3 से 6 वर्ष के बच्चे के लिए

व्यवस्थाविवरण 16

नन्हे और पूर्व-विद्यालय बच्चे (आयु 3-6) के लिए व्याख्या और बाइबल कहानी

बाइबल

व्याख्या

एक दिन था। बहुत खास दिन। परमेश्वर ने कहा, "एक भोज बनाओ।" सब लोग इकट्ठे हुए। माँ, बाबा, बेटे, बेटियाँ। मेमने की रोटी सेंकी गई। बिना खमीर की रोटी। वह रोटी सादी थी। पर उसकी खुशबू अच्छी थी। परमेश्वर ने कहा, "यह रोटी खाओ। और याद करो।" याद करो कैसे परमेश्वर अपने लोगों को मिस्र से बाहर लाए। रात में निकाले। अंधेरे में। पर परमेश्वर साथ थे। सात दिन तक वह रोटी खाई जाती थी। हर बार याद करते थे।

फिर एक और भोज आया। जब फसल कट जाती थी। गेहूँ के खेत सुनहरे होते थे। हवा में उड़ते थे। लोग खुशी से भरे थे। नाचते थे। गाते थे।

फिर एक और भोज। पतझड़ में। अंगूर के कुण्ड भरे हुए थे। मीठी खुशबू हर तरफ थी। सात दिन तक झोपड़ियों में रहते थे। और आनन्द करते थे।

इसका क्या मतलब है?

पर सुनो, यह भोज सिर्फ अपने परिवार के लिए नहीं था। परमेश्वर ने कहा, "अपने दास-दासियों को भी बुलाओ।" "जो अनजान हैं, उनको भी बुलाओ।" "जो माँ-बाप के बिना हैं, उनको भी बुलाओ।" "जिनके पति नहीं हैं, उन विधवाओं को भी बुलाओ।" कोई भी बाहर नहीं रहेगा। सब मिलकर खाएँगे। सब मिलकर परमेश्वर के सामने खुश होंगे। परमेश्वर ने याद दिलाया, "तुम भी तो दास थे मिस्र में।" इसलिए तुम भी दूसरों को अपनाओ। जैसे परमेश्वर ने तुम्हें अपनाया।

समान सूत्र

बहुत साल बाद, एक और मेमना आया। वह मेमना यीशु मसीह थे। जैसे मेमने का लहू लोगों को बचाता था, वैसे ही यीशु ने अपना जीवन दिया, सबको बचाने के लिये। और यीशु ने भी सबको बुलाया। बीमारों को, अकेलों को, भूले हुओं को। यीशु की मेज पर हर कोई बैठ सकता है।

तुम्हारे लिए

तुम भी परमेश्वर की मेज पर बुलाए गए हो। जब तुम खाना खाते हो, याद करो, परमेश्वर ने दिया। और जब तुम्हारा कोई दोस्त अकेला हो, उसे अपने पास बुलाओ। उसके साथ खेलो। जैसे परमेश्वर ने सबको बुलाया।

बात करें

तुम्हें सबसे ज्यादा किस भोज में जाना पसंद है, जन्मदिन का या त्योहार का?

अगर कोई बच्चा अकेला बैठा हो, तुम क्या करोगे?

साथ में प्रार्थना

प्रिय परमेश्वर, धन्यवाद कि आप हमें अपनी मेज पर बुलाते हैं। हमें भी दूसरों को बुलाने में मदद करें। यीशु के नाम में, आमीन।

यह बाइबल कहानी साझा करें

अन्य माता पिता या शिक्षकों के लिए, जिन्हें यह उपयोगी लग सकता है।

WhatsApp Email Facebook X / Twitter

व्यवस्थाविवरण 16 के बारे में प्रश्न

पहली बार इसके बारे में पढ़ने वाले हर किसी के लिए छोटे उत्तर।

व्यवस्थाविवरण 16 किस विषय में है?
एक दिन था। बहुत खास दिन। परमेश्वर ने कहा, "एक भोज बनाओ।" सब लोग इकट्ठे हुए। माँ, बाबा, बेटे, बेटियाँ। मेमने की रोटी सेंकी गई। बिना खमीर की रोटी। वह रोटी सादी थी। पर उसकी खुशबू अच्छी थी। परमेश्वर ने कहा, "यह रोटी खाओ। और याद करो।" याद करो कैसे परमेश्वर अपने लोगों को मिस्र से बाहर लाए। रात में निकाले। अंधेरे में। पर परमेश्वर साथ थे। सात दिन तक वह रोटी खाई जाती थी। हर बार याद करते थे।
व्यवस्थाविवरण 16 क्या कहता है?
फिर एक और भोज आया। जब फसल कट जाती थी। गेहूँ के खेत सुनहरे होते थे। हवा में उड़ते थे। लोग खुशी से भरे थे। नाचते थे। गाते थे।
व्यवस्थाविवरण 16 हमें परमेश्वर के बारे में क्या सिखाता है?
फिर एक और भोज। पतझड़ में। अंगूर के कुण्ड भरे हुए थे। मीठी खुशबू हर तरफ थी। सात दिन तक झोपड़ियों में रहते थे। और आनन्द करते थे।
नन्हे बच्चे व्यवस्थाविवरण 16 से क्या सीख सकते हैं?
पर सुनो, यह भोज सिर्फ अपने परिवार के लिए नहीं था। परमेश्वर ने कहा, "अपने दास-दासियों को भी बुलाओ।" "जो अनजान हैं, उनको भी बुलाओ।" "जो माँ-बाप के बिना हैं, उनको भी बुलाओ।" "जिनके पति नहीं हैं, उन विधवाओं को भी बुलाओ।" कोई भी बाहर नहीं रहेगा। सब मिलकर खाएँगे। सब मिलकर परमेश्वर के सामने खुश होंगे। परमेश्वर ने याद दिलाया, "तुम भी तो दास थे मिस्र में।" इसलिए तुम भी दूसरों को अपनाओ। जैसे परमेश्वर ने तुम्हें अपनाया।
व्यवस्थाविवरण 16 एक महत्वपूर्ण बाइबल कहानी क्यों है?
बहुत साल बाद, एक और मेमना आया। वह मेमना यीशु मसीह थे। जैसे मेमने का लहू लोगों को बचाता था, वैसे ही यीशु ने अपना जीवन दिया, सबको बचाने के लिये। और यीशु ने भी सबको बुलाया। बीमारों को, अकेलों को, भूले हुओं को। यीशु की मेज पर हर कोई बैठ सकता है।

दूसरों ने क्या पाया

अंतर्दृष्टि संपादकीय पर पद 18

तू अपने एक एक गोत्र में, अपने सब फाटकों के भीतर जिन्हें तेरा परमेश्वर यहोवा तुझे देता है, न्यायी और सरदार नियुक्त कर लेना, जो लोगों का न्याय धर्म से किया करें।"

ध्यान दे, न्याय मंदिर में नहीं, फाटक पर बैठता है। वहीं जहाँ लोग सौदा करते, झगड़ते, रोते थे। परमेश्वर चाहता है कि उसकी धार्मिकता तेरी रोज़ की बातचीत तक पहुँचे। तेरे फाटक पर आज कौन इंसाफ़ की बाट जोह रहा है?

थोड़े बड़े बच्चों के लिए कुछ ढूँढ रहे हैं?

हमारे पास प्राथमिक आयु (7-12) और किशोरों (12 और उससे ऊपर) के लिए भी विशेष संस्करण हैं।

बच्चों की बाइबल टूल में खोलें

For parents and teachers: विशेष रूप से 3 से 6 वर्ष के बच्चों को ज़ोर से पढ़कर सुनाने के लिए लिखा गया। इसे अपने बच्चे के साथ बातचीत की शुरुआत के रूप में उपयोग करें, एकमात्र स्रोत के रूप में नहीं। This explanation is generated automatically by language models. While we strive for theological soundness, the software can make mistakes.

© 2026 Faith.Network. सर्वाधिकार सुरक्षित।

Faith.network एक सेवकाई है Faith.network · KvK 84972599 · connect@faith.network