3 से 5 वर्ष के बच्चे के लिए

अय्यूब 41

छोटे बच्चे और प्री स्कूल (3 से 5 वर्ष) के लिए व्याख्या और बाइबल कहानी

बाइबल

व्याख्या

अय्यूब एक दुखी आदमी था। वह बहुत उदास था। तब परमेश्वर उससे बोले।

परमेश्वर ने कहा, "अय्यूब, क्या तुमने लिव्यातान को देखा है?"

लिव्यातान एक बहुत बड़ा जानवर था। पानी में रहता था। बहुत, बहुत बड़ा।

परमेश्वर ने पूछा, "क्या तुम उसे बंसी से पकड़ सकते हो?" जैसे हम छोटी मछली पकड़ते हैं। पर लिव्यातान छोटी मछली नहीं था।

उसके दाँत बड़े थे। बहुत डरावने। उसकी चमड़ी कड़ी थी। जैसे ढाल। कोई भाला उसे छेद नहीं सकता था।

जब वह छींकता, तो उजाला चमकता था। उसकी आँखें सुबह की पहली किरण जैसी थीं। उसके मुँह से आग निकलती थी। सच में आग, जलती हुई।

उसकी नाक से धुआँ निकलता था। जैसे बड़ी देगची में पानी खौलता है।

इसका क्या अर्थ है?

परमेश्वर ने अय्यूब से पूछा, "क्या तुम उस पर तलवार चला सकते हो?" तलवार कुछ नहीं कर पाती। भाला कुछ नहीं कर पाता। तीर भी नहीं।

लिव्यातान को लोहा पुआल जैसा लगता था। हल्का, कमज़ोर।

अय्यूब कुछ नहीं बोल सका। सच में, कोई आदमी लिव्यातान जैसा बलवान नहीं है।

पर परमेश्वर, वे इस जानवर से भी बड़े हैं। उन्होंने ही लिव्यातान को बनाया। परमेश्वर ने कहा, "जो कुछ धरती पर है, सब मेरा है।"

सीधा सूत्र

परमेश्वर बहुत बड़े हैं। इतने बड़े कि लिव्यातान जैसा डरावना जानवर भी उनके हाथ में छोटा है।

यीशु मसीह भी ऐसे ही बलवान हैं। उन्होंने तूफ़ान को शांत किया था। समुद्र ने उनकी बात मानी थी। यीशु उसी परमेश्वर के पुत्र हैं, जिन्होंने लिव्यातान को बनाया।

जब हम डरते हैं, तब हम याद रखते हैं, परमेश्वर हर चीज़ से बड़े हैं।

तुम्हारे लिए

क्या तुम कभी किसी बड़ी चीज़ से डरे हो? अंधेरे से? या किसी बड़े कुत्ते से?

परमेश्वर उस सबसे बड़े हैं। वे तुम्हारी रक्षा कर सकते हैं। जैसे वे लिव्यातान को संभाल सकते हैं, वैसे ही वे तुम्हें भी संभाल सकते हैं।

चर्चा के लिए

क्या तुम्हें लगता है लिव्यातान कैसा दिखता होगा?

परमेश्वर इतने बड़े जानवर से भी बड़े हैं, यह सुनकर तुम्हें कैसा लगता है?

साथ में प्रार्थना

हे परमेश्वर, आप बहुत बड़े हैं। आप हर डरावनी चीज़ से भी बड़े हैं। जब मैं डरूँ, तब मुझे याद दिलाइए। आप मेरे पास हैं। आमीन।

यह बाइबल कहानी साझा करें

अन्य माता पिता या शिक्षकों के लिए, जिन्हें यह उपयोगी लग सकता है।

WhatsApp Email Facebook X / Twitter

अय्यूब 41 के बारे में प्रश्न

पहली बार इसके बारे में पढ़ने वाले हर किसी के लिए छोटे उत्तर।

अय्यूब 41 किस विषय में है?
अय्यूब एक दुखी आदमी था। वह बहुत उदास था। तब परमेश्वर उससे बोले।
अय्यूब 41 क्या कहता है?
परमेश्वर ने पूछा, "क्या तुम उसे बंसी से पकड़ सकते हो?" जैसे हम छोटी मछली पकड़ते हैं। पर लिव्यातान छोटी मछली नहीं था।
अय्यूब 41 हमें परमेश्वर के बारे में क्या सिखाता है?
उसकी नाक से धुआँ निकलता था। जैसे बड़ी देगची में पानी खौलता है।
नन्हे बच्चे अय्यूब 41 से क्या सीख सकते हैं?
पर परमेश्वर, वे इस जानवर से भी बड़े हैं। उन्होंने ही लिव्यातान को बनाया। परमेश्वर ने कहा, "जो कुछ धरती पर है, सब मेरा है।"
अय्यूब 41 एक महत्वपूर्ण बाइबल कहानी क्यों है?
क्या तुम कभी किसी बड़ी चीज़ से डरे हो? अंधेरे से? या किसी बड़े कुत्ते से?

दूसरों ने क्या पाया

अंतर्दृष्टि संपादकीय पर पद 6

परमेश्वर अय्यूब से लिव्यातान के बारे में पूछते हैं, "क्या वे उसको व्यापारियों में बाँट देंगे?" यानी क्या तू इस प्राणी को पकड़कर, टुकड़ों में काटकर, बाजार में बेच पाएगा? हम हर चीज़ का दाम लगाना चाहते हैं, यहाँ तक कि परमेश्वर का भी। पर जो उसका है, वह बिकाऊ नहीं। कुछ चीज़ें सिर्फ़ विस्मय में देखने के लिए हैं, मुट्ठी में भरने के लिए नहीं।

थोड़े बड़े बच्चों के लिए कुछ ढूँढ रहे हैं?

हमारे पास प्राथमिक आयु (6 से 12 वर्ष) और किशोरों (13 वर्ष और उससे बड़े) के लिए अलग संस्करण भी हैं।

बच्चों की बाइबल टूल में खोलें