3 से 6 वर्ष के बच्चे के लिए

सभोपदेशक 8

नन्हे और पूर्व-विद्यालय बच्चे (आयु 3-6) के लिए व्याख्या और बाइबल कहानी

बाइबल

व्याख्या

एक दादा जी थे। बहुत बुद्धिमान। वे एक छोटे बच्चे की तरफ देखते थे और सोचते थे।

वे सोचते थे, "कल क्या होगा?"

पर दादा जी को पता नहीं था। कोई भी नहीं जानता कल क्या होगा।

हवा कब आएगी? कोई नहीं जानता। पत्ता कब गिरेगा? कोई नहीं जानता।

दादा जी ने कहा, "हम अपनी साँस भी नहीं रोक सकते।" सच में! कोशिश करो। साँस फिर से आ ही जाती है।

इसका क्या अर्थ है?

दादा जी ने चारों ओर देखा। उन्होंने कुछ दुखी बात देखी।

कभी-कभी अच्छे लोग दुखी होते हैं। कभी-कभी बुरे लोग मजे करते हैं। यह सही नहीं लगता।

दादा जी ने कहा, "यह भी अजीब है।"

पर फिर दादा जी मुस्कुराए। उन्होंने एक बात पक्की जानी।

जो लोग परमेश्वर से डरते हैं, यानी परमेश्वर को बहुत प्यार और आदर देते हैं, उनका भला होगा। परमेश्वर उन्हें नहीं भूलते।

समानता सूत्र

दादा जी ने कहा, "खाओ, पीओ, आनन्द करो।" रोटी का स्वाद चखो। पानी ठंडा पियो। हँसो।

क्योंकि परमेश्वर ही यह सब देते हैं।

दादा जी हर बात नहीं समझ सके। उन्होंने कहा, "परमेश्वर का काम बहुत बड़ा है। मैं उसकी थाह नहीं पा सकता।"

पर एक दिन, यीशु आए। यीशु ने कहा, छोटे बच्चों को मेरे पास आने दो।

यीशु सब कुछ नहीं समझाते। पर यीशु हाथ पकड़ते हैं। वे साथ चलते हैं। अंधेरे में भी।

तुम्हारे लिए

तुम भी कभी-कभी नहीं समझते, "ऐसा क्यों हुआ?" यह ठीक है। दादा जी भी नहीं समझे।

पर तुम परमेश्वर से प्यार कर सकते हो। तुम उनका हाथ पकड़ सकते हो।

आज रोटी खाओ, पानी पियो, हँसो। परमेश्वर यह तुम्हें देते हैं।

बातचीत के लिए:

क्या तुम्हें याद है, जब तुम नहीं समझे कि कुछ क्यों हुआ?

आज तुम किस चीज़ के लिए परमेश्वर को धन्यवाद दे सकते हो?

साथ में प्रार्थना

प्रिय परमेश्वर,

मैं सब कुछ नहीं समझता। पर आप सब जानते हैं।

आपका हाथ पकड़ना अच्छा लगता है।

रोटी के लिए धन्यवाद। हँसी के लिए धन्यवाद।

आमीन।

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सभोपदेशक 8 के बारे में प्रश्न

पहली बार इसके बारे में पढ़ने वाले हर किसी के लिए छोटे उत्तर।

सभोपदेशक 8 किस विषय में है?
एक दादा जी थे। बहुत बुद्धिमान। वे एक छोटे बच्चे की तरफ देखते थे और सोचते थे।
सभोपदेशक 8 क्या कहता है?
कभी-कभी अच्छे लोग दुखी होते हैं। कभी-कभी बुरे लोग मजे करते हैं। यह सही नहीं लगता।
सभोपदेशक 8 हमें परमेश्वर के बारे में क्या सिखाता है?
दादा जी ने कहा, "खाओ, पीओ, आनन्द करो।" रोटी का स्वाद चखो। पानी ठंडा पियो। हँसो।
नन्हे बच्चे सभोपदेशक 8 से क्या सीख सकते हैं?
यीशु सब कुछ नहीं समझाते। पर यीशु हाथ पकड़ते हैं। वे साथ चलते हैं। अंधेरे में भी।
सभोपदेशक 8 एक महत्वपूर्ण बाइबल कहानी क्यों है?
आज रोटी खाओ, पानी पियो, हँसो। परमेश्वर यह तुम्हें देते हैं।

दूसरों ने क्या पाया

अंतर्दृष्टि संपादकीय पर पद 3

राजा के सम्मुख से लौट जाने में उतावली न कर, और न किसी बुरी बात पर हठ कर।" गुस्से में दरवाज़ा पटककर निकल जाना आसान लगता है, पर सुलैमान कहता है, ठहर जा। कई बार हमारी उतावली हमें उस जगह से बाहर ले जाती है जहाँ परमेश्वर ने हमें रखा था। और हठ? वह बुरी बात को सही नहीं बनाता, बस हमें उससे बाँध देता है। आज तू कहाँ जल्दबाज़ी कर रहा है?

अंतर्दृष्टि संपादकीय पर पद 9

सुलैमान कहता है, "मनुष्य पर अधिकार करके दूसरे मनुष्य की हानि करता है।" उसने यह सब देखा, ध्यान लगाकर देखा। सत्ता हाथ में आते ही इंसान अक्सर दूसरे को दबाने लगता है। शायद तुम्हारे ऊपर भी कोई ऐसा है, या शायद तुम्हारे हाथ में थोड़ा अधिकार है, घर में, दफ़्तर में, कलीसिया में। रुककर पूछो, मैं इसका उपयोग किसकी भलाई के लिए कर रहा हूँ?

थोड़े बड़े बच्चों के लिए कुछ ढूँढ रहे हैं?

हमारे पास प्राथमिक आयु (7-12) और किशोरों (12 और उससे ऊपर) के लिए भी विशेष संस्करण हैं।

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For parents and teachers: विशेष रूप से 3 से 6 वर्ष के बच्चों को ज़ोर से पढ़कर सुनाने के लिए लिखा गया। इसे अपने बच्चे के साथ बातचीत की शुरुआत के रूप में उपयोग करें, एकमात्र स्रोत के रूप में नहीं। This explanation is generated automatically by language models. While we strive for theological soundness, the software can make mistakes.

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