3 से 6 वर्ष के बच्चे के लिए

नीतिवचन 24

नन्हे और पूर्व-विद्यालय बच्चे (आयु 3-6) के लिए व्याख्या और बाइबल कहानी

बाइबल

व्याख्या

शाम हो रही थी। सूरज धीरे-धीरे डूब रहा था। एक पिता अपने छोटे बेटे के पास बैठा था। उसके हाथ में शहद का छत्ता था। वह सुनहरा था, और थोड़ा चिपचिपा भी। शहद से मीठी-मीठी खुशबू आ रही थी। पिता ने कहा, "बेटा, यह शहद चख कर देख। यह कितना मीठा है।" बेटे ने उंगली से थोड़ा शहद लिया और चखा। वह हँस पड़ा। "बहुत मीठा है!" वह बोला। पिता ने कहा, "बुद्धि भी ऐसी ही मीठी होती है। जिसे बुद्धि मिल जाती है, उसकी आशा कभी नहीं टूटती।"

फिर पिता बेटे को बाहर ले गया। वे एक खेत के पास से निकले। हवा में धूल उड़ रही थी। यह खेत एक आलसी आदमी का था। वहाँ कांटे ही कांटे उगे थे। बिच्छू वाले पौधे चारों तरफ फैले थे। पत्थर की दीवार टूट कर गिर गई थी। आलसी आदमी कहीं दिखा नहीं। वह अंदर सो रहा था। "थोड़ी नींद, थोड़ी और नींद," वह बस यही कहता रहता था।

पिता ने बेटे का हाथ कसकर पकड़ा। "देख बेटा," उसने कहा। "जो काम नहीं करता, उसका घर गिर जाता है। जो थोड़ी देर और सो लेता है, वह कंगाल हो जाता है।"

इसका क्या अर्थ है?

फिर वे एक दूसरे घर के पास से गुजरे। यह घर एकदम अलग था। उसकी दीवारें मजबूत थीं। उसके कमरे अच्छी और कीमती चीज़ों से भरे थे। यह घर बुद्धि से बना था। समझ ने उसे मजबूत किया था। पिता ने कहा, "बेटा, बुद्धि से घर बनता है। बुद्धि एक बलवान आदमी से भी बढ़कर है।"

पिता ने एक और बात बताई। "अच्छा आदमी कभी गिर जाता है। पर वह फिर उठ खड़ा होता है। चाहे वह सात बार गिरे, वह उठता ही रहता है।"

बेटे ने पूछा, "यह बुद्धि मुझे कहाँ मिलेगी?"

सामान्य सूत्र

पिता मुस्कुराया। उसने ऊपर आकाश की ओर देखा। "परमेश्वर हर एक काम को देखते हैं," उसने कहा। "परमेश्वर हमारे मन को जांचते हैं। वे हमारे प्राणों की रक्षा करते हैं। वे जानते हैं हमने क्या किया।" परमेश्वर सब कुछ जानते हैं, छोटी सी बात भी। परमेश्वर हर बच्चे को देखते हैं। वे जानते हैं कौन मेहनत करता है। वे यह भी जानते हैं कौन सोता ही रहता है। परमेश्वर हमसे बहुत प्रेम करते हैं। वे चाहते हैं कि हम बुद्धिमान बनें, जैसे वह बच्चा जिसने मीठा शहद चुना।

तुम्हारे लिए

तुम भी बुद्धि चुन सकते हो। जब तुम्हारे खिलौने बिखरे हों, तुम उन्हें उठाकर रख दो। जब कोई मदद मांगे, तुम उसकी मदद करो। थोड़ी देर और सोने के लिए अपना काम मत छोड़ो। मीठे शहद जैसी बुद्धि चुन लो। अगर तुम गिर जाओ, तो फिर उठ जाओ। परमेश्वर तुम्हें देखते हैं, और वे खुश होते हैं।

बात करें

आओ मिलकर प्रार्थना करें

हे परमेश्वर, आप मुझे देखते हैं। मुझे बुद्धिमान बनाइए। मुझे मीठी बुद्धि दीजिए, जैसे शहद मीठा होता है। बहुत धन्यवाद। आमेन।

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नीतिवचन 24 के बारे में प्रश्न

पहली बार इसके बारे में पढ़ने वाले हर किसी के लिए छोटे उत्तर।

नीतिवचन 24 किस विषय में है?
शाम हो रही थी। सूरज धीरे-धीरे डूब रहा था। एक पिता अपने छोटे बेटे के पास बैठा था। उसके हाथ में शहद का छत्ता था। वह सुनहरा था, और थोड़ा चिपचिपा भी। शहद से मीठी-मीठी खुशबू आ रही थी। पिता ने कहा, "बेटा, यह शहद चख कर देख। यह कितना मीठा है।" बेटे ने उंगली से थोड़ा शहद लिया और चखा। वह हँस पड़ा। "बहुत मीठा है!
नीतिवचन 24 क्या कहता है?
फिर पिता बेटे को बाहर ले गया। वे एक खेत के पास से निकले। हवा में धूल उड़ रही थी। यह खेत एक आलसी आदमी का था। वहाँ कांटे ही कांटे उगे थे। बिच्छू वाले पौधे चारों तरफ फैले थे। पत्थर की दीवार टूट कर गिर गई थी। आलसी आदमी कहीं दिखा नहीं। वह अंदर सो रहा था। "थोड़ी नींद, थोड़ी और नींद," वह बस यही कहता रहता था।
नीतिवचन 24 हमें परमेश्वर के बारे में क्या सिखाता है?
पिता ने बेटे का हाथ कसकर पकड़ा। "देख बेटा," उसने कहा। "जो काम नहीं करता, उसका घर गिर जाता है। जो थोड़ी देर और सो लेता है, वह कंगाल हो जाता है।"
नन्हे बच्चे नीतिवचन 24 से क्या सीख सकते हैं?
फिर वे एक दूसरे घर के पास से गुजरे। यह घर एकदम अलग था। उसकी दीवारें मजबूत थीं। उसके कमरे अच्छी और कीमती चीज़ों से भरे थे। यह घर बुद्धि से बना था। समझ ने उसे मजबूत किया था। पिता ने कहा, "बेटा, बुद्धि से घर बनता है। बुद्धि एक बलवान आदमी से भी बढ़कर है।"
नीतिवचन 24 एक महत्वपूर्ण बाइबल कहानी क्यों है?
पिता ने एक और बात बताई। "अच्छा आदमी कभी गिर जाता है। पर वह फिर उठ खड़ा होता है। चाहे वह सात बार गिरे, वह उठता ही रहता है।"

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For parents and teachers: विशेष रूप से 3 से 6 वर्ष के बच्चों को ज़ोर से पढ़कर सुनाने के लिए लिखा गया। इसे अपने बच्चे के साथ बातचीत की शुरुआत के रूप में उपयोग करें, एकमात्र स्रोत के रूप में नहीं। This explanation is generated automatically by language models. While we strive for theological soundness, the software can make mistakes.

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