3 से 6 वर्ष के बच्चे के लिए

लैव्यव्यवस्था 15

नन्हे और पूर्व-विद्यालय बच्चे (आयु 3-6) के लिए व्याख्या और बाइबल कहानी

बाइबल

व्याख्या

एक घर में एक छोटा बच्चा रहता था। एक दिन उसकी माँ बीमार पड़ गई। माँ ने कहा, "आज मुझे मत छुओ।" बच्चे ने पूछा, "क्यों माँ?" माँ ने प्यार से कहा, "कुछ दिन रुको। फिर मैं ठीक हो जाऊँगी।"

बहुत समय पहले, परमेश्वर ने भी इस्राएल के लोगों से ऐसी ही बात कही थी। परमेश्वर ने मूसा और हारून से कहा। उन्होंने कहा, जब किसी को कोई रोग हो, शरीर से कुछ बहता हो, तो वह कुछ दिन अशुद्ध रहेगा। वह व्यक्ति जिस बिछौने पर लेटे, वह भी अशुद्ध ठहरे। जो कोई उसे छुए, उसे जल से स्नान करना होगा। साँझ तक वह अशुद्ध रहेगा।

ऐसे ही जब कोई स्त्री बीमार हो, या जब उसका मासिक धर्म हो, तो वह भी कुछ दिन अशुद्ध ठहरे। जो कुछ वह छुए, वह अशुद्ध हो जाए।

इसका क्या अर्थ है?

सुनने में यह अजीब लगता है, है ना? पर सोचो, जब तुम्हें चोट लगती है, तो माँ कहती है, "अभी मत छुओ, दर्द होगा।" परमेश्वर भी अपने लोगों की देखभाल करते थे। वे चाहते थे कि लोग स्वस्थ रहें। वे चाहते थे कि लोग एक दूसरे का ध्यान रखें।

और परमेश्वर ने एक रास्ता भी दिया। सात दिन के बाद, व्यक्ति स्नान करे। फिर वह दो पंडुक या दो कबूतर के बच्चे ले आए। याजक मिलापवाले तम्बू के द्वार पर उनको भेंट चढ़ाए। याजक प्रायश्चित करे। फिर वह व्यक्ति फिर से शुद्ध हो जाए।

सोचो, परमेश्वर ने कहा नहीं, "तुम हमेशा के लिए दूर रहो।" परमेश्वर ने रास्ता बनाया, ताकि वह व्यक्ति फिर से पास आ सके।

समान सूत्र

परमेश्वर का निवास उनके बीच में था। परमेश्वर चाहते थे पास रहना, पर लोग शुद्ध होकर आएँ। बहुत बाद में, यीशु आए। एक स्त्री जो बहुत दिनों से बीमार थी, उसने यीशु को छुआ। यीशु ने उसे दूर नहीं किया। यीशु ने उसे चंगा किया। यीशु के पास हर कोई आ सकता है, जो बीमार है, जो थका है, जो गन्दा महसूस करता है। यीशु छूता है, और शुद्ध करता है।

तुम्हारे लिए

जब तुम बीमार हो, तो कोई तुम्हारी देखभाल करता है ना? माँ, पापा, कोई तुम्हें पानी देता है, कंबल ओढ़ाता है। परमेश्वर भी चाहते हैं कि हम एक दूसरे का ख्याल रखें, जब कोई बीमार हो। और जब तुम चंगे हो जाओ, तो तुम फिर दौड़ सकते हो, खेल सकते हो, गले मिल सकते हो।

जब तुम बीमार होते हो, तो तुम्हारा ख्याल कौन रखता है?

तुम्हें क्या लगता है, यीशु ने उस बीमार स्त्री को छूने से मना क्यों नहीं किया?

साथ में प्रार्थना

प्रिय परमेश्वर, धन्यवाद कि आप हमारा ख्याल रखते हैं। जब हम बीमार हों, हमें ठीक कर दीजिए। और हमें सिखाइए कि हम भी एक दूसरे की देखभाल करें। यीशु के नाम में, आमीन।

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लैव्यव्यवस्था 15 के बारे में प्रश्न

पहली बार इसके बारे में पढ़ने वाले हर किसी के लिए छोटे उत्तर।

लैव्यव्यवस्था 15 किस विषय में है?
एक घर में एक छोटा बच्चा रहता था। एक दिन उसकी माँ बीमार पड़ गई। माँ ने कहा, "आज मुझे मत छुओ।" बच्चे ने पूछा, "क्यों माँ?" माँ ने प्यार से कहा, "कुछ दिन रुको। फिर मैं ठीक हो जाऊँगी।"
लैव्यव्यवस्था 15 क्या कहता है?
ऐसे ही जब कोई स्त्री बीमार हो, या जब उसका मासिक धर्म हो, तो वह भी कुछ दिन अशुद्ध ठहरे। जो कुछ वह छुए, वह अशुद्ध हो जाए।
लैव्यव्यवस्था 15 हमें परमेश्वर के बारे में क्या सिखाता है?
और परमेश्वर ने एक रास्ता भी दिया। सात दिन के बाद, व्यक्ति स्नान करे। फिर वह दो पंडुक या दो कबूतर के बच्चे ले आए। याजक मिलापवाले तम्बू के द्वार पर उनको भेंट चढ़ाए। याजक प्रायश्चित करे। फिर वह व्यक्ति फिर से शुद्ध हो जाए।
नन्हे बच्चे लैव्यव्यवस्था 15 से क्या सीख सकते हैं?
परमेश्वर का निवास उनके बीच में था। परमेश्वर चाहते थे पास रहना, पर लोग शुद्ध होकर आएँ। बहुत बाद में, यीशु आए। एक स्त्री जो बहुत दिनों से बीमार थी, उसने यीशु को छुआ। यीशु ने उसे दूर नहीं किया। यीशु ने उसे चंगा किया। यीशु के पास हर कोई आ सकता है, जो बीमार है, जो थका है, जो गन्दा महसूस करता है। यीशु छूता है, और शुद्ध करता है।
लैव्यव्यवस्था 15 एक महत्वपूर्ण बाइबल कहानी क्यों है?
जब तुम बीमार होते हो, तो तुम्हारा ख्याल कौन रखता है?

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For parents and teachers: विशेष रूप से 3 से 6 वर्ष के बच्चों को ज़ोर से पढ़कर सुनाने के लिए लिखा गया। इसे अपने बच्चे के साथ बातचीत की शुरुआत के रूप में उपयोग करें, एकमात्र स्रोत के रूप में नहीं। This explanation is generated automatically by language models. While we strive for theological soundness, the software can make mistakes.

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