3 से 6 वर्ष के बच्चे के लिए

अय्यूब 13

नन्हे और पूर्व-विद्यालय बच्चे (आयु 3-6) के लिए व्याख्या और बाइबल कहानी

बाइबल

कहानी में क्या हुआ

अय्यूब नाम का एक आदमी था। अय्यूब बहुत दुखी था। उसके पास पहले बहुत कुछ था। भेड़ें, बकरियाँ, ऊँट, और उसके बच्चे। पर सब चला गया। अब अय्यूब बीमार भी था। उसका पूरा शरीर दुखता था।

अय्यूब ज़मीन पर बैठा था। उसके तीन दोस्त उसके पास आए। दोस्त बहुत बोलते थे। बोलते और बोलते। वे कहते थे, "अय्यूब, तुमने ज़रूर कुछ गलत किया होगा।"

पर अय्यूब जानता था कि उसने कुछ गलत नहीं किया। अय्यूब थक गया था। उसने कहा, "चुप रहो, दोस्तो। बस चुप रहो।"

फिर अय्यूब ने ऊपर देखा। आसमान की ओर। अय्यूब ने कहा, "परमेश्वर, मैं आप से बात करना चाहता हूँ। सिर्फ आप से।"

अय्यूब रोया। पर अय्यूब ने परमेश्वर का हाथ नहीं छोड़ा। उसने कहा, "परमेश्वर, चाहे कुछ भी हो, मैं आप पर भरोसा रखूँगा।"

इसका क्या मतलब है

अय्यूब बहुत दुखी था। उसका दिल टूटा हुआ था। पर अय्यूब जानता था, परमेश्वर सुनते हैं। परमेश्वर हमेशा सुनते हैं।

अय्यूब ने अपनी सारी बातें परमेश्वर को बताईं। ख़ुशी की बातें, और दुख की बातें भी। रोने की बातें भी। परमेश्वर को कोई भी बात बताई जा सकती है।

बड़ी कहानी

बहुत बाद में यीशु आए। यीशु भी बहुत दुखी हुए। यीशु भी रोए। यीशु ने भी अपने पिता से बात की।

यीशु सब समझते हैं। जब तुम्हें दर्द होता है, यीशु समझते हैं। जब तुम रोते हो, यीशु देखते हैं। यीशु तुम्हारे पास हैं। हमेशा।

तुम्हारे लिए

क्या तुम कभी दुखी होते हो? शायद तुम गिर गए। शायद कोई खिलौना टूट गया। शायद माँ या पापा को छोड़ना पड़ा।

तब तुम भी परमेश्वर से बात कर सकते हो। ठीक अय्यूब जैसे। तुम कह सकते हो, "परमेश्वर, मैं दुखी हूँ।" परमेश्वर सुनते हैं। परमेश्वर तुमसे बहुत प्यार करते हैं।

तुम्हें बड़ा या ताकतवर होने की ज़रूरत नहीं है। तुम्हें बस बताना है। परमेश्वर पास हैं। बहुत पास।

इस पर बात करो

क्या तुम्हें कभी बहुत दुख हुआ है? तब तुमने क्या किया?

क्या तुम्हें पता है कि परमेश्वर तुम्हारी हर बात सुनते हैं, यहाँ तक कि रोने की बात भी?

मिलकर प्रार्थना करें

प्रिय परमेश्वर, धन्यवाद कि आप सुनते हैं। जब मैं खुश हूँ, तब भी। जब मैं दुखी हूँ, तब भी। आप हमेशा पास हैं। धन्यवाद कि आप मुझसे प्यार करते हैं। आमीन।

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अय्यूब 13 के बारे में प्रश्न

पहली बार इसके बारे में पढ़ने वाले हर किसी के लिए छोटे उत्तर।

अय्यूब 13 किस विषय में है?
अय्यूब नाम का एक आदमी था। अय्यूब बहुत दुखी था। उसके पास पहले बहुत कुछ था। भेड़ें, बकरियाँ, ऊँट, और उसके बच्चे। पर सब चला गया। अब अय्यूब बीमार भी था। उसका पूरा शरीर दुखता था।
अय्यूब 13 क्या कहता है?
फिर अय्यूब ने ऊपर देखा। आसमान की ओर। अय्यूब ने कहा, "परमेश्वर, मैं आप से बात करना चाहता हूँ। सिर्फ आप से।"
अय्यूब 13 हमें परमेश्वर के बारे में क्या सिखाता है?
अय्यूब ने अपनी सारी बातें परमेश्वर को बताईं। ख़ुशी की बातें, और दुख की बातें भी। रोने की बातें भी। परमेश्वर को कोई भी बात बताई जा सकती है।
नन्हे बच्चे अय्यूब 13 से क्या सीख सकते हैं?
क्या तुम कभी दुखी होते हो? शायद तुम गिर गए। शायद कोई खिलौना टूट गया। शायद माँ या पापा को छोड़ना पड़ा।
अय्यूब 13 एक महत्वपूर्ण बाइबल कहानी क्यों है?
क्या तुम्हें कभी बहुत दुख हुआ है? तब तुमने क्या किया?

दूसरों ने क्या पाया

अंतर्दृष्टि संपादकीय

At his lowest point Job says: though He slay me, yet will I hope in Him. That is not optimism. That is faith that has passed through the darkness. I always thought faith was something that makes things lighter, but with Job it is something that holds you when everything goes dark.

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For parents and teachers: विशेष रूप से 3 से 6 वर्ष के बच्चों को ज़ोर से पढ़कर सुनाने के लिए लिखा गया। इसे अपने बच्चे के साथ बातचीत की शुरुआत के रूप में उपयोग करें, एकमात्र स्रोत के रूप में नहीं। This explanation is generated automatically by language models. While we strive for theological soundness, the software can make mistakes.

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