3 से 6 वर्ष के बच्चे के लिए

यहोशू 21

नन्हे और पूर्व-विद्यालय बच्चे (आयु 3-6) के लिए व्याख्या और बाइबल कहानी

बाइबल

व्याख्या

एक बड़ा देश था। नाम था कनान। परमेश्वर ने यह देश इस्राएल के लोगों को दिया था। पर लेवी लोगों के पास कोई ज़मीन नहीं थी। वे अलग थे। वे परमेश्वर के मंदिर में सेवा करते थे।

लेवियों के पास घर नहीं था। रहने की जगह नहीं थी।

तो एलीआजर और यहोशू के पास लेवी आए। उन्होंने कहा, "परमेश्वर ने मूसा से कहा था। हमें नगर देना। हमारे पशुओं के लिए घास के मैदान देना।"

इस्राएल के लोगों ने सुना। और उन्होंने दिया। अपनी-अपनी ज़मीन से, उन्होंने नगर दिए। हरे-हरे मैदान भी दिए, जहाँ भेड़ें और बैल घास खा सकें।

लेवियों को कुल अड़तालीस नगर मिले। कुछ यहाँ, कुछ वहाँ। हर परिवार को अपना हिस्सा मिला।

इससे क्या समझ मिलती है?

सोचो, इतने सारे नगर! एक नहीं, दो नहीं, अड़तालीस नगर।

परमेश्वर ने पहले वादा किया था। बहुत पहले, मूसा के समय में। और अब, इतने सालों बाद, वह वादा पूरा हुआ।

हर नगर, हर मैदान, हर घास का टुकड़ा, यह दिखाता है कि परमेश्वर भूलते नहीं हैं। वे जो कहते हैं, वह करते हैं।

लेवियों के पास खेत नहीं थे। पर उनके पास परमेश्वर था। और परमेश्वर ने उनका ध्यान रखा। एक-एक नगर से।

सामान्य सूत्र

परमेश्वर ने इस्राएल के पूर्वजों से शपथ खाई थी। एक वादा किया था। और आज्ञा है, "उनमें से कोई भी बात न छूटी; सब की सब पूरी हुईं।"

एक भी नहीं छूटी! सोचो कितना बड़ा वादा। और परमेश्वर ने पूरा किया।

यीशु के बारे में भी एक वादा था। बहुत पुराना। कि एक दिन परमेश्वर अपने लोगों को बचाएँगे। और यीशु आए। ठीक वैसे ही, जैसे वादा किया गया था।

परमेश्वर हमेशा अपना वादा रखते हैं।

तुम्हारे लिए

क्या तुमने कभी किसी से वादा किया है? और उसे पूरा भी किया?

परमेश्वर से भी ऐसा ही है। वे तुमसे प्यार करते हैं। और यह वादा कभी नहीं टूटता।

जब तुम डरो, या अकेला महसूस करो, याद रखना, परमेश्वर अपनी बात पूरी करते हैं। जैसे उन्होंने लेवियों के लिए नगर दिए, वैसे ही वे तुम्हारा भी ध्यान रखते हैं।

बात करने के लिए

परमेश्वर ने लेवियों को कितने नगर दिए?

क्या तुम्हें कोई ऐसा वादा याद है जो परमेश्वर ने पूरा किया?

साथ में प्रार्थना

प्रिय परमेश्वर,

आप अपना वादा हमेशा पूरा करते हैं। धन्यवाद कि आप मुझे भी नहीं भूलते।

मुझसे प्यार करते रहिए, जैसे आप लेवियों से करते थे।

आमीन।

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यहोशू 21 के बारे में प्रश्न

पहली बार इसके बारे में पढ़ने वाले हर किसी के लिए छोटे उत्तर।

यहोशू 21 किस विषय में है?
एक बड़ा देश था। नाम था कनान। परमेश्वर ने यह देश इस्राएल के लोगों को दिया था। पर लेवी लोगों के पास कोई ज़मीन नहीं थी। वे अलग थे। वे परमेश्वर के मंदिर में सेवा करते थे।
यहोशू 21 क्या कहता है?
लेवियों को कुल अड़तालीस नगर मिले। कुछ यहाँ, कुछ वहाँ। हर परिवार को अपना हिस्सा मिला।
यहोशू 21 हमें परमेश्वर के बारे में क्या सिखाता है?
लेवियों के पास खेत नहीं थे। पर उनके पास परमेश्वर था। और परमेश्वर ने उनका ध्यान रखा। एक-एक नगर से।
नन्हे बच्चे यहोशू 21 से क्या सीख सकते हैं?
यीशु के बारे में भी एक वादा था। बहुत पुराना। कि एक दिन परमेश्वर अपने लोगों को बचाएँगे। और यीशु आए। ठीक वैसे ही, जैसे वादा किया गया था।
यहोशू 21 एक महत्वपूर्ण बाइबल कहानी क्यों है?
जब तुम डरो, या अकेला महसूस करो, याद रखना, परमेश्वर अपनी बात पूरी करते हैं। जैसे उन्होंने लेवियों के लिए नगर दिए, वैसे ही वे तुम्हारा भी ध्यान रखते हैं।

दूसरों ने क्या पाया

अंतर्दृष्टि संपादकीय पर पद 27

गेर्शोनियों को जो दो नगर मिले, उनमें से एक था "शरणनगर बाशान का गोलान।" सोचो, जिनके पास अपनी कोई भूमि न थी, उन्हीं के हाथ में परमेश्वर ने शरण का नगर सौंपा। जो भागा हुआ, डरा हुआ आदमी वहाँ पहुँचता, उसे लेवीय मिलते, परमेश्वर के सेवक।

तेरे पास भी शायद बहुत कुछ न हो। पर क्या तेरा घर किसी थके हुए के लिए शरण बन सकता है?

अंतर्दृष्टि संपादकीय पर पद 9

लेवियों के पास अपनी कोई भूमि नहीं थी। यहूदा और शिमोन ने अपने ही भाग में से नगर देकर उन्हें बसाया, "ये नगर जिनके नाम लिखे हैं दिए गए।" ध्यान दो, परमेश्वर ने लेवियों की जरूरत स्वर्ग से नहीं, उनके भाइयों के हाथों से पूरी की। जो थोड़ा तुम्हारे पास है, हो सकता है वह किसी और के लिए ठिकाना बनने को दिया गया हो।

अंतर्दृष्टि संपादकीय पर पद 19

याजकों को कोई अपना भाग नहीं मिला, बस तेरह नगर और उनके चारों ओर चराइयाँ। न सीमाएँ, न प्रदेश। क्योंकि उनका भाग यहोवा स्वयं था। फिर भी परमेश्वर ने उनकी गायों बकरियों के लिए चराई की भूमि भी गिनवाई। जो कहता है "मैं ही तेरा भाग हूँ", वही तेरी छोटी ज़रूरतों को भी भूलता नहीं। तू किस चीज़ को अपनी सुरक्षा समझे बैठा है?

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For parents and teachers: विशेष रूप से 3 से 6 वर्ष के बच्चों को ज़ोर से पढ़कर सुनाने के लिए लिखा गया। इसे अपने बच्चे के साथ बातचीत की शुरुआत के रूप में उपयोग करें, एकमात्र स्रोत के रूप में नहीं। This explanation is generated automatically by language models. While we strive for theological soundness, the software can make mistakes.

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