3 से 5 वर्ष के बच्चे के लिए

अय्यूब 6

छोटे बच्चे और प्री स्कूल (3 से 5 वर्ष) के लिए व्याख्या और बाइबल कहानी

बाइबल

अय्यूब बहुत दुखी है

अय्यूब का पेट दर्द करता था। उसका शरीर दुखता था। बहुत, बहुत दुखता था।

उसके तीन दोस्त उसके पास बैठे थे। एक दोस्त ने कहा, "अय्यूब, तुमने कुछ गलत किया होगा।"

अय्यूब रोया। उसने कहा, "मेरा दुख रेत से भी भारी है।" समुद्र की रेत बहुत भारी होती है। अय्यूब का दुख उससे भी भारी था।

The Explanation

अय्यूब ने अपने दोस्त से कहा, "मुझे बहुत दर्द है, अंदर तक।" उसने कहा, "जब गधे को घास मिलती है, तो वह चुप रहता है। पर जो खाना अच्छा नहीं, उसे कोई कैसे खाए?" अय्यूब कह रहा था, मेरा दुख वैसा ही कड़वा खाना है।

अय्यूब इतना दुखी था कि उसने कहा, "काश मैं मर जाता।" वह बहुत थका हुआ था। उसमें अब ताकत नहीं बची थी।

फिर अय्यूब ने अपने दोस्तों की तरफ देखा। उसने कहा, "तुम मुझे पानी के सूखे नाले जैसे लगते हो।" नाला, जिसमें पहले पानी बहता था। फिर गर्मी आई। पानी सूख गया। कुछ नहीं बचा।

अय्यूब रेगिस्तान में चलने वाले थके हुए लोगों की तरह था। वे पानी ढूँढते थे। पर जब वहाँ पहुँचे, नाला सूखा मिला। अय्यूब के दोस्त भी वैसे ही थे। उसे उम्मीद थी वे उसकी मदद करेंगे। पर वे सिर्फ उसे डाँटते रहे।

What Does This Mean?

अय्यूब ने कहा, "मैंने तुमसे कुछ नहीं माँगा। मैंने पैसे नहीं माँगे।" वह बस चाहता था कि उसके दोस्त उसे सुनें। वह चाहता था कोई उसके पास बैठे, और कहे, "मैं यहाँ हूँ।"

अय्यूब ने कहा, "मुझे सच बताओ अगर मैंने गलत किया। पर झूठ मत बोलो।"

The Common Thread

अय्यूब बहुत दुखी था, और किसी ने उसे ठीक से नहीं समझा। बहुत साल बाद, यीशु भी दुखी हुए। यीशु भी रोए। यीशु भी अकेले महसूस करते थे, जब उनके दोस्त उन्हें छोड़ गए। परमेश्वर जानते हैं दर्द कैसा लगता है। वे अय्यूब को देख रहे थे। वे हर आँसू को देखते हैं।

For You

जब तुम्हें बहुत दर्द होता है, तुम रो सकते हो। परमेश्वर रोना बुरा नहीं मानते। तुम उनसे बात कर सकते हो, जैसे अय्यूब ने की। वे सुनते हैं।

Talk About It

जब तुम्हें दर्द होता है, तब तुम किससे बात करते हो?

क्या तुम्हें लगता है परमेश्वर तुम्हारा रोना सुनते हैं?

Praying Together

प्रिय परमेश्वर, कभी-कभी मुझे भी दर्द होता है। जैसे अय्यूब को हुआ था। आप मुझे सुनिए। मेरे पास आइए। धन्यवाद कि आप मुझसे प्रेम करते हैं। आमीन।

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अय्यूब 6 के बारे में प्रश्न

पहली बार इसके बारे में पढ़ने वाले हर किसी के लिए छोटे उत्तर।

अय्यूब 6 किस विषय में है?
अय्यूब का पेट दर्द करता था। उसका शरीर दुखता था। बहुत, बहुत दुखता था।
अय्यूब 6 क्या कहता है?
अय्यूब रोया। उसने कहा, "मेरा दुख रेत से भी भारी है।" समुद्र की रेत बहुत भारी होती है। अय्यूब का दुख उससे भी भारी था।
अय्यूब 6 हमें परमेश्वर के बारे में क्या सिखाता है?
अय्यूब इतना दुखी था कि उसने कहा, "काश मैं मर जाता।" वह बहुत थका हुआ था। उसमें अब ताकत नहीं बची थी।
नन्हे बच्चे अय्यूब 6 से क्या सीख सकते हैं?
अय्यूब रेगिस्तान में चलने वाले थके हुए लोगों की तरह था। वे पानी ढूँढते थे। पर जब वहाँ पहुँचे, नाला सूखा मिला। अय्यूब के दोस्त भी वैसे ही थे। उसे उम्मीद थी वे उसकी मदद करेंगे। पर वे सिर्फ उसे डाँटते रहे।
अय्यूब 6 एक महत्वपूर्ण बाइबल कहानी क्यों है?
अय्यूब ने कहा, "मुझे सच बताओ अगर मैंने गलत किया। पर झूठ मत बोलो।"

दूसरों ने क्या पाया

अंतर्दृष्टि संपादकीय पर पद 10

अय्यूब मरना चाहता है, पर उसकी एक ही तसल्ली है: "मैंने पवित्र परमेश्वर के वचनों का कभी इन्कार नहीं किया।" सब कुछ छिन गया, पैसा, बच्चे, सेहत, इज़्ज़त। जो बचा, वह था परमेश्वर की बात पर उसकी पकड़। सोचो, अगर आज तुमसे सब छिन जाए, तो तुम्हारे हाथ में क्या बचेगा?

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