नहेम्याह 13
छोटे बच्चे और प्री स्कूल (3 से 5 वर्ष) के लिए व्याख्या और बाइबल कहानी
व्याख्या
नहेम्याह एक आदमी था। वह परमेश्वर के घर से बहुत प्यार करता था।
एक दिन वह दूर गया था। जब वह लौटा, तो उसने देखा। कुछ गड़बड़ था।
एक बड़े कमरे में, जहाँ परमेश्वर के घर की अच्छी चीज़ें रखी जाती थीं, वहाँ अब और ही सामान रखा था। किसी और आदमी का सामान। उसका नाम तोबियाह था।
नहेम्याह को यह अच्छा नहीं लगा। बिल्कुल नहीं। उसने सारा सामान बाहर फेंक दिया। फिर कमरे को फिर से साफ किया। और परमेश्वर की अच्छी चीज़ें वापस रख दीं।
फिर नहेम्याह ने और देखा। जो लोग परमेश्वर के घर में काम करते थे, उन्हें उनका हिस्सा नहीं मिला था। इसलिए वे घर जाकर खेतों में चले गए थे। परमेश्वर का घर खाली पड़ा था।
नहेम्याह ने कहा, "यह क्यों हुआ?" उसने सब लोगों को फिर बुलाया। हर एक को फिर से उसका काम दिया।
फिर एक और बात। आराम का दिन था, सब्त का दिन। उस दिन लोगों को आराम करना था। पर कुछ लोग उस दिन भी काम कर रहे थे। दाख रौंद रहे थे। चीज़ें बेच रहे थे।
नहेम्याह ने शहर के फाटक बंद करवा दिए। जब सब्त का दिन आता, फाटक बंद हो जाते। कोई अंदर नहीं आ सकता था। बाहर व्यापारी इंतज़ार करते, पर अंदर नहीं आ पाते।
इसका मतलब क्या है?
नहेम्याह परमेश्वर के घर की देखभाल करता था। जैसे कोई अपने घर की सफाई करता है। जैसे कोई अपनी बगिया को सँवारता है।
वह चाहता था, परमेश्वर का घर साफ रहे। सब्त का दिन खास रहे। हर कोई अपना काम ठीक से करे।
जब नहेम्याह को कुछ गलत दिखा, वह चुप नहीं रहा। उसने ठीक किया। धीरे से नहीं, तुरंत।
समान सूत्र
नहेम्याह बार-बार परमेश्वर से कहता था, "हे मेरे परमेश्वर, मेरे हित के लिये यह स्मरण रख।" जैसे कोई बच्चा अपने पिता को बुलाता है।
नहेम्याह जानता था, परमेश्वर उसे देख रहे हैं। परमेश्वर सब कुछ याद रखते हैं। अच्छे काम भी, और प्यार भी।
बहुत बाद में, यीशु मसीह आए। वे भी परमेश्वर के घर से प्यार करते थे। वे चाहते थे, परमेश्वर का घर साफ और सच्चा रहे।
तुम्हारे लिए
क्या तुम्हारा भी कोई खास कमरा है? जहाँ तुम अपनी प्यारी चीज़ें रखते हो?
परमेश्वर का घर भी खास है। हम वहाँ जाकर परमेश्वर से मिलते हैं। हमें उसका ध्यान रखना चाहिए।
और जब तुम कुछ गलत करते हो, परमेश्वर तुम्हें देख रहे हैं। पर वे तुमसे प्यार भी करते हैं।
बातचीत के लिए
क्या तुमने कभी अपना कमरा साफ किया है? कैसा लगा?
नहेम्याह परमेश्वर से क्या-क्या कहता था? तुम भी परमेश्वर से बात कर सकते हो?
साथ में प्रार्थना
हे परमेश्वर, आपका घर प्यारा है। मुझे भी आपसे प्यार करना सिखाइए। मुझे याद रखिए, जैसे आपने नहेम्याह को याद रखा। आमीन।
नहेम्याह 13 के बारे में प्रश्न
पहली बार इसके बारे में पढ़ने वाले हर किसी के लिए छोटे उत्तर।
नहेम्याह 13 किस विषय में है?
नहेम्याह 13 क्या कहता है?
नहेम्याह 13 हमें परमेश्वर के बारे में क्या सिखाता है?
नन्हे बच्चे नहेम्याह 13 से क्या सीख सकते हैं?
नहेम्याह 13 एक महत्वपूर्ण बाइबल कहानी क्यों है?
दूसरों ने क्या पाया
नहेम्याह ने उँगली उठाकर नहीं कहा, "तुम ऐसा क्यों करते हो?" उसने पूछा, "क्या हम तुम्हारी सुनकर यह सब बड़ी बुराई करें, कि अपने परमेश्वर का विश्वासघात करें?" हम। वह अपने आप को भी उसी घेरे में रखता है। और शब्द देखो, विश्वासघात। यह केवल नियम तोड़ना नहीं, किसी का भरोसा तोड़ना है। तेरे जीवन में वह छोटी सी बात कौन सी है, जो धीरे धीरे तेरे मन को उससे दूर खींच रही है?
नहेम्याह ने सिर्फ़ तोबियाह का सामान बाहर नहीं फेंका। उसने कहा, "तब मेरी आज्ञा से कोठरियाँ शुद्ध की गईं, और मैंने परमेश्वर के भवन के पात्र और अन्नबलि और लोबान उनमें फिर से रखवा दिए।" खाली करना आधा काम है। जिस जगह से तूने कोई आदत निकाली है, वहाँ अगर प्रार्थना और वचन वापस न रखे, तो वह कोठरी ज़्यादा दिन खाली नहीं रहेगी।
नहेम्याह ठीक उसी घाव पर उँगली रखता है जिसे लोग भूल चुके थे: "क्या तुम्हारे पुरखा ऐसा नहीं करते थे?" बंधुआई का दर्द अभी पुराना नहीं हुआ था, फिर भी वही पाप लौट आया। सोचो, परमेश्वर ने जो सबक तुम्हें आँसुओं से सिखाया, कहीं तुम उसे दोबारा दोहरा नहीं रहे? कुछ चीज़ें दूसरी बार सीखना बहुत भारी पड़ता है।
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