3 से 6 वर्ष के बच्चे के लिए

योना 1

नन्हे और पूर्व-विद्यालय बच्चे (आयु 3-6) के लिए व्याख्या और बाइबल कहानी

बाइबल

व्याख्या

एक दिन परमेश्वर ने योना से बात की। परमेश्वर ने कहा, "उठ, नीनवे नगर को जा।" नीनवे बहुत बड़ा नगर था। वहाँ लोग बहुत बुरे काम करते थे। परमेश्वर यह देखकर दुःखी थे।

पर योना नहीं गया। योना डर गया, और भाग गया। वह याफा नगर गया। वहाँ एक बड़ा जहाज़ था। जहाज़ तर्शीश जा रहा था। योना जहाज़ पर चढ़ गया। वह परमेश्वर से दूर भागना चाहता था।

समुद्र शांत था। हवा हल्की थी। पर फिर हवा बदल गई। परमेश्वर ने समुद्र पर बड़ी आँधी भेजी। लहरें ऊँची उठीं। जहाज़ हिलने लगा। काठ चरमराने लगा। पानी अंदर आने लगा।

मल्लाह बहुत डर गए। उन्होंने अपने भारी सामान समुद्र में फेंक दिया। पर योना कहाँ था? योना जहाज़ के नीचे सो रहा था। गहरी नींद में, चुपचाप।

इसका क्या अर्थ है?

कप्तान ने योना को जगाया। "उठ! प्रार्थना कर! हम मरने वाले हैं!"

मल्लाहों ने चिट्ठी डाली। चिट्ठी योना के नाम पर निकली। उन्होंने पूछा, "तूने क्या किया है?" योना ने सच बताया। "मैं यहोवा से भाग रहा हूँ।" यह सुनकर मल्लाह और भी डर गए।

समुद्र और तेज़ हो रहा था। लहरें और ऊँची, और ऊँची। योना ने कहा, "मुझे समुद्र में फेंक दो।" मल्लाहों ने पहले नाव खेने की कोशिश की। पर लहरें रुकी नहीं।

आख़िर में उन्होंने योना को उठाया। और उसे समुद्र में डाल दिया।

अचानक… सब शांत हो गया। हवा रुक गई। लहरें सो गईं। समुद्र फिर से चुप हो गया।

समान सूत्र

क्या योना अब अकेला था? पानी में, गहरे नीचे? नहीं। परमेश्वर उसे भूले नहीं थे। परमेश्वर ने एक बड़ी मच्छ भेजी। मच्छ ने योना को निगल लिया।

अंदर अंधेरा था। गरम था। नमी थी। पर योना जीवित था। परमेश्वर वहाँ भी उसके साथ थे। योना भागा, पर परमेश्वर ने उसे नहीं छोड़ा। परमेश्वर हर जगह अपने लोगों के साथ रहते हैं। गहरे पानी में भी। अंधेरी जगह में भी।

तुम्हारे लिए

कभी-कभी हम भी भागना चाहते हैं। जब परमेश्वर कुछ कहते हैं, हम मुँह फेर लेते हैं। पर परमेश्वर हमें ढूँढते हैं। वे हमें प्यार से बुलाते हैं। आज तुम परमेश्वर से बात कर सकते हो। उन्हें बता दो, तुम कहाँ हो।

इस पर बात करें

योना नाव के नीचे सोने क्यों गया था? तुम्हें क्या लगता है, मच्छ के अंदर योना को कैसा लगा होगा?

साथ में प्रार्थना

प्रिय परमेश्वर, कभी-कभी मैं भी भाग जाना चाहता हूँ। पर आप मुझे ढूँढते हैं। धन्यवाद, कि आप मुझे कभी नहीं छोड़ते। आमीन।

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योना 1 के बारे में प्रश्न

पहली बार इसके बारे में पढ़ने वाले हर किसी के लिए छोटे उत्तर।

योना 1 किस विषय में है?
एक दिन परमेश्वर ने योना से बात की। परमेश्वर ने कहा, "उठ, नीनवे नगर को जा।" नीनवे बहुत बड़ा नगर था। वहाँ लोग बहुत बुरे काम करते थे। परमेश्वर यह देखकर दुःखी थे।
योना 1 क्या कहता है?
मल्लाह बहुत डर गए। उन्होंने अपने भारी सामान समुद्र में फेंक दिया। पर योना कहाँ था? योना जहाज़ के नीचे सो रहा था। गहरी नींद में, चुपचाप।
योना 1 हमें परमेश्वर के बारे में क्या सिखाता है?
समुद्र और तेज़ हो रहा था। लहरें और ऊँची, और ऊँची। योना ने कहा, "मुझे समुद्र में फेंक दो।" मल्लाहों ने पहले नाव खेने की कोशिश की। पर लहरें रुकी नहीं।
नन्हे बच्चे योना 1 से क्या सीख सकते हैं?
क्या योना अब अकेला था? पानी में, गहरे नीचे? नहीं। परमेश्वर उसे भूले नहीं थे। परमेश्वर ने एक बड़ी मच्छ भेजी। मच्छ ने योना को निगल लिया।
योना 1 एक महत्वपूर्ण बाइबल कहानी क्यों है?
योना नाव के नीचे सोने क्यों गया था? तुम्हें क्या लगता है, मच्छ के अंदर योना को कैसा लगा होगा?

दूसरों ने क्या पाया

अंतर्दृष्टि संपादकीय पर पद 12

मुझे उठाकर समुद्र में फेंक दो; तब समुद्र तुम्हारे लिये शान्त हो जाएगा।" योना जानता है कि तूफ़ान उसी के कारण है। वह मरने को तैयार है, पर नीनवे जाने को नहीं। कभी-कभी हम भी यही करते हैं: अपनी गलती मान लेना आसान लगता है, पर परमेश्वर की बात मानना भारी। तुम्हारे जीवन में वह कौन सा नीनवे है?

अंतर्दृष्टि संपादकीय पर पद 7

तूफान के बीच नाविकों ने चिट्ठी डाली, और "चिट्ठी योना के नाम पर निकली।" योना समझता था कि तर्शीश भागकर बच जाएगा, पर जहाज के सबसे नीचे के अँधेरे कोने तक परमेश्वर की उँगली पहुँच गई। जो बात तुम छिपाए बैठे हो, वह भीतर ही भीतर तुम्हें खा रही है। परमेश्वर तुम्हें पकड़ता है नाश करने को नहीं, लौटा लाने को।

अंतर्दृष्टि संपादकीय पर पद 1

यहोवा का यह वचन अमित्तै के पुत्र योना के पास पहुँचा।" कहानी शुरू होती है परमेश्वर के बोलने से, योना की तैयारी से नहीं। उसने न प्रार्थना की थी, न मांगा था। वचन बस आ गया। आज भी परमेश्वर तुझसे तब बात कर सकता है जब तू सबसे कम तैयार है। सवाल यह नहीं कि वह बोलेगा या नहीं, सवाल यह है कि तू सुनकर किस दिशा में चलेगा।

अंतर्दृष्टि संपादकीय पर पद 10

नाविक मूर्तिपूजक थे, फिर भी सुनते ही "बहुत डर गए"। और योना, परमेश्वर का जन, नीचे सोता रहा। कभी कभी जो परमेश्वर को नहीं जानते, वे उसकी गम्भीरता हमसे ज़्यादा समझते हैं। उन्होंने पूछा, "तूने यह क्या किया है?" यह सवाल वही है जो योना ने खुद से कभी नहीं पूछा। तू भागते हुए किससे बचना चाह रहा है?

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For parents and teachers: विशेष रूप से 3 से 6 वर्ष के बच्चों को ज़ोर से पढ़कर सुनाने के लिए लिखा गया। इसे अपने बच्चे के साथ बातचीत की शुरुआत के रूप में उपयोग करें, एकमात्र स्रोत के रूप में नहीं। This explanation is generated automatically by language models. While we strive for theological soundness, the software can make mistakes.

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