3 से 6 वर्ष के बच्चे के लिए

मरकुस 8

नन्हे और पूर्व-विद्यालय बच्चे (आयु 3-6) के लिए व्याख्या और बाइबल कहानी

बाइबल

बड़ी भीड़, थोड़ी रोटी

बहुत लोग थे। बहुत, बहुत लोग। वे तीन दिन से यीशु के पास बैठे थे। उनके पास खाने को कुछ नहीं था। पेट खाली था। बच्चे थके थे। यीशु ने अपने चेलों को बुलाया। उन्होंने कहा, "मुझे इन लोगों पर तरस आता है।"

चेलों ने पूछा, "यहाँ रोटी कहाँ से लाएँ?" यीशु ने पूछा, "तुम्हारे पास कितनी रोटियाँ हैं?" उन्होंने कहा, "सात।" सिर्फ सात रोटियाँ। इतने सारे लोगों के लिए।

यीशु ने लोगों को ज़मीन पर बैठाया। उन्होंने सात रोटियाँ हाथ में लीं। परमेश्वर को धन्यवाद दिया। फिर रोटियाँ तोड़ीं। चेलों ने रोटी बाँटी। और बाँटी। और बाँटी। कुछ छोटी मछलियाँ भी थीं, वे भी बाँटी गईं।

सब लोगों ने खाया। सबका पेट भर गया। और जो बचा, वह सात बड़ी टोकरियों में भर गया। चार हज़ार लोग थे, और सबके पास रोटी थी।

यह बताता क्या है?

इसके बाद यीशु नाव में बैठे। चेले रोटी लेना भूल गए थे। नाव में सिर्फ एक रोटी थी। वे आपस में बात करने लगे, "हमारे पास रोटी नहीं है।"

यीशु ने सुना। उन्होंने पूछा, "क्या तुम भूल गए? जब पाँच रोटियों से पाँच हज़ार लोगों ने खाया, कितनी टोकरियाँ बचीं?" चेलों ने कहा, "बारह।" "और सात रोटियों से?" "सात टोकरियाँ।"

यीशु उनकी आँखों में देख रहे थे। वे चाहते थे कि चेले समझें, यीशु के पास सब कुछ है।

एक और चमत्कार

फिर यीशु बैतसैदा गए। लोग एक अंधे आदमी को लाए। यीशु ने उसका हाथ पकड़ा। उसे गाँव के बाहर ले गए। उन्होंने उसकी आँखों को छुआ। पूछा, "क्या तू कुछ देखता है?" आदमी ने कहा, "मुझे लोग दिखते हैं, पर वे पेड़ जैसे लगते हैं।" यीशु ने फिर उसकी आँखों पर हाथ रखा। अब वह आदमी सब कुछ साफ देखने लगा।

तू मसीह है

रास्ते में यीशु ने चेलों से पूछा, "लोग मुझे क्या कहते हैं?" उन्होंने कई नाम बताए। फिर यीशु ने पूछा, "पर तुम मुझे क्या कहते हो?" पतरस ने कहा, "तू मसीह है।" यीशु ने बताया कि वे दुख उठाएँगे, मर जाएँगे, और तीन दिन बाद फिर जी उठेंगे।

एक ही धागा

यीशु सबके लिए रोटी बाँटते हैं। वे अंधे को देखना देते हैं। वे मसीह हैं, परमेश्वर के भेजे हुए। वे सबका ख्याल रखते हैं, चाहे भूख हो या अंधापन।

तेरे लिए

जब तेरे पास कम हो, तब भी यीशु के पास काफी है। तू उनसे माँग सकता है।

बातचीत के लिए: जब सात रोटियों से चार हज़ार लोग खाकर तृप्त हुए, तुझे कैसा लगता है?

यीशु ने अंधे आदमी को छुआ। तू सोचता है, उस आदमी को कैसा महसूस हुआ होगा?

आओ प्रार्थना करें

प्रिय यीशु, आप भूखों को रोटी देते हैं। आप अंधों को आँखें देते हैं। आप ही मसीह हैं। हमारा भी ख्याल रखिए। आमीन।

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मरकुस 8 के बारे में प्रश्न

पहली बार इसके बारे में पढ़ने वाले हर किसी के लिए छोटे उत्तर।

मरकुस 8 किस विषय में है?
बहुत लोग थे। बहुत, बहुत लोग। वे तीन दिन से यीशु के पास बैठे थे। उनके पास खाने को कुछ नहीं था। पेट खाली था। बच्चे थके थे। यीशु ने अपने चेलों को बुलाया। उन्होंने कहा, "मुझे इन लोगों पर तरस आता है।"
मरकुस 8 क्या कहता है?
सब लोगों ने खाया। सबका पेट भर गया। और जो बचा, वह सात बड़ी टोकरियों में भर गया। चार हज़ार लोग थे, और सबके पास रोटी थी।
मरकुस 8 हमें परमेश्वर के बारे में क्या सिखाता है?
यीशु उनकी आँखों में देख रहे थे। वे चाहते थे कि चेले समझें, यीशु के पास सब कुछ है।
नन्हे बच्चे मरकुस 8 से क्या सीख सकते हैं?
यीशु सबके लिए रोटी बाँटते हैं। वे अंधे को देखना देते हैं। वे मसीह हैं, परमेश्वर के भेजे हुए। वे सबका ख्याल रखते हैं, चाहे भूख हो या अंधापन।
मरकुस 8 एक महत्वपूर्ण बाइबल कहानी क्यों है?
यीशु ने अंधे आदमी को छुआ। तू सोचता है, उस आदमी को कैसा महसूस हुआ होगा?

दूसरों ने क्या पाया

अंतर्दृष्टि संपादकीय पर पद 13

फरीसियों ने चिन्ह माँगा, और यीशु ने गहरी सांस लेकर उन्हें कुछ न दिया। फिर लिखा है, "और वह उन्हें छोड़कर फिर नाव पर चढ़ गया, और पार चला गया।"

सोचो, वह चला गया। जो हृदय सबूत माँगता है पर विश्वास नहीं करना चाहता, उसके पास मसीह बहस करने नहीं रुकता।

तुम उससे क्या माँग रहे हो? चिन्ह, या उसे स्वयं?

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हमारे पास प्राथमिक आयु (7-12) और किशोरों (12 और उससे ऊपर) के लिए भी विशेष संस्करण हैं।

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For parents and teachers: विशेष रूप से 3 से 6 वर्ष के बच्चों को ज़ोर से पढ़कर सुनाने के लिए लिखा गया। इसे अपने बच्चे के साथ बातचीत की शुरुआत के रूप में उपयोग करें, एकमात्र स्रोत के रूप में नहीं। This explanation is generated automatically by language models. While we strive for theological soundness, the software can make mistakes.

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