यूहन्ना 11
नन्हे और पूर्व-विद्यालय बच्चे (आयु 3-6) के लिए व्याख्या और बाइबल कहानी
कहानी क्या कहती है
एक छोटा-सा गाँव था। उसका नाम था बैतनिय्याह। वहाँ तीन दोस्त रहते थे। मार्था, मरियम, और उनका भाई लाज़र। यीशु उन तीनों से बहुत प्यार करते थे।
एक दिन लाज़र बीमार हो गया। बहुत बीमार। मार्था और मरियम को डर लगा। उन्होंने यीशु को खबर भेजी। "प्रभु, आ जाइए! जिसे आप प्यार करते हैं, वह बीमार है।"
पर यीशु तुरन्त नहीं आए। वे दो दिन और रुक गए। और लाज़र, वह मर गया।
चार दिन बीत गए। तब यीशु बैतनिय्याह पहुँचे। मार्था दौड़कर उनसे मिलने आई। उसकी आँखों में आँसू थे। "प्रभु, अगर आप यहाँ होते, तो मेरा भाई नहीं मरता।"
यीशु ने कहा, "तेरा भाई फिर जीवित होगा।"
फिर मरियम आई। वह यीशु के पैरों पर गिर पड़ी। वह रोने लगी। और सब लोग रो रहे थे।
और तब कुछ खास हुआ। यीशु भी रोए। यीशु की आँखों से भी आँसू बहे। क्योंकि वे लाज़र से प्यार करते थे।
इसका क्या मतलब है
यीशु कब्र के पास आए। कब्र एक गुफा थी। उस पर एक बड़ा पत्थर रखा था।
यीशु ने कहा, "पत्थर हटाओ।"
मार्था घबरा गई। "प्रभु, चार दिन हो गए हैं। अन्दर से बदबू आती होगी।"
पर यीशु ने कहा, "विश्वास कर।"
लोगों ने पत्थर हटाया। यीशु ने ऊपर देखा। उन्होंने परमेश्वर पिता से बात की। और फिर यीशु ने ज़ोर से पुकारा।
"लाज़र! बाहर आ!"
और… लाज़र बाहर आया! सचमुच! वह जो मर गया था, वह चल रहा था! कपड़े में लिपटा हुआ, धीरे-धीरे बाहर आया।
सब लोग हैरान थे। यीशु के पास इतनी शक्ति है!
बड़ी कहानी
यीशु ने मार्था से एक बहुत सुन्दर बात कही। उन्होंने कहा, "पुनरुत्थान और जीवन मैं ही हूँ।"
इसका मतलब है, यीशु के पास जीवन है। यीशु मौत से भी बड़े हैं। जो यीशु पर भरोसा करता है, वह हमेशा उनके पास रहेगा।
यीशु रोए भी, और यीशु ने चमत्कार भी किया। वे प्यार भी करते हैं, और वे शक्तिशाली भी हैं। दोनों एक साथ।
तुम्हारे लिए
क्या तुम कभी उदास हुए हो? शायद कोई खिलौना टूट गया? या दादी-दादा तुमसे दूर हैं?
यीशु तुम्हारे आँसू देखते हैं। वे मार्था और मरियम के आँसू देख रहे थे। वे तुम्हारे भी देखते हैं। और वे तुमसे प्यार करते हैं।
बातचीत करो
यीशु क्यों रोए, तुम्हें क्या लगता है?
जब तुम्हें दुख होता है, तब तुम किससे बात कर सकते हो?
मिलकर प्रार्थना करें
प्रभु यीशु, आप मुझसे प्यार करते हैं। आप मेरे आँसू देखते हैं। आप बहुत ताकतवर हैं। धन्यवाद, यीशु। आमीन।
दूसरों ने क्या पाया
चेलों ने राहत की साँस ली, "हे प्रभु, यदि वह सो गया है, तो बच जाएगा।" उन्हें लगा अब यहूदिया जाने की जरूरत नहीं, खतरा टल गया। पर यीशु मौत की बात कर रहे थे। कितनी बार हम भी उसकी बातों में वही अर्थ ढूँढ़ते हैं जो हमें आसान रास्ता दे। सोचो, आज उसका कौन सा वचन तुमने अपनी सुविधा के हिसाब से समझ लिया है?
कैसा विचित्र दृश्य है। कैफा, जो उस साल का महायाजक था, परिषद में खड़ा होकर कहता है, "तुम कुछ भी नहीं जानते।" वह सोचता है कि वह यीशु की हत्या की योजना बना रहा है, पर असल में परमेश्वर उसके होठों से भविष्यवाणी करवा रहा है कि यीशु पूरी जाति के लिए मरेगा।
कभी सोचा है? जो लोग खुद को सबसे बुद्धिमान समझते हैं, वे अक्सर सबसे कम समझते हैं। और परमेश्वर इतना बड़ा है कि विरोधियों की जीभ से भी अपनी सच्चाई बोल देता है।
थोड़े बड़े बच्चों के लिए कुछ ढूँढ रहे हैं?
हमारे पास प्राथमिक आयु (7-12) और किशोरों (12 और उससे ऊपर) के लिए भी विशेष संस्करण हैं।
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