से मुँह नहीं फेरते। वे सुनते हैं, जब कोई पुकारता है। बहुत बाद में, परमेश्वर ने एक और उत्तर भेजा। उन्होंने अपने पुत्र यीशु को भेजा। यीशु आए, ताकि सारी बुराई ठीक हो सके। हबक्कूक इंतज़ार कर रहा था। हम भी इंतज़ार करते हैं, और भरोसा करते हैं।

आपके लिए

तुम भी कभी कभी डरते हो। शायद तुमने कोई बुरी बात देखी हो। तुम भी हबक्कूक जैसे पुकार सकते हो। ऊँची आवाज़ में कह सकते हो, "परमेश्वर, सुनो!" परमेश्वर सुनते हैं। हर बार। वे तुम्हारी चट्टान हैं। मजबूत, और बहुत पास।

चर्चा करें

जब तुम्हें डर लगता है, तुम किससे बात करते हो?

क्या तुम्हें पता है, परमेश्वर हमेशा सुनते हैं?

साथ में प्रार्थना

प्रिय परमेश्वर, कभी कभी मैं डर जाता हूँ। पर आप मेरी चट्टान हैं। आप सुनते हैं, जब मैं पुकारता हूँ। धन्यवाद, कि आप हमेशा पास हैं। आमीन।

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हबक्कूक 1 के बारे में प्रश्न

पहली बार इसके बारे में पढ़ने वाले हर किसी के लिए छोटे उत्तर।

हबक्कूक 1 किस विषय में है?
एक आदमी था। उसका नाम था हबक्कूक। वह परमेश्वर का नबी था। एक दिन हबक्कूक बाहर गया। उसने चारों ओर देखा। उसे बुरी बातें दिखीं। लोग लड़ रहे थे। लोग एक दूसरे की चीज़ें छीन रहे थे। कहीं भी इंसाफ नहीं था। हबक्कूक का दिल भारी हो गया। बहुत भारी। वह घुटनों पर बैठ गया। उसने आँखें बंद कीं। उसने ऊँची आवाज़ में पुकारा, "हे यहोवा, मैं कब तक चिल्लाता रहूँगा?
हबक्कूक 1 क्या कहता है?
फिर कुछ हुआ। परमेश्वर ने जवाब दिया। परमेश्वर ने कहा, "देखो, तुम चकित हो जाओगे।" परमेश्वर ने बताया, वे एक बड़ा काम करने वाले हैं। वे एक और जाति को भेजेंगे। उनका नाम था कसदी। वे तेज़ घोड़ों पर आते थे। चीतों से भी तेज़। वे बहुत डरावने लगते थे।
हबक्कूक 1 हमें परमेश्वर के बारे में क्या सिखाता है?
यह सुनकर हबक्कूक डर गया। यह जवाब आसान नहीं था। पर हबक्कूक ने कुछ याद रखा। परमेश्वर पवित्र हैं। परमेश्वर सदा से हैं। हबक्कूक ने कहा, "हे मेरे प्रभु यहोवा, क्या आप अनादि काल से नहीं हैं?" उसने परमेश्वर को "चट्टान" कहा। एक चट्टान बहुत मजबूत होती है। कोई उसे हिला नहीं सकता। हबक्कूक डरा हुआ था, फिर भी वह जानता था, परमेश्वर अभी भी भले हैं।
नन्हे बच्चे हबक्कूक 1 से क्या सीख सकते हैं?
परमेश्वर बुराई को कभी अनदेखा नहीं करते। हबक्कूक ने कहा, "आपकी आँखें ऐसी शुद्ध हैं, कि आप बुराई देख ही नहीं सकते।" परमेश्वर बुरी बातों से मुँह नहीं फेरते। वे सुनते हैं, जब कोई पुकारता है। बहुत बाद में, परमेश्वर ने एक और उत्तर भेजा। उन्होंने अपने पुत्र यीशु को भेजा। यीशु आए, ताकि सारी बुराई ठीक हो सके। हबक्कूक इंतज़ार कर रहा था। हम भी इंतज़ार करते हैं, और भरोसा करते हैं।
हबक्कूक 1 एक महत्वपूर्ण बाइबल कहानी क्यों है?
तुम भी कभी कभी डरते हो। शायद तुमने कोई बुरी बात देखी हो। तुम भी हबक्कूक जैसे पुकार सकते हो। ऊँची आवाज़ में कह सकते हो, "परमेश्वर, सुनो!" परमेश्वर सुनते हैं। हर बार। वे तुम्हारी चट्टान हैं। मजबूत, और बहुत पास।

दूसरों ने क्या पाया

अंतर्दृष्टि संपादकीय पर पद 16

बाबेल जाति जातियों को मछली की तरह पकड़ता था, और फिर अपने ही जाल को पूजता था: "इस कारण वह अपने जाल के सामने बलि चढ़ाता है और अपने महाजाल के लिये धूप जलाता है; क्योंकि उनके द्वारा उसका भाग पुष्ट होता है।" जिस चीज़ से रोटी मिलती है, उसी को हम भगवान बना लेते हैं। तेरा जाल क्या है? नौकरी, हुनर, पहचान? पूछ खुद से: मैं धन्यवाद किसे देता हूँ, देनेवाले को या जाल को?

अंतर्दृष्टि संपादकीय पर पद 15

वह उन सबको बंसी से पकड़कर उठा लेता है, वह उन्हें अपने जाल में घेरकर महाजाल में इकट्ठा करता है; इस कारण वह आनन्दित और मगन है।" हबक्कूक की पीड़ा यही है कि लोग मछलियों की तरह गिने जा रहे हैं, और पकड़नेवाला जश्न मना रहा है। तू भी किसी की भीड़ में एक संख्या बन गया है? परमेश्वर तेरा नाम जानता है। और यह भी पूछ: मेरे लाभ के जाल में कौन फँसा है?

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For parents and teachers: विशेष रूप से 3 से 6 वर्ष के बच्चों को ज़ोर से पढ़कर सुनाने के लिए लिखा गया। इसे अपने बच्चे के साथ बातचीत की शुरुआत के रूप में उपयोग करें, एकमात्र स्रोत के रूप में नहीं। This explanation is generated automatically by language models. While we strive for theological soundness, the software can make mistakes.

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